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बिना डिग्री, सिर्फ यूट्यूब देख 19 साल का लड़का कैसे बन गया करोड़पति?

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19 साल का एक लड़का एआई से हर महीने करीब ₹1 करोड़ का बिजनेस कर रहा है। नाम है आयुष सिंह। लड़के ने ना तो आईआईटी से पढ़ाई की है ना ही एमआईटी गया है और ना ही किसी बड़ी कंपनी में काम किया था। उसने खुद एआई सीखा।

अपने स्किल को लोगों तक पहुंचाया और आज उसी को आयुष ने करोड़ों के बिजनेस में बदल दिया है। 14 साल की उम्र में इस लड़के के बनाए ऑनलाइन कोर्स को लंदन के एमआईटी तक ने रिकमेंड किया था। 23 जून को टॉपमेटate के कोफाउंडर दिनेश सिंह ने lindin पर एक पोस्ट किया। उन्होंने 19 साल के आयुष सिंह के बारे में बताया कि वो महीने में 1 करोड़ कमाता है।

देखते ही देखते यह पोस्ट जो है वो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दिनेश के मुताबिक आयुष का एआई बिजनेस हर महीने करोड़ों का रेवेन्यू कर रहा है। उसकी शुरुआत किसी बड़े कॉलेज या बड़ी कंपनी से नहीं हुई थी। के दौरान जब आयुष सिर्फ 13 साल का था तब उसने एआई को सीखना और समझना शुरू किया।

उसने खुद से मशीन लर्निंग और एआई को सीखना शुरू किया था। कुछ समय बाद उसने विदेशी स्टार्टअप्स के साथ काम करना शुरू किया। खुद यह सब सीख लेने के बाद आयुष ने एआई और मशीन लर्निंग को लेकर कोर्स को डिजाइन करना शुरू किया।

जब वो महज 14 साल का था जैसे कि मैंने अभी पहले ही बताया कि उसके कोर्स को एमआईटी ने भी रेकमेंड किया था ताकि लोग एआई क्या है ये सीख सके। आयुष ने मशीन लर्निंग की शुरुआत पाइथon से की थी जो एआई और मशीन लर्निंग के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। इसमें लीनियर अलजेब्रा, कैलकुलस, प्रोबेबिलिटी और स्टैटिक्स ये सब उसने सीखना शुरू किया। फिर धीरे-धीरे एआई के अलग-अलग कांसेप्ट्स को समझा। जैसे एआई डेटा कैसे सीखता है? पैटर्न को कैसे पहचानता है और प्रेडिक्शन कैसे की जा सकती है। इसके अलावा एआई इंसानों की भाषा को कैसे समझता है? इस बात को भी आयुष ने सोचना और समझना शुरू किया। यानी कि वो एआई के उन एडवांस टॉपिक्स पर काम कर रहा था जिनकी वजह से आज चैट जीपीटी, Google ट्रांसलेट और दूसरे एआई टूल काम करते हैं। YouTube वीडियो, ऑनलाइन आर्टिकल्स, ऑनलाइन फ्री कोर्सर्सेस की मदद से एआई कीस्ट हासिल करने के बाद उसने इसी को दूसरों तक पहुंचाने का प्लान किया। क्योंकि उस समय एआई पर आसान और प्रैक्टिकल बेस्ड कंटेंट बहुत कम हुआ करते थे।

इसलिए उसने मशीन लर्निंग और डेटा साइंस से जुड़े हुए ट्यूटोरियल्स, नोट्स और ऑनलाइन कोर्सर्सेस बनाने भी शुरू किए। यह कंटेंट अलग-अलग प्लेटफार्म पर शेयर किए। उसका सबसे फेमस कोर्स था मशीन लर्निंग फॉर बिगिनर्स जिसे कोडिंग एजुकेशन प्लेटफार्म फ्रीकड कैंप के YouTube चैनल पर पब्लिश किया गया था। करीब 10 घंटे लंबे इस कोर्स में आयुष ने मशीन लर्निंग की बेसिक बातों को आसान तरीके से समझाया। साथ ही कुछ प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पे भी काम करके दिखाया।

धीरे-धीरे यह कोर्स लोगों के बीच में काफी पॉपुलर हो गया और लाखों लोगों ने इसे देखना शुरू किया। इसी के बाद आयुष का नाम इंटरनेशनल टेक कम्युनिटीज में भी चर्चा में आने लगा था। इसके बाद आयुष को विदेशों के कई स्टार्टअप्स के साथ काम करने का मौका मिला।

जैसे अमेरिका बेस्ड स्टार्टअप के लिए नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग सिस्टम बनाएं। यानी कि ऐसा एआई सिस्टम जो इंसानों की भाषा को आसानी से समझ सके और प्रोसेस कर सके। इसके अलावा जर्मनी की एक एआई कंपनी है Zen एमएल। वहां पर एमलॉप्स इंजीनियर और डेटा साइंटिस्ट के तौर पे भी आयुष ने काम किया। जहां उसका काम एi मॉडल्स को रियल वर्ल्ड में इस्तेमाल करने लायक बनाना था। यही नहीं उसने Microsoft Azure एi इंजीनियर जैसे प्रोफेशनल सर्टिफिकेट्स भी हासिल किए जो कि एi इंडस्ट्री में सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है। आयुष का अपना YouTube चैनल भी है जिस पर करीब 1334000 सब्सक्राइबर्स हैं।

चैनल पर एंड टू एंड एआई और मशीन लर्निंग पर बेस्ड 48 वीडियोस हैं। इसमें बिगिनर्स के लिए मशीन लर्निंग, फुल स्टक मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, जनरेटिव एआई, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग यानी कि एनएलपी और एमएलऑप्स यानी कि मशीन लर्निंग ऑपरेशंस जैसे एडवांस टॉपिक्स भी हैं। सिर्फ टेक्निकल टॉपिक ही नहीं बल्कि कुछ वीडियोस में एआई और डेटा साइंस में करियर कैसे बनाया जा सकता है। इंडस्ट्री में किस तरह की नौकरियां हैं, इस पर भी वीडियोस बनाए गए हैं। आयुष ने अपने एक दोस्त शुभम कुमार के साथ मिलकर साल 2023 में सेकंड ब्रेन लैब्स नाम की कंपनी भी शुरू की थी। यह कंपनी ऐसे एआई एजेंट्स डेवलप करती है जो इंसानों की तरह काम कर सके। जैसे अगर किसी कंपनी को हर दिन कई कस्टमर से बात करनी है, उनकी प्रॉब्लम को समझना है, मीटिंग्स बुक करनी है, फीडबैक लेना है या फिर प्रोडक्ट के बारे में इंफॉर्मेशन देनी है तो इन्हीं एआई एजेंट के जरिए इस काम को आसान बनाया जा सकता है।

इसके अलावा कंपनी ऐसे एआई एजेंट्स बना भी रही है जो काफी हद तक किसी इंसान की तरह कस्टमर से खुद बात कर सकेंगे। माने उनके सवालों के जवाब दे सके। मीटिंग्स को स्ेड्यूल कर सके, नए कस्टमर से फॉलो अप ले सके और फोन या मैसेज के जरिए बात भी कर सके। सेकंड ब्रेन लैब्स के साथ आयुष का एक और प्रोजेक्ट है एंटर्न। यह एक ऐसा ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म है जहां लोग सिर्फ वीडियो देखकर सीखते ही नहीं है बल्कि प्रैक्टिकल्स भी करते हैं। कई लोग इसे Netflix ऑफ एजुकेशन कहते हैं क्योंकि यहां अलग-अलग टेक्नोलॉजी के कोर्सर्सेस मिलते हैं। बिल्कुल एक सीरीज की तरह जिन्हें आप स्टेप बाय स्टेप फॉलो कर सकते हैं। इस प्लेटफार्म पर एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और दूसरे मॉडर्न टेक टॉपिक्स हैं। स्टूडेंट्स को यहां पे प्रोजेक्ट और असाइनमेंट्स दिए जाते हैं। इंटर्नशिप और रिसर्च करने का स्पेस भी यहां पर मिलता है और यह सब कुछ पेड है।

आयुष सिंह की कमाई सिर्फ YouTube और अपने काम के अलावा एक और प्लेटफार्म के जरिए आती है जिसको कहते हैं टॉपमेट प्लेटफार्म। एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफार्म है जहां पर लोग अपनी नॉलेज और स्किल्स को डायरेक्टली पैसे में बदल सकते हैं। माने यह एक ऐसी जगह है जहां पर एक्सपर्ट और क्रिएटर्स अपनी वन ऑन वन मेंटरिंग, ग्रुप सेशंस, ऑनलाइन कोर्सेज और करियर गाइडेंस जैसी सर्विसेज लोगों को बेचते हैं। यहां क्रिएटर्स अपने हिसाब से सेशंस को सेट करते हैं और लोग उन्हें बुक करके पेमेंट करते हैं।

टॉपमेट खुद बुकिंग, पेमेंट और स्ेड्यूलिंग संभालता है जिससे क्रिएटर को सिर्फ अपना नॉलेज शेयर करने पर फोकस करना होता है। यहां आयुष अपने एआई से जुड़े हुए प्रीमियम कोर्सेज और मेंटरशिप प्रोग्राम्स चलाता है। जिससे उसे आज लगभग ₹1 करोड़ हर महीने तक का रेवेन्यू मिलता है।

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