हेलो नमस्कार दिस इज मी तरुण बॉलीवुड दोस्त आपका और लेकर आता हूं बॉलीवुड टॉकीज बॉलीवुड टॉकीज के इस एपिसोड में आज आप जानेंगे राजेश खन्ना के वो शब्द जो उन्होंने इस दुनिया को छोड़ने से पहले रिकॉर्ड किए थे और उनके चौथे पर वह सबको सुनाए गए थे क्या थे वह शब्द किस-किस को शुक्रिया कहा किस से वह नाराज रहे सब कुछ राजेश खन्ना ने बयान कर दिया था अपने जाने से पहले आइए जानते हैं उस रिकॉर्डिंग के बारे में 18 जुलाई सन 2012 जब राजेश खन्ना ने अपने आशीर्वाद बंगलों में आखिरी सांस ली और पूरी दुनिया को अलविदा कह गए उस वक्त इनके साथ इनकी पत्नी दोनों बेटियां दामाद अक्षय कुमार और कुछ दोस्त भी साथ थे और फिर अगले दिन 19 जुलाई 2012 को
सुबह 11:00 बजे पंचतत्व में विलीन हो गए काका और उसी दिन यह भी डिस्क्लोज किया गया कि इन्हें कैंसर की बीमारी थी राजेश खन्ना की अंतिम यात्रा में पूरी दुनिया उमड़ पड़ी पुलिस को लाठी चार्ज तक करना पड़ा था तकरीबन 9 लाख लोग पहुंचे जिनमें कैलिफोर्निया स्पेन ऑस्ट्रेलिया सिंगापुर और इंडिया के सभी फैंस की आंखों में अपने सुपरस्टार के लिए आंसू थे किशोर कुमार मोहम्मद रफी के बाद राजेश खन्ना के लिए ऐसा प्यार देखने को मिला मरने से पहले अपने फैंस के लिए और फ्रेंड्स के लिए उन्होंने अपने शब्द रिकॉर्ड किए थे दोस्त टेप चला दो जल्दी जो इनके चौथे पर कैसेट चलाई गई जहां राजेश खन्ना की आवाज वैसी ही सुनाई दी जैसी आनंद फिल्म में सुनाई दी थी मेरे प्यारे दोस्तों भाइयों और बहनों नॉस्टैल्जिया में रहने की आदत नहीं है मुझे हमेशा भविष्य के बारे में ही सोचना पड़ता है
जो दिन गुजर गए बीत गए उसका क्या सोचना है लेकिन जब जाने पहचाने चेहरे अनजान सी एक महफिल में मिलते हैं तो यादें वाबस्ता हो जाती हैं यादें फिर दोबारा लौट आती कभी-कभी मुझे ऐसे लगता है जैसे 100 साल पहले जब मैं 10 साल का था तब से हमारी मुलाकात है मेरा जन्म थिएटर से हुआ मैं आज जो कुछ भी हूं यह स्टेज यह थिएटर की वदलत हू मैंने जब थिएटर शुरू किया तो मुझे मेरे थिएटर वालों ने मुझे एक जूनियर आर्टिस्ट का रूल दिया था एक इंस्पेक्टर का जिसका सिर्फ एक ही डायलॉग था कि खबरदार नंबरदार भागने की कोशिश की पुलिस ने चारों तरफ से घेर रखा है यह डायलॉग था तो उसम मैं जैसे सेकंड एक्ट में गया तो मैंने जाहा नंबरदार खबरदार तुमने भागने की उसके बाद डायलॉग भूल गया तो ी के शर्मा जो थे हीरो थे उन्होंने कहा हां हां इंस्पेक्टर साहब का यह कहना भागने की कोशिश ना करना पुलिस ने चारों तरफ से तुम्हें घेर रखा है जो डायलॉग मैंने बोलना था वो डायलॉग उन्होंने पूरा किया क्योंकि मैं डायलॉग भूल गया और उसके बाद मुझे वो बहुत डांट पड़ी और मैं बहुत रोया भी मैंने कहा कि भाई राजेश खन्ना तुम कहते हो कि तुम एक्टर बनना चाहते हो एक लाइन तो तुमसे बोली जाती नहीं है शर्म की बात है लानत है तुम पर मैंने बहुत कोसा अपने आप को और मैंने कहा मैं कभी एक्टर नहीं बन सकता लेकिन फिर भी भगवान की मुस्कान समझ लीजिए जिद समझ लीजिए
मैंने कहा कुछ ना कुछ तो करूंगा करके बताऊंगा फिल्म में आ तो गया लेकिन आने के बाद वो खूबसूरत कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने का मौका यह सहरा तो आपके सर है कि आप है जिन्होंने मुझे एक्टर से स्टार बनाया स्टार से सुपरस्टार बनाया किन अल्फाजों में आपका शुक्रिया अदा करूं मुझे समझ में नहीं आता प्यार आप मुझे भेजते रहे प्यार वो मुझे मिलता रहा लेकिन उस प्यार को मैं कभी वापस लौटा नहीं पाया लेकिन जो भी कहना चाहूंगा जिन अल्फाजों में भी मैं आपका शुक्रिया अदा करना चाहूंगा वो मेरे दिल की सच्चाई होगी मेरी ईमानदारी होगी मेरा जमीर होगा आज मेरा दिल हल्का हुआ आपसे गुफ्तगू करके बात करके और आपका मैंने शुक्रिया अदा किया मुझे खुद को अच्छा लग रहा है कि चलिए इस बहाने आपसे मुलाकात हुई किसे अपना कहे कोई इस काबिल नहीं मिलता किसे अपना कहे कोई इस काबिल नहीं मिलता याय पत्थर तो बहुत मिलते हैं लेकिन दिल नहीं मिलता तो दोस्तों आपका एक हिस्सेदार मैं भी हूं और जैसे मैंने पहले भी कहा कि आपने अपना कीमती वक्त निकाल कर आपका यह प्यार था जो आप यहां मौजूद हुए और इतनी भारी संख्या में तो मैं यही कहूंगा कि बहुत-बहुत शुक्रिया थैंक यू और मेरा बहुत-बहुत सलाम उस दिन
अमिताभ बच्चन ने कहा कि राजेश खन्ना के आखिरी वर्ड थे टाइम इज अप बैक अप 25 जुलाई सन 2012 को ऋषिकेश में डिंपल कपाड़िया और रिंकी खन्ना ने राजेश खन्ना की अस्थियों का गंगा जी में विसर्जन कर दिया और राजेश चले गए क्या हिंदुस्तान क्या पाकिस्तान और क्या कोई भी भी देश हर जगह इनके फैंस ने राजेश खन्ना को अपने-अपने शब्दों में दिल से याद किया अमिताभ ने कहा था सुपरस्टार वर्ल्ड सिर्फ राजेश खन्ना के लिए बना था और वह उनके साथ चला गया राजेश खन्ना कहते थे कि स्टार स्टार होते हैं उन्हें नंबर वन नंबर टू या नंबर थ्री नहीं कहना चाहिए नंबर तो रेस में दौड़ने वाले घोड़ों के हुआ करते हैं राजेश खन्ना का एक सपना था डायरेक्टर बनने का और साथ साथ में एक सपना था अपने उस खास आशीर्वाद को यानी अपने बंगले को अपने मरने के बाद म्यूजियम में बनाने का मतलब म्यूजियम में तब्दील कर देने का कि राजेश खन्ना की फिल्मों की कुछ बातें हो कुछ पोस्टर्स हो कुछ कहानियां हो कुछ ना कुछ ऐसी बातें हो जो कि राजेश खन्ना से जुड़ी हो लेकिन ऐसा नहीं हो पाया राजेश खन्ना की मौत के बाद उनके परिवार जनों ने 90 करोड़ में किसी एक उद्योगपति को यह बंगला बेच दिया उसके पीछे रीजन ये था कि राजेश खन्ना का ये बंगला जो था काफी विवादों में आ गया था क्योंकि कुछ लोग जो उनसे जुड़े हुए भी नहीं
थे लेकिन उस पर हक जताने लगे थे कि व राजेश खन्ना को जानते हैं और ऐसे में राजेश खन्ना के परिवार ने यानी अक्षय कुमार और उनकी फैमिली ने यह निर्णय लिया कि इस बंगले को भेज देना चाहिए क्योंकि डिस्प्यूट रहेगा और बड़ी दिक्कतें आएगी काश के आशीर्वाद बंगला जो कि राजेंद्र कुमार और राजेश खन्ना का एक खास बंगला रहा वह किसी म्यूजियम में तब्दील हो पाता पर ऐसा हो ना सका 3 मई 2013 को इंडिया पोस्ट ने इनका डाक टिकट जारी किया था राजेश खन्ना की पहली डेथ एनिवर्सरी पर इनकी याद में कांसे का स्टैचू बैंड स्टैंड पर जनता को समर्पित किया गया गिरगांव में एक चौक का नाम सुपर स्टार राजेश खन्ना चौक रख दिया गया और लाजपत नगर नई दिल्ली में इनकी याद में एक पार्क का नाम सुपरस्टार राजेश खन्ना पार्क रख दिया गया राजेश खन्ना कहते थे कि अगर मैं वापस जन्म लेकर आऊं तो मैं राजेश खन्ना बनकर ही आऊ और मेरी यह गलतियां फिर से दोहरा हं आनंद मरा नहीं आनंद मरते नहीं है बाहु मय जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए और यह बात राजेश खन्ना पर बिल्कुल फिट बैठती है ऐसी ही उनकी लाइफ रही राजेश खन्ना को हम दिल से नमन करते हैं ऐसा सुपरस्टार ना कभी हुआ और ना ही कभी होगा और आखिर में यही कहेंगे कि आनंद कभी मरते नहीं जो आनंद उन्होंने दिया वह हम कभी भुला नहीं सकते अब आज्ञा दीजिए तरुण व्यास को नमस्कार