पेन ड्राइव उस आई विटनेस का सबूत है कि जिसने आदित्य ठाकरे सूरज पंचोली डीनो मौर्या इन लोगों को दिशा का सामूहिक में पुलिस के साथ मिलके कवर अप करते हुए देखा है। उसके सबूत है। दूसरे इसमें सुशांत के के रिलेटेड और अह दिशा के से रिलेटेड और इसमें खान का इनवॉल्वमेंट ये जो सबूत है वो है उसमें सेकंड पेनड्राइव में वो को तो आज ईमेल से पहुंच जाएगा।
उसकी कॉपी जो है मीडिया को हम गणपति के बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सबको दे देंगे। पेन ड्राइव में उस आई विटनेस का सबूत है कि जिसने आदित्य ठाकरे सूरज पंचोली डीनो मोर्या इन लोगों को दिशा का सामूहिक और बाद में पुलिस के साथ मिलकर कवर अप करते हुए देखा है। उसके सबूत है और और दो विटनेस का डिटेल दिया है। उसके बाद में हमारे जो विटनेस है समीर वानखेड़े साहब उनके बारे में भी लिखा है कि आप इनके पास से इनको समन करके ये चीजें ले लीजिए।
तो ये सब हो चुका है और उसमें और एक है देखिए बॉम्बे हाई कोर्ट के आर्डर के प्यारा 38 के सबसे सब प्यारा रोमन फोर उसमें कोर्ट ने किया कि यह जो नावेद मुजावर करके विटनेस है या ये कह रहा है कि मेरे सामने वो दिशा ऊपर से गिरी थी। ये दो दो विटनेस है। इनका टेस्टिमोनी बहुत इंपॉर्टेंट है पुलिस का फ्रॉड उजागर करने के लिए। क्योंकि वो उसने क्या कहा कि मेरे सामने गिरी 1:00 बजे पुलिस के स्टेटमेंट में। मैं गया 1:15 बजे जाकर पुलिस को लेकर आया।
वहां सिक्योरिटी गार्ड नहीं था और दिशा की बॉडी पे रेड टीशर्ट और क्रीम कलर का पट था। यह स्टोरी हो गई। सीसीटीवी से क्योंकि पुलिस 12:30 बजे पहुंच गई थी। उसके बाद में उसी व्यक्ति ने जो दूसरा एविडेंस दिया है उसका वीडियोग्राफ वो हमने पेन ड्राइव में दिया है को उसमें वो कह रहा है कि नहीं 12:30 से 12:40 का समय था और टाइम बदल दिया कपड़े भी बदल दिए बोले दिशा के बॉडी पे ग्रे कलर का नाइट सूट था नाइट गाउन था और फिर वही टोटल स्टोरी उसकी सब झूठी साबित हो गई तो वो हमने वो भी दिया है और ये नावेद मुजावर ये असलम शेख का कार्यकर्ता है और असलम शेख के भूमिका की भी इसमें इंक्वायरी होना चाहिए।
ऐसा हमने से रिक्वेस्ट किया। आपके पास दो पेन ड्राइव है टोटल। एक आपने आज सबमिट किए हैं और दूसरा भी पेन ड्राइव है। इसमें क्या है? दूसरे इसमें सुशांत के के रिलेटेड और दिशा के से रिलेटेड और इसमें खान का इन्वॉल्वमेंट और जो अधिकारी ईमानदारी से काम कर रहे थे उनके ऊपर कैसा ये किया गया और कुछ अधिकारी का झूठ पकड़ाने वाला ये जो सबूत है वो है उसमें सेकंड पेनड्राइव में वो को तो आज ईमेल से पहुंच जाएगा उसकी की कॉपी जो है मीडिया को हम गणपति के बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सबको दे देंगे। आपने सुप्रीम कोर्ट की एक कॉपी भी दिखाई जिसमें क्लियरली मेंशन किया गया है कि होने के बाद जो है यहां पे देने के बाद जो एक्यूज़्ड है उसे अरेस्ट किया जाए। क्या प्रोसेस शुरू हुआ है? हां प्रोसेस प्रोसेस आज से स्टार्ट। कोर्ट ने कहा था कि इन्वेस्टिगेशन के दौरान प्रूफ मिल जाए तो आप आगे का एक्यूज़ मान के प्रोसेस चालू कर दो।
चलो हमने कहा वो प्रोसेस आज से स्टार्ट करो। यह राइटिंग में प्रूफ दिया सीसीटीवी कैसा डिलीट किया है। उसमें आदित्य ठाकरे दिख रहा है डी उसमें तो 4 जून से 9 जून का डीवीआर ही डिलीट करा दिया। जी बाद में सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट है कि अगर ऐसा कोई रिकॉर्ड गायब करवाते हैं तो आईपीसी 409 में सब पुलिस अधिकारियों को उम्र कैद की सजा का प्रावधान है। दूसरी चीज जिस जो बेनिफिशरी है इसमें जिसके फायदे के लिए किया गया उसका कस्टोडियल इंटोगेशन जरूरी है।
तो इसमें बेनिफिशरी आदित्य ठाकरे था। तो उसको अरेस्ट किया जाए और वो जो ये जो है भारत सरकार का ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट इसके गाइडलाइंस है हां तो इसके एसओपी जो है रेप के केस के तो इस में डिटेल लिखा है 18 नंबर का एसओपी कि गैंगरेप मर्डर ऐसे केसेस जो है इसमें तुरंत तुरंत में उसको अरेस्ट करना जरूरी है। ये ये लीजिए सस्पेक्ट का हमने तो ऑफेंडर मतलब सजा होने तक के प्रूफ दे दिया। यहां तो लिखा है कि सस्पेक्ट का भी अरेस्ट होना अरेस्ट होना मैंडेटरी है। लेकिन अभी तक किसी का अरेस्ट जो है इस केस में नहीं हुआ है। इतने दिनों से नाम जो है सामने आ रहा है? नहीं नहीं अभी ठीक है ना? आज दे दिया ना? अब तक उनको बेनिफिट ऑफ़ डाउट। जी। आज के बाद में उनके अधिकार अभी लिमिटेड हो गए हैं। अभी सीबीआई के हाथ में भी अभी बहुत कुछ ज्यादा बचा नहीं है अरेस्ट नहीं करने के लिए। जी जांच को लेकर ऑफिसर्स ने क्या अपडेट दिया है इस केस में? कहां तक जांच पहुंच गई है? के अधिकारी ने कहा है कि हमारा जांच शुरू है। हमारा पूरा तैयारी शुरू है। यह एडिशनल में है और हम एक्शन आपको बहुत जल्द दिख जाएगा।
जी आपने यह भी मेंशन किया कि दी सालियान का जो है आदमी के साथ ही नहीं किया उसने ही किया है। क्या सबूत है इस बात के? सबूत क्या लगते हैं लॉ के हिसाब से? आई विटनेस हमारे पास में हाई विटनेस भी है। उसका मोबाइल टावर लोकेशन भी है। उसका वो जो आदित्य ठाकरे का और उसका वो जो डीवीआर का वो डिलीट करा वाला ये से लेकर बाकी सारी चीजें हैं। और आई विटनेस एक नहीं है हमारे पास में कई आई विटनेस है। जी तो फांसी की सजा पहुंचाने तक आरोपी को जितने सबूत लगते हैं उससे कई गुना ज्यादा सबूत हमारे पास है।