स्मिता पाटिल की जिंदगी जितनी छोटी थी, उनकी यादें उतनी ही गहरी छोड़ गईं। 13 दिसंबर 1986 को महज 31 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। बेटे प्रतीक के जन्म के बाद आई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं ने उनकी ।
उनकी के बाद भी उनकी कई फिल्में रिलीज होती रहीं। उपलब्ध फिल्मोग्राफी के मुताबिक 1987 से 1990 के बीच उनकी एक दर्जन से अधिक फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें ‘नजराना’, ‘डांस डांस’, ‘राही’, ‘ठिकाना’, ‘आवाम’, ‘वारिस’ और ‘गलियों का बादशाह’ जैसी फिल्में शामिल थीं।उनकी से जुड़ा एक भावुक किस्सा उनके मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने बताया था।
उनके मुताबिक स्मिता की इच्छा थी कि अंतिम विदाई के समय उन्हें सुहागन की तरह सजाया जाए। उनकी के बाद उनकी इस इच्छा को पूरा किया गया।यह भी कहा जाता है कि स्मिता को अपनी कम उम्र में एलएल का अंदेशा था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एक की बात का उन पर गहरा असर पड़ा था और वह दोस्तों से अपनी कम उम्र की की चर्चा करती थीं। हालांकि इसे के बजाय एक प्रचलित किस्सा मानना ज्यादा उचित है।