जैसे मुस्कान को और मतलब उसके साथी को फांसी की सजा सुनाई गई ना। इसी तरह की मैं भी चाहती हूं कि सोनम को और सोनम के साथी को फांसी की सजा सुनाई जाए और जल्द से जल्द फैसला आए। जैसे शायर की मां को इंसाफ मिला वैसा एक मां मतलब मैं भी इंतजार कर रही कि मेरे बेटे का जल्द से जल्द फैसला आए और मेरे को भी न्याय मिले। अच्छा इसमें सारे आरोपी लगभग पांच आरोपी हैं। इसमें क्या कहना चाहेंगे? सभी को फांसी की सजा होनी चाहिए।
हां, मैं तो यही चाहती हूं कि मेरे बेटे का कोई कसूर नहीं था। उन पांचों को भी सजा मिली जाए फांसी की और सोनम को भी फांसी की सजा सुनाई जाए। क्योंकि सोनम ने बहुत बड़ी साजिश रच के गई थी और वो साथी मतलब जिनने ही मारा है या सब ने साथ दिया। मैं सबके लिए एक ही सजा मांगती हूं कि सबको फांसी मिले। तभी ये मां को मतलब तसल्ली होएगी कि मेरे बेटे का कोई कसूर नहीं था क्योंकि सबने बहुत उससे साथ दिया। क्यों दिया सबने साथ? तो सबको सबक लगना जरूरी है। जब जाके आगे दूसरे बच्चे ऐसे काम नहीं कर पाएंगे।
अगर उनको सबक नहीं दिया जाएगा तो दूसरे फिर कहेंगे कि इतने दिन में छूट के वापस आ जाते हैं। फिर से दूसरा काम रच सकते हैं कि किसी को मानना आसान बात हो सकती है। सरकार से कोई मांग करते हैं आप? सरकार से मेरा एक ही निवेदन है कि जो फैसला क्या बोलते हैं नीले डरम वाले केस में सुनाया गया है वही फैसला राजा के केस में भी सुनाया जाए।