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शाहरुख – सलमान को लेकर ये क्या बोल गई तनुश्री दत्ता? मचा त;हल!का

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ऐसे लोगों की मौत कैसे हो जाती है जो इतने राइजिंग स्टार्स हैं। इन्होंने ही आपके काम बिगाड़े हैं। इन्होंने आपका बेड़ा गर्क किया है। फिर सामने आके आपका मसीहा होने की कोशिश करते हैं। कोई आके ऐसे गंदे गंदे बॉलीवुड के लोग ये लोग कितने लोगों का शोषण करके बैठे हैं। धनुश्री रिसेंटली एक पोस्ट आपके अकाउंट से हुई थी जो बाद में डिलीट हो गई। वो बिग बॉस को लेकर थी कि बिग बॉस को बॉयकॉट करो। मैंने डिलीट नहीं किया।

किसी ने आके मेरे Instagram से उसको डिलीट कर दिया। और सलमान को लेकर भी बहुत कुछ चीजें नहीं मैंने सलमान का तो नाम ही नहीं लिया था। ऑफिशियली मैंने किसी का नाम ही नहीं लिया। वर्ड था जो मिलताजुलता था। तो लोगों ने सोचा हां उन्होंने बनाया होगा। मैं बहुत स्मार्ट हूं। लाइक दैट।

मैं मुझे अगर मैसेज भी पास ऑन करना है तो मैं किसी बिना नाम लिए भी पास ऑन कर सकती हूं। मैं बिग बॉस का मैंने डिलीट नहीं किया था वो। अच्छा।

पता नहीं मेरा Instagram में भी बहुत बार ऐसा हुआ है कि मैंने कुछ पोस्ट किया और कोई स्टोरी पोस्ट करी और फिर अगर ऐसा कुछ होता है उसमें तुरंत ही कोई डिलीट कर देता है उसको अगर मुझे पता चल जाता है तो मैं वापस उसको रीपस्ट कर देती हूं। तो क्या रीजन है आपने बिग बॉस को लेकर ये पोस्ट की थी? बिग बॉस को लेकर नहीं मैंने बोला था कि इस तरह के सिद्धार्थ शुक्ला का आपने पूरा उसमें जिक्र किया था कि सिद्धार्थ शुक्ला को एज अ होस्ट हायर करने वाले थे। मैं नहीं बिग बॉस का मैंने बिग बॉस का नहीं मैंने एक एक रैंडम सा किया था कि एक रियलिटी शो क्योंकि वह मेरे नाम पे पब्लिसिटी कर रहे थे बिग बॉस ओके और मैं बार-बार कह चुकी हूं कि मुझे नहीं पार्टिसिपेट करना मैं जितनी बार भी इन इशूज़ के बारे में बोलती हूं..

जैसे 2018 फिर यहां पे परेशानियों की चीजें तो ये बिग बॉस स्पीच में कहां से आ जाता है? व्हाई दे स्टार्ट सडनली यू नो सस्िशियस एक्टिविटीज। सेकंड थिंग कि सिद्धार्थ शुक्ला की मौत को भी इन्वेस्टिगेट तो होना चाहिए था। अचानक से सिद्धार्थ शुक्ला की मौत हो गई। मतलब ऐसे सेम फिनोमिना अपराइजिंग हीरो स्टार विनर बड़ा स्टार हां मतलब मतलब पोटेंशियल दिख रहा है कि ये तो मतलब सुपरस्टार बनेगा। शर्मा की फिल्म में भी काम कर चुका था। हां। बिग बॉस शो में तो हिट रहे एकदम। हां। उसकी ट्रेजेक्टरी एक नॉर्मल इंसान को भी दिख रही थी। हैंडसम। हैंडसम बॉडी।

सब अच्छा अच्छा बंदा था। सुधा शुक्ला सुशांत सिंह राजपूत कितनी सिमिलर पर्सनालिटीज। दोनों का पता चल रहा था कि ये राइजिंग लेवल टक्कर ऐसे लोगों के साथ यह सब कैसे हो जाता है? बॉलीवुड में राहुल रॉय चंद्रचूर सिंह एकदम सेम ट्रेजेक्टरी में थे। दोनों का एक्सीडेंट हो गया इतनी बुरी तरीके से कि फिर वो मतलब उठ ही नहीं पाए। आपने उस पोस्ट में ये भी दावा किया तो कौन करवाता है एक्सीडेंट्स इन लोगों का?

और मुझे ऐसा लगता है बॉलीवुड के जो माफिया लोग ऐसे हैं ना वो खुद ही एक्सीडेंट करवाएंगे। खुद ही आपको पागल बनवाएंगे। खुद ही गुंडे भेज-भेज के आपकी जान आपकी जिंदगी जहन्नुम करेंगे। फिर सामने से जाके आप ऐसा भी प्रिटेंड करेंगे कि हम तो मसीहा हैं सबके। ऐसे मसीहों से बच के रहिए। इन्होंने ही आपके काम बिगाड़े हैं। इन्होंने ही आपका बेड़ा गर्क किया है। फिर सामने आके आपका मसीहा होने की कोशिश करते हैं। ऐसा माइंड गेम है ना इन लोगों का शैतानियत चल रही है। शैतानियत और मेरे साथ करने चले थे शैतानियत। आज देखो इनकी क्या हालत है। इनकी या तो मौत आएगी या फिर ये जेल जाएंगे।

100% और जो असली माफिया है अंडर वर्ल्ड है जिनके साथ ये बॉलीवुड माफियाओं की साठगाठ है दोस्ती यारी धंधे साथ में चल रहे हैं असली माफियाओं को मैं कहना चाहूंगी कि तुम सबसे ऊपर एक माफिया बैठा है ठीक है तुम सबसे ऊपर बिग बिग बिग बिग बिगेस्ट उस लेवल पे जो माफिया माफियागिरी चल रही है ना वहां पे मैं एक इंपॉर्टेंट कैरेक्टर हूं तो मेरे से तो भिड़ो ही मत उस माफिया लेवल का अगर एक्टिविटी गतिविधियां शुरू हो जाएंगी ना तो इस ब्रह्मांड के इस दुनिया की कोई शक्ति तुम्हें भस्म होने से रोक नहीं सकती। जहां तुम्हारे पचड़े नहीं है, जहां तुम्हारा मुद्दा ही नहीं है, वहां पे आना ही क्यों? कोई आके ऐसे गंदे गंदे बॉलीवुड के लोग ये लोग कितने लोगों का शोषण करके बैठे हैं।

इतनी तो नियत होनी चाहिए ना अंडरवर्ड गैंग्स को भी कि अकेली लड़की के पीछे नहीं पड़ना। अकेली लड़की अपना काम कर रही है। मेहनत करके कमा के खा रही है। मेरा कोई हस्बैंड भी नहीं है। फ्यूचर में होगा। अभी तो फिलहाल नहीं है। कोई मतलब मुझे देखने वाला भी नहीं है। सबको मैंने देखा। सबका मैंने सेट करके सबको मैंने सेटल कर दिया। तो इसलिए मैं ऑलमोस्ट एक सेमी रिटायर्ड लाइफ ही मैं जी रही थी। बहुत यंग एज में ये सब हुआ आपका। या या सो एंड मेरा मन भी उब गया। एंड आई लाइक पीस यू नो और मेरा ऐसा कोई क्रेविंग नहीं है कि मुझे यही करना है, मुझे वही करना है। भगवान की कृपा बहुत है। यू नो मेरा थोड़े-थोड़े काम में भी आई एम आई एम वेरी आई एम डूइंग वेल। यू नो और देन आई आल्सो हैव प्ल्स फॉर माय ओन डिजिटल वेंचर्स। मैं अपना भी मुझे करना ही था अपना बिजनेस या फ्यूचर में तो मैंने वो सारी चीजें भी सोच के रखी है। मैं कभी किसी पे ना बर्डन मुझे बनना पसंद नहीं है। आई एम वेरी इंडिपेंडेंट एंड आई लाइक बीइंग इंडिपेंडेंट।

आई लाइक बीइंग शांत सुकून से अपना कुछ कर रही हूं। ये एक साधना है मेरे लिए। मेरा जीवन ही साधना है। तो मैं जो मेडिटेशन करती हूं मेरी जो लाइफ जैसे मैं जीती हूं इट्स वैरी सिमिलर। ये शैतानी लोग हैं। ये अहंकारी लोग हैं। एंड दे आर वेरी डर्टी एंड नेगेटिव। कि अकेली लड़की को देख के दे थॉट आई वास ईजी टारगेट। इनकी गंदगी उसमें है।

बट जैसे आप पोस्ट करेंगी तो और भी आपके लिए मुसीबतें बढ़ सकती है। डेफिनेटली मैं मैं चीजों को इसलिए एक्सपोज कर रही हूं क्योंकि मेरी सेफ्टी का इशू है। मैं चीजों को इसलिए एक्सप्रेस मैं मेरा शौक नहीं है इन सब चीजों में। मेरा शौक है डांस, म्यूजिक और इन सब चीजों में अपने को बिजी रखना। अगर ये मुझे परेशान नहीं कर रहे होते तो मुझे भी बार-बार आ के इन चीजों को नहीं करना पड़ता। ये मेरे रास्ते में क्यों खड़े हैं? क्यों मुझे परेशान कर रहे हैं? तो तो फिर होगा ही ना। क्योंकि मैं क्या करूं? व्हाट एल्स कैन आई डू? मैं यही कर सकती हूं ना सोशल मीडिया में कुछ पोस्ट कर दिया कि चलो आगे दूसरों को अगर परेशान कर रहे हैं किसी और को ऐसे पूजा मिश्रा के YouTube वीडियोस देख के मैंने बहुत कुछ सीखा। मुझे रियलाइज हुआ कि अच्छा इनका यह तरीका है। ऐसे करते हैं ये सब। सुशांत सिंह के केस से मैंने बहुत कुछ सीखा। तो हो सकता है कि अगर मुझे परेशान करते रहे तो फिर मेरे केस से सामने और आगे लोग सीखेंगे।

अगर मुझे अकेला छोड़ दें तो मैं भी अपनी चीजों में बिजी हो जाऊं। काम भी खराब करना, पीछे फॉलो भी करना, परेशान भी करना। ऐसीऐसी हरकतें करना यू नो मुझे किया जा रहा है। एक पॉइंट और बस ये कि सिद्धार्थ शुक्ला को लेकर आपने पोस्ट किया था कि वो रियलिटी शो को होस्ट करने वाले थे और सब कुछ प्लान हो गया था। लेकिन बाद में फिर चेंज हो गया।

ऐसे खबरें कैसे मतलब पता? ऐसे खबरें तो मैंने न्यूज़ में ही पढ़ी मैंने। अच्छा। हां, मीडिया में ही आई थी न्यूज़ कि उनको कंसीडर किया जा रहा था होस्टिंग के लिए। हम कॉन्ट्रैक्ट कंसीडर हो रहे थे। मैंने न्यूज़ में पढ़ा था। अचानक से फिर उनकी मौत हो गई। मेरा सवाल बस वही था कि अचानक से ऐसे लोगों की मौत कैसे हो जाती है जो इतने राइजिंग स्टार्स हैं। एकदम फिट हेल्दी और बॉलीवुड में जिन्होंने सबको सब चीजों को कंट्रोल करके रखा है। उन्हीं को ओवरक्रॉस करने की क्षमता थी इन लड़कों में। ये कोइंसिडेंस नहीं हो सकता है कि बार-बार ऐसे लड़कों के साथ या फिर एक्सीडेंट हो जा रहा है उनको बिल्कुल टूट जा रहे हैं।

यू नो या फिर मौत ही हो जा रही है। मतलब जान की कीमत ही नहीं है बस। जी और मुझे ऐसा लगता है कि ये बॉलीवुड माफिया तो एक कॉमन टर्म है। क्योंकि आप ये सारे बॉलीवुड वाले समझ ही सकते हैं। सबने झमेला पाला है किसी ना किसी टाइम पे। हम सबको इस झमेले से गुजरना पड़ा है। चाहे वो शाहरुख खान हो या चाहे कोई भी हो। ये तो हम सभी देख रहे हैं शाहरुख खान के साथ क्या हो रहा है। उनकी पिक्चरें शूट होते वक्त उनके बेटे के साथ ये सब हो जा रहा होता है। उनकी हालत तो ऐसे मीडिया में भी दिख रही थी कैसी कितनी बुरी हालत थी। फिर उन्होंने अपने को संभाला। फिर फिल्म रिलीज़ के वक्त कुछ हुआ। फिल्म जब उनकी रिलीज़ भी हो रही थी तब भी उनको चैन से किसी ने बैठने नहीं दिया। फिल्म रिलीज़ के वक्त भी बहुत सारी घटनाएं घटी। वो तो भगवान की कृपा थी उनके ऊपर कि वो तीनों पिक्चरें किसी तरह से निकल गई। और अब उन्हें नेशनल अवार्ड भी मिल रहा है। हां तो कितनी जल रही होगी। मैं मुझे तो बहुत मजा आता है। मुझे बहुत मजा आ रहा था शाहरुख खान को नेशनल अवार्ड मिला क्योंकि मुझे पता है कि ये वही लोग हैं जिन्होंने उनको भी स्टार्टिंग ऑफ करियर परेशान किया था। वो वही लोग हैं जिन्होंने सुशांत सिंह को मौत के घाट उतारा। ये वही लोग हैं जिन्होंने जिया खान को मारा और ये वही लोग हैं जो मुझे भी परेशान कर रहे हैं। और मुझे आज से नहीं मुझे स्टार्टिंग ऑफ द करियर से मुझे बाद में रियलाइज हुआ कि मैं जब से इंडस्ट्री में आई हूं ना मैं इनकी गंदी नजरों में मैं आ गई थी।

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