ईरान में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। एक्स सुप्रीम लीडर आया अली खामोनई की संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल के हमलों में मौत के 9 दिन बाद उनके बेटे मुस्तबा खामनई को देश का नया सुप्रीम लीडर अनाउंस किया गया है। ईरान के सरकारी टीवी ने रविवार रात यह अनाउंसमेंट की। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के बयान में कहा गया कि 56 साल के मुस्तबा खामई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता यानी सुप्रीम लीडर चुना गया है।
बयान के मुताबिक यह फैसला असेंबली के लीडर्स के निर्णायक वोट के आधार पर लिया गया। लंबे समय से मुस्तबा को इस पद का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था। यहां तक कि युद्ध शुरू होने से पहले भी राजनीतिक हलकों में उनका नाम चर्चा में था। मुस्तबा खामनई की निजी जिंदगी के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी अवेलेबल नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 1999 में ज़हरा हद्दाद अदेल से निकाह किया था।
ज़हरा ईरान के प्रमुख कंजर्वेटिव नेता और पूर्व संसद स्पीकर गोलम अली हद्दाद अदेल की बेटी थी। उस वक्त इस निकाह को ईरान की राजनीति में एक अहम रणनीतिक गठबंधन के तौर पर देखा गया था। मुस्तबा की शादी देश के सर्वोच्च नेतृत्व और कंजर्वेटिव राजनीतिक धड़े के बीच रिश्तों को और मजबूत करने वाला कदम था। उस दौर में घुलम अली हद्दाद अदेल भी ईरान के कंजर्वेटिव राजनीति में तेजी से प्रभावशाली नेता के तौर पर उभर रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज़हरा हद्दाद अदेल की मौत उसी वक्त हवाई हमले में हुई जिसमें उनके ससुर आया अली खामनई मारे गए थे। इस घटना ने ना सिर्फ ईरान की राजनीति को झकझोर दिया बल्कि खामनई परिवार के लिए भी बड़ा निजी नुकसान साबित हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुस्तबा खामनई और जहरा हद्दाद अदिल के तीन बच्चे हैं। हालांकि सुरक्षा और गोपनीयता की वजह से उनके बारे में ज्यादा जानकारी अवेलेबल नहीं है।
नई नियुक्ति के तुरंत बाद इस्लामिक रेवोलशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी ने भी मुस्तबा खामनई के प्रति अपनी निष्ठा जताई। आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि वह गार्डियन जरिस्ट और नए सुप्रीम लीडर मुस्तबा खामनई के आदेशों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि सेना और सुरक्षा संस्थानों का सपोर्ट किसी भी नए सुप्रीम लीडर के लिए बेहद अहम होता है
और आईआईजीसी की यह घोषणा सत्ता सुथलिन के लिहाज से बेहद इंपॉर्टेंट मानी जा रही है। फ्रांस 24 के मुताबिक ज़हरा की मौत उसी अमेरिकी इजराइल जॉइंट एयर स्ट्राइक में हुई जिसमें उनके ससुर आया अली खामन की जान चली गई थी। इस कपल के तीन बच्चे हैं। हालांकि उनके बारे में पब्लिक में बहुत कम जानकारी है।
बता दें कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में तब खलबली मच गई जब इजराइल और अमेरिका ने मिलकर अचानक ईरान पर हमला बोला। मिसाइल अटैक से तेहरान धुआधुआं हो गया था। उस अटैक में अली खामने की मौत हो गई थी। उसके बाद से ईरान लगातार पलटवार कर रहा है। यही वजह है कि जंग अभी भी जारी है। फिलहाल आप क्या कहेंगे? कमेंट सेक्शन में हमें लिखकर जरूर बताएं।