राजेश खन्ना से जुड़ा यह किस्सा उनके करियर के एक दिलचस्प कानूनी विवाद का है। रिपोर्टों के मुताबिक, आयकर विभाग ने उनके बंगले ‘आशीर्वाद’ में बने मिनी थिएटर और उससे जुड़े खर्च को लेकर उनसे करीब 3.61 लाख रुपये की वसूली का मामला दायर किया था।
मामला मुंबई के वीटी स्टेशन स्थित कोर्ट में पहुंचा। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत राजेश खन्ना के नाम पर पहले तीन बार वारंट जारी कर चुकी थी, लेकिन वह पेश नहीं हुए। आखिरकार जब उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी हुई, तो वह कोर्ट पहुंचे। वहां उन्होंने जज के सामने नाराजगी में कहा – “आप मुझे गिरफ्तार कर लो, जेल की सलाखों के पीछे डाल दो।”
बताया जाता है कि जज बी. एस. पाटिल ने भी सख्त लहजे में उन्हें अगली बार अदालत में इस तरह पेश होने से बचने की चेतावनी दी। बाद में दोनों पक्षों के वकीलों ने मामले को संभाला और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
संयोग से उसी दिन जज पाटिल का प्रमोशन भी हुआ और उनका ट्रांसफर दूसरे कोर्ट में हो गया।यह किस्सा राजेश खन्ना के स्टारडम के साथ उनके बेबाक स्वभाव की झलक भी देता है, हालांकि घटना का विवरण मुख्यतः मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है।