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पिता ईसाई, मां हिंदू… बेटे ने विजय से क्यों मोड़ा मुंह?थलापति के रिश्तों का सफर…

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तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय अब तमिलनाडु की राजनीति में भी स्वर्ण अक्षरों में इतिहास रच चुके हैं। जोसेफ विजय चंद्रशेखर यानी थलापति विजय ने तमिल की द्रविड़ राजनीति को खत्म कर नए दौर का आगाज किया है।

महज 2 साल पहले शुरू की उनकी पॉलिटिकल पार्टी टीबीके ने तमिलनाडु इलेक्शन में 50 साल पुरानी पार्टीज को हिला कर रख दिया। विजय की जीत पर उनके परिवार का वीडियो सामने आया जिसमें वह सीटी बजाकर विजय की जीत का जश्न मनाते हुए नजर आ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों के दिलों पर राज करने वाले इस सुपरस्टार के पीछे एक ऐसा परिवार है जिसने पग-पग पर उनका समर्थन किया है। तो चलिए इस परिवार को और करीब से जानते हैं और आपको विजय के फैमिली ट्री से भी परिचित कराते हैं।

बता दें कि विजय का जन्म 22 जून 1974 को मद्रास में हुआ था। उनके पिता एस ए चंद्रशेखर तमिल फिल्म इंडस्ट्री के एक दिग्गज निर्देशक, निर्माता और लेखक रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में 70 से ज्यादा फिल्में डायरेक्ट की जिनमें से ज्यादातर सामाजिक विषयों पर आधारित थे। उन्होंने ही विजय को 1992 में फिल्मी जगत में लॉन्च किया था। हालांकि शुरुआती दौर में विजय को काफी रिजेक्शन झेलने पड़े।

लेकिन उनके पिता अडिग रहे। उन्होंने ही विजय के पहले फिल्म नलैया थेरेपु बनाई थी। वहीं विजय की मां शोभा चंद्रशेखर की बात करें तो वह एक मशहूर प्लेबैक सिंगर, संगीतकार और लेखिका है। विजय अपनी मां के बेहद करीब है। यह परिवार अंतर्धार्मिक है क्योंकि पिता ईसाई और मां हिंदू है। जिसने विजय को एक धर्मनिरपेक्ष पहचान दी। बहुत कम लोग जानते हैं कि विजय की एक छोटी बहन थी जिसका नाम विद्या चंद्रशेखर था। महज 2 साल की उम्र में विद्या का निधन हो गया था।

उस हादसे ने विजय को भीतर तक हिला कर रख दिया था। कहा जाता है कि बचपन में बेहद शरारती रहने वाले विजय अपनी बहन की मौत के बाद बिल्कुल शांत और गंभीर हो गए। अपनी बहन की याद में उन्होंने प्रोडक्शन हाउस का नाम बीवी प्रोडक्शन यानी विद्या विजय रखा। तो वहीं उनके बड़े भाई बीए एएस राघवेंद्र लाइमलाइट से दूर अपना बिजनेस संभालते हैं।

विजय की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी जैसी ही है। उनकी पत्नी संगीता सोनलिंगम लंदन की रहने वाली थी और विजय की बहुत बड़ी फैन थी। वो विजय से मिलने के लिए खासतौर पर लंदन से चेन्नई आई थी। विजय उनकी सादगी और समर्पण से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने माता-पिता से उनकी मुलाकात करवा दी। 25 अगस्त 1992 को दोनों ने शादी कर ली। यह शादी हिंदू और ईसाई दोनों ही रीति-रिवाजों से हुई थी।

हालांकि पिछले कुछ महीनों से विजय और संगीता के बीच अनबन और तलाक की अफवाहएं मीडिया की सुर्खियां बनी रही। विजय के दो बच्चे हैं जो अपने करियर की दिशा तय कर रहे हैं। उनके बेटे जसन संजय का जन्म 2000 में हुआ। वह बतौर डायरेक्टर अपनी पारी शुरू कर रहे हैं। तो वहीं हाल ही में माता-पिता के विवाद के बीच उन्होंने पिता का सरनेम हटाकर और सोशल मीडिया पर उनको अनफॉलो करके अपना विरोध दर्ज कराया था।

इसके अलावा विजय की बेटी दिव्या शाशा 2005 में जन्मी हैं और अभी वह एक बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वो मीडिया की सुर्खियों से दूर रहती हैं। हालांकि बचपन में फिल्म थ्यरी में वह नजर आई थी। बता दें कि विजय और संगीता के बीच अनबन पर सुपरस्टार ने लंबे समय तक सार्वजनिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। हालांकि अब यह मामला तलाक तक पहुंच गया है और इसकी वजह साउथ एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन को बताया जा रहा है।

कलापति विजय अब अपनी पार्टी तमिल वैत्री कडगम यानी टीवी के जरिए जनता की सेवा करना चाहते हैं। उनके इस सफर में उनके पिता और मां का समर्थन हमेशा रहा है। भले ही बीच में कुछ विवादों की खबरें आई हो। विजय का मानना है कि परिवार की नींव ही एक मजबूत इंसान का निर्माण करती है। बड़े पर्दे पर सालों तक जनता के दिलों पर राज करने वाले थलापति विजय अब असली राजनीति में भी लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद बन चुके हैं। यही वजह है कि विजय के घर से लेकर उनके समर्थकों तक जश्न का माहौल है। परिवार की खुशी, फैंस का जुनून और समर्थकों की भीड़ बता रही है कि यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं बल्कि एक भावनात्मक लहर है।

बता दें कि विजय 108 सीटें जीतकर तमिल में इतिहास रच चुके हैं। निर्देशक पिता की फिल्मी विरासत से शुरू हुआ यह सफर अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा है और पूरा तमिलनाडु इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन रहा है।

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