Cli

Donald Trump के बाद कौन बनेगा अमेरिका का अगला राष्ट्रपति?

Uncategorized

वी प्रोवाइड [संगीत] यू द प्लेटफार्म टू टर्न योर ड्रीम्स इनटू रियलिटी। गिव विंग्स [संगीत] टू योर एस्पिरेशंस विद के आर मंगलम यूनिवर्सिटी। अमेरिकी राजनीति एक बार फिर दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि मौजूदा हालात में क्या होगा बल्कि उससे भी बड़ा सवाल है कि डोन्ड ट्रंप के बाद अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन बनेगा? 2028 का चुनाव अभी दूर है लेकिन सियासी हलचल अभी से तेज हो चुकी है और इस रेस में दो नाम सबसे आगे निकल कर सामने आ रहे हैं। जेडी वेंस और मार्को रूबियो। ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव ने इस बहस को और हवा दे दी है।

यह संघर्ष अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय [संगीत] मुद्दा ही नहीं रहा बल्कि इसका असर सीधे अमेरिकी घरेलू राजनीति पर भी दिखने लगा है। राष्ट्रपति ट्रंप जहां एक तरफ इस संकट को संभालने और अपनी राजनीतिक विरासत को बचाने में जुटे हैं तो वहीं रिपब्लिकन पार्टी के अंदर उनके बाद भी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिकी संविधान के अनुसार ट्रंप 2028 का चुनाव नहीं लड़ सकते। ऐसे में पार्टी के अंदर अगला चेहरा कौन होगा? यह सवाल अब खुलकर सामने आ चुका है। बताया जा रहा है कि खुद ट्रंप भी निजी बैठकों में अपने करीबी सहयोगियों से यही जानने की कोशिश कर रहे हैं कि जेडी वेंस और मार्को रूबियों में से कौन आगे बढ़ सकता है। अगर दोनों नेताओं के रुख की बात करें तो ईरान संकट पर उनकी सोच एक दूसरे से काफी अलग नजर आती है। जेडी वेंस [संगीत] ने इस पूरे मुद्दे पर अपेक्षाकृत संतुलित और सावधानी भरा रुख अपनाया है।

एक पूर्व मरीन अधिकारी और इराक युद्ध के अनुभव के चलते वेंस लंबे समय से अमेरिका की विदेश सैन्य उलझनों के आलोचक रहे हैं। उनका मानना रहा है कि अनावश्यक युद्धों से देश को बचना चाहिए। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से [संगीत] ट्रंप की रणनीति का समर्थन भी किया है और साफ कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए। तो वहीं दूसरी ओर मार्को रूबियो का अंदाज बिल्कुल अलग है। उन्होंने ट्रंप की आक्रामक नीति का खुलकर समर्थन किया है।

विदेश मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका पहले से ही मजबूत और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उनका कद लगातार बढ़ रहा है। वाइट हाउस के अंदर उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा जा रहा है जो संकट के समय निर्णायक फैसले लेने की क्षमता रखते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान के साथ यह संघर्ष किस दिशा में जाता है। अगर युद्ध जल्दी खत्म होता है और अमेरिका को रणनीतिक लाभ मिलता है तो इसका फायदा शायद रूबियों को मिल सकता है। इस बीच ट्रंप की लोकप्रियता पर भी इस युद्ध का असर दिखाई देने लगा है। हालिया सर्वे में उनकी रेटिंग गिरकर 36% तक पहुंच गई है जो उनके दूसरे कार्यकाल का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है।

इसकी बड़ी वजह बढ़ती ईंधन कीमतें और युद्ध को लेकर जनता की चिंता मानी जा रही है। हालांकि रिपब्लिकन मतदाताओं के बीच अभी भी सैन्य कार्यवाही के समर्थन का स्तर काफी मजबूत है। करीब 75% रिपब्लिकन समर्थक इस कार्यवाही के पक्ष में है। जबकि डेमोक्रेट मतदाताओं में इसका समर्थन काफी कम है। यही राजनीतिक विभाजन आने वाले चुनाव में [संगीत] अहम भूमिका निभा सकता है। हाल ही में आयोजित कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस [संगीत] के स्ट्रा पोल में भी दिलचस्प संकेत मिले हैं। इस सर्वे में जेडी वेंस को 53% समर्थन मिला जबकि मार्को रूबियो 35% के साथ दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि रूबियों की लोकप्रियता में तेजी से बढ़ोतरी भी साफ दिखाई दे रही है। अमेरिका की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। जहां ट्रंप के बाद की तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। वेंस और रूबियो के बीच यह मुकाबला आने वाले वर्षों में और दिलचस्प होने वाला है। इस वीडियो में बस इतना ही। अगर आपको यह वीडियो पसंद आई है, इसको लाइक और शेयर करें। देश और दुनिया की तमाम अपडेट्स के लिए जागरण को आज ही सब्सक्राइब करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *