ऋतु नंदा की अनसुनी दास्तान एक ऐसी लड़की जिसके दादाजी को लोग थिएटर का किंग कहते थे जिसके पिता को दुनिया ने द अल्टीमेट शोमैन का खिताब दिया जिसके भाई बॉलीवुड के सुपरस्टार्स बने और जिसका ससुराल भारत के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में से एक था इतना ही नहीं जिसका बेटा आगे चलकर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का दामाद बना। जी हां, हम बात कर रहे हैं, कपूर खानदान की उस बेटी की जिसके पास दौलत, शोहरत और ग्लैमर की कोई कमी नहीं थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कपूर खानदान की इस लाडली ने एक वक्त पर ऐसा कदम उठाया जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को सदमे में डाल दिया था। एक ऐसी औरत जिसने कभी फिल्मों की चकाचौंध को नहीं चुना। लेकिन जब वो बिजनेस की दुनिया में उतरी तो उसने एक ही दिन में वो कर दिखाया जो इतिहास में कोई मर्द भी नहीं कर पाया था।
एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड जिसने उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में हमेशा हमेशा के लिए दर्ज करा दिया। लेकिन इस कामयाबी के पीछे छुपा था एक ऐसा दर्द। एक ऐसी खामोश जंग जिसे उन्होंने सालों तक दुनिया से छुपा कर रखा। आखिर क्या था कपूर खानदान की इस बेटी का वो सबसे बड़ा राज? क्यों उन्होंने फिल्मों को छोड़कर एक मामूली एजेंट बनना स्वीकार किया? जानने के लिए वीडियो के आखिर तक बने रहिए क्योंकि आज जो सच हम आपको बताने वाले हैं, वह आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। कपूर खानदान के कड़े नियम और ऋतु का बचपन। कहानी शुरू होती है 30 अक्टूबर 1948 को। जब मुंबई में द शोमैन राज कपूर और कृष्णा कपूर के घर एक नन्ही परी ने जन्म लिया। नाम रखा गया ऋतु कपूर। ऋतु राज कपूर की बड़ी बेटी थी। उन्हें बचपन से ही घर में वह माहौल मिला,
जिसके लिए लोग तरसते हैं। उनके घर पृथ्वीराज कपूर, शम्मी कपूर, शशि कपूर जैसे दिग्गजों का आना-जाना था। लेकिन दोस्तों कपूर खानदान का एक ऐसा नियम था जो आज के दौर में आपको हैरान कर देगा। उस दौर में कपूर खानदान की बेटियों और बहुओं को फिल्मों में काम करने की सख्त मनाही थी। राज कपूर अपनी बेटियों से बेहद प्यार करते थे। लेकिन जब बात स्क्रीन पर आने की होती थी, तो नियम बहुत कड़े थे। ऋतु ने इस बात को बहुत कम उम्र में ही समझ लिया था। उन्होंने कभी कैमरे के सामने आने की जिद नहीं की। लेकिन ऋतु आम लड़कियों जैसी नहीं थी। उनके खून में राज कपूर का वो जज्बा था जो हार मानना नहीं जानता था। वह फिल्मों में नहीं जा सकती थी। तो क्या हुआ? उन्होंने तय कर लिया था कि वह अपनी पहचान अपने दम पर बनाएंगी। किसी के नाम के सहारे नहीं निक्की ताशा की कहानी और जिंदगी का पहला बड़ा झटका साल 1969 में ऋतु कपूर की शादी देश के जाने-माने उद्योगपति राजन नंदा से हुई जो एस्कॉर्ट्स ग्रुप के मालिक थे। ऋतु कपूर अब ऋतु नंदा बन चुकी थी। शादी के बाद उनके दो बच्चे हुए। निखिल नंदा और नताशा नंदा अब ऋतु के पास सब कुछ था एक आलीशान जिंदगी बड़ा नाम और पैसा लेकिन उनके अंदर की एंटरप्रेन्योर शांत बैठने वाली नहीं थी 80 के दशक 1980s में ऋतु ने कुछ ऐसा करने की सोची जो उस समय भारत में किसी महिला ने नहीं सोचा था। उन्होंने अपने बच्चों निखिल और नताशा के नाम को मिलाकर एक होम अप्लायंसेस ब्रांड शुरू किया। निकिताशा यह वो दौर था जब भारत के किचन में गैस के
चूल्हे और आधुनिक कुकिंग अप्लायंसेस की एंट्री हो रही थी। निक्की ताशा ने मार्केट में धूम मचा दी। हर घर में इस ब्रांड के प्रोडक्ट्स पहुंचने लगे। ऋतु नंदा एक सफल बिजनेस वुमन बन चुकी थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मार्केट में अचानक कंपटीशन बढ़ा और कुछ ही सालों में निक्की ताशा ब्रांड को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। ऋतु नंदा का यह पहला बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट बुरी तरह फेल हो गया। चारों तरफ से बातें उठने लगी कि राज कपूर की बेटी बिजनेस क्या संभालेगी। यह ऋतु की जिंदगी का बहुत बड़ा झटका था। लेकिन क्या वो रुकने वाली थी? बिल्कुल नहीं। जब बनी LIC एजेंट और रचा इतिहास निक्की ताशा के डूबने के बाद ऋतुंदा ने कुछ ऐसा करने का फैसला किया। जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। कपूर खानदान की बेटी राजन नंदा की पत्नी। अब LIC भारतीय जीवन बीमा निगम की एक मामूली इंश्योरेंस एजेंट बनने जा रही थी। जब लोगों को यह बात पता चली, तो कईयों ने उनका मजाक उड़ाया।
लोगों ने कहा, इतने बड़े खानदान की औरत होकर लोगों के घर-घर जाकर पॉलिसी बेचेंगी। लेकिन ऋतु नंदा ने किसी की परवाह नहीं की। उन्होंने इसे एक चुनौती की तरह लिया। वह खुद बताती थी कि शुरुआत में जब वो लोगों के पास जाती थी। तो लोग उनके बैकग्राउंड को देखकर हैरान रह जाते थे। लेकिन ऋतु ने कभी अपने पिता या पति के नाम का इस्तेमाल नहीं किया। वो लोगों को सुरक्षा का भरोसा बेचती थी। और फिर आया वह ऐतिहासिक दिन जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए। ऋतु नंदा ने अपनी कड़ी मेहनत और गजब की सेल्फ स्किल के दम पर एक ही दिन में रिकॉर्ड 17,000 पेंशन पॉलिसीज बेच डाली। जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना। 17,000 पॉलिसियां सिर्फ एक दिन में यह कोई मामूली बात नहीं थी। यह एक ऐसा कारनामा था जिसने इंश्योरेंस सेक्टर के सारे पुराने रिकॉर्ड्स को मिट्टी में मिला दिया। इस अभूतपूर्व कामयाबी के लिए ऋतु नंदा का नाम सीधे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।
खुद LIC ने उन्हें इंश्योरेंस एडवाइजर ऑफ द डिकेड यानी दशक का सबसे बेहतरीन सलाहकार घोषित किया। जो लोग कल तक उनका मजाक उड़ा रहे थे। आज वह उनके सामने खड़े होकर तालियां बजा रहे थे। बच्चन और कपूर खानदान का महामिलन ऋतू नंदा अब सिर्फ एक नाम नहीं। बल्कि सफलता का दूसरा नाम बन चुकी थी। लेकिन उनकी जिंदगी का एक और दिलचस्प मोड़ आना बाकी था। जिसने भारतीय सिनेमा के दो सबसे बड़े महासाम्राज्यों को हमेशा के लिए एक डोर में बांध दिया। ऋतु नंदा के बेटे निखिल नंदा अमेरिका से पढ़ाई पूरी करके भारत लौटे और बिजनेस संभालने लगे मुलाकात सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन से हुई। दोनों में प्यार हुआ और साल 1997 में दोनों की शादी हो गई। यह सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं था बल्कि यह बॉलीवुड के इतिहास का सबसे बड़ा गठबंधन था। एक तरफ शोमेन राज कपूर का परिवार और दूसरी तरफ एंग्री यंग मैन अमिताभ बच्चन का परिवार इस शादी के बाद ऋतु नंदा श्वेता बच्चन की सास बनी और आगे चलकर नव्या नवेली नंदा और अगस्त्य नंदा की प्यारी दादी भी बनी। श्वेता बच्चन अक्सर इंटरव्यूज में कहती थी कि ऋतु नंदा सिर्फ उनकी सास नहीं बल्कि उनकी सबसे अच्छी दोस्त और गाइड थी। कैंसर से खामोश जंग और आखिरी विदाई जिंदगी की हर जंग को मुस्कुराकर जीतने वाली ऋतुंदा के सामने अब उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी और खौफनाक चुनौती आने वाली थी। साल 2012 से 13 के आसपास उन्हें पता चला कि उन्हें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी ने घेर लिया है।
यह खबर पूरे परिवार के लिए एक वज्रपात जैसी थी। लेकिन ऋतु नंदा तो ऋतुंदा थी। उन्होंने इस बीमारी के सामने भी घुटने टेकने से साफ मना कर दिया। उन्होंने अमेरिका में अपना इलाज करवाया। असहनीय दर्द झेला लेकिन जब भी वह कैमरे के सामने या परिवार के साथ होती थी। उनके चेहरे पर वही पुरानी खूबसूरत मुस्कान होती थी। उन्होंने कभी अपने चेहरे से अपने दर्द को जाहिर नहीं होने दिया। करीब 7 साल तक इस जानलेवा बीमारी से बहादुरी से लड़ने के बाद आखिरकार 14 जनवरी 2020 को 71 वर्ष की उम्र में ऋतु नंदा ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। उनके निधन पर पूरा बॉलीवुड और कॉर्पोरेट जगत रो पड़ा था। ऋषि कपूर रणधीर कपूर अमिताभ बच्चन हर किसी की आंखें नम थी। ऋतु नंदा आज हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी कहानी हमें सिखाती है कि चाहे आप कितने भी बड़े खानदान में पैदा क्यों ना हुए हो असली पहचान वही होती है जो आप अपनी मेहनत से खुद बनाते हैं। राज कपूर की लाडली बेटी से लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बनने तक का उनका यह सफर हमेशा करोड़ों महिलाओं को प्रेरित करता रहेगा। दोस्तों ऋतु नंदा की इस प्रेरणादायक और अनसुनी कहानी के बारे में आपका क्या कहना है? क्या आपको इसके पहले उनके इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के बारे में पता था? हमें कमेंट करके जरूर बताइए। अगर वीडियो अच्छी लगी हो तो इसे लाइक करें। अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और ऐसी ही और दिलचस्प कहानियों के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें। मिलते हैं अगले वीडियो में। तब तक के लिए धन्यवाद।