हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का जन्म 29 दिसंबर 1942 को जतिन खन्ना के रूप में हुआ था। बहुत कम लोग जानते हैं कि वे अपने जैविक माता-पिता के साथ नहीं पले-बढ़े। बचपन में ही उन्हें उनके रिश्तेदार चुन्नीलाल खन्ना और उनकी पत्नी लीलावती खन्ना ने कानूनी रूप से गोद ले लिया था।
इसके बाद उनका पालन-पोषण मुंबई में हुआ, जहाँ उन्हें अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर मिले।गोद लिए जाने के बावजूद राजेश खन्ना को अपने दत्तक माता-पिता से भरपूर स्नेह और सहयोग मिला। उन्होंने उनकी हर इच्छा का सम्मान किया और अभिनय के प्रति उनके जुनून को भी समझा। हालांकि, परिवार चाहता था कि वे पढ़ाई और एक सुरक्षित करियर पर ध्यान दें, लेकिन राजेश खन्ना का सपना फिल्मों में अभिनेता बनने का था।
उन्होंने अभिनय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और 1965 के यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स टैलेंट कॉन्टेस्ट में जीत हासिल की। इसके बाद फिल्मों का सफर शुरू हुआ और वे आगे चलकर हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार बने। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि रिश्ते केवल जन्म से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और परवरिश से भी बनते हैं।
राजेश खन्ना की जीवन यात्रा आज भी लाखों लोगों को यह प्रेरणा देती है कि परिवार का स्नेह और अपनी मेहनत मिलकर किसी भी इंसान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं।