शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान ने अपना ऐसा स्ट्रगल सुनाया कि लोगों की हंसी छूट गई सुहाना बहुत जल्द अपना डेब्यू करने वाली हैं उनकी फिल्म आर्चीज रिलीज को तैयार है और इसी के सिलसिले में सुहाना एक इंटरव्यू में पहुंची थी इस दौरान सुहाना ने जो कहा वह लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा
सुहाना आलिया भट्ट से काफी इंप्रेस हैं पिछले दिनों आलिया को नेशनल अवार्ड दिया गया इस मौके पर आल्या वो साड़ी पहनकर आई थी जो उन्होंने अपनी शादी में पहनी थी अब इस पर सुहाना ने बात कर करते हुए कहा आलिया ने अपनी वेडिंग साड़ी नेशनल अवार्ड रिसीव करते वक्त रिपीट की थी.
शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान ने अपना ऐसा स्ट्रगल सुनाया कि लोगों की हंसी छूट गई सुहाना बहुत जल्द अपना डेब्यू करने वाली हैं उनकी फिल्म आर्चीज रिलीज को तैयार है और इसी के सिलसिले में सुहाना एक इंटरव्यू में पहुंची थी इस दौरान सुहाना ने जो कहा वह लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा
सुहाना आलिया भट्ट से काफी इंप्रेस हैं पिछले दिनों आलिया को नेशनल अवार्ड दिया गया इस मौके पर आल्या वो साड़ी पहनकर आई थी जो उन्होंने अपनी शादी में पहनी थी अब इस पर सुहाना ने बात कर करते हुए कहा आलिया ने अपनी वेडिंग साड़ी नेशनल अवार्ड रिसीव करते वक्त रिपीट की थी.
इसलिए अगर आप अपने कपड़ों को रिपीट करते हैं तो इसमें कुछ बुरा नहीं है सुहाना के इस स्टेटमेंट को लेकर अब कुछ लोगों ने उन्हें निशाने पर लेना शुरू कर दिया है एक यूजर ने लिखा बोलो अमीरों को यह बात अब पता चली है हमें तो बहुत पहले से ही पता है
दूसरे ने लिखा यार इनके दोबारा कपड़े पहनने के लिए इनकी तारीफ हो रही है हम पहन ले तो गरीब कहलाते हैं तीसरे ने सुहाना पर ताना मारते हुए लिखा इनके मुताबिक ड्रेस रिपीट करना सस्टेनेबिलिटी है इंडिया में एक कपड़ा तब तक पहना जाता है जब तक वह पोंछा ना बन जाए उसे कहते हैं सस्टेनबिलिटी.
इसलिए अगर आप अपने कपड़ों को रिपीट करते हैं तो इसमें कुछ बुरा नहीं है सुहाना के इस स्टेटमेंट को लेकर अब कुछ लोगों ने उन्हें निशाने पर लेना शुरू कर दिया है एक यूजर ने लिखा बोलो अमीरों को यह बात अब पता चली है हमें तो बहुत पहले से ही पता है
दूसरे ने लिखा यार इनके दोबारा कपड़े पहनने के लिए इनकी तारीफ हो रही है हम पहन ले तो गरीब कहलाते हैं तीसरे ने सुहाना पर ताना मारते हुए लिखा इनके मुताबिक ड्रेस रिपीट करना सस्टेनेबिलिटी है इंडिया में एक कपड़ा तब तक पहना जाता है जब तक वह पोंछा ना बन जाए उसे कहते हैं सस्टेनबिलिटी.