प्रयागराज में छात्रों से संवाद के दौरान पिंक शर्ट पहनकर फूंकी अंदाज में नजर आए राहुल गांधी के लुक ने तहलका मचा दिया है। दरअसल राहुल गांधी द्वारा पहनी गई पिंक शर्ट सोशल मीडिया पर इतनी पसंद की गई कि अब हर तरफ लोग यही पिंक शर्ट पहनना चाहते हैं।
हालात ये है कि तमाम ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर इसी पिंक शर्ट के ऑर्डर्स की बाढ़ आ चुकी है और ऐसा हम नहीं बल्कि खुद शॉपिंग साइट्स पर चल रहे पिंक शर्ट के ट्रेंड से पता चल रहा है। यहां तक कि शॉपिंग साइट्स Flipkart पर तो यह शर्ट राहुल लुक के नाम से बेचे जा रही है। जहां पर कई लोगों ने इसे अब तक ऑर्डर भी कर लिया है। दावा किया गया कि Flipkart, Amazon जैसे शॉपिंग साइट से 10,000 से ज्यादा पिंक कलर के शर्ट ऑर्डर हो चुके हैं। प्रयागराज में जयंती छात्र दुकानों पर जाकर इस शर्ट की डिमांड भी कर रहे हैं। तो वहीं कई लोगों ने पिंक शर्ट पहनकर अपनी और राहुल की फोटो को साथ में अपलोड भी किया है। राहुल के इस लुक को कुछ लोगों ने शांति और सौम्यता का प्रतीक बताया तो वहीं कुछ लोगों ने तो राहुल को फोगी ही बता दिया। बता दें कि पुकी एक प्यार भरा स्लैंग है।
इसका मतलब है कि किसी ऐसे व्यक्ति को प्यार से पुकारना जिसे आप बहुत ज्यादा चाहते हैं। तो वहीं यह भी माना जा रहा है कि राहुल गांधी राजनीति में अलग-अलग रंगों के पहनावे से अलग-अलग पहचान बनाते नजर आ रहे हैं। जैसे कि भारतीय नेताओं के पारंपरिक सफेद कुर्ता पैजामा से अलग हटकर राहुल गांधी अक्सर सफेद टीशर्ट में अपनी अलग ही पहचान बनाते दिखे।
देखा जाए तो भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी की सार्वजनिक छवि में सफेद टीशर्ट ज्यादा प्रमुख हो गई। इससे उनकी छवि एक युवा नेता की बनी। वो छात्रों के बीच और छात्र उनके साथ ज्यादा सहज हुए। उन्होंने भारतीय नेताओं के पारंपरिक कुर्ता पैजामे से अलग हटकर आधुनिक पहनावे को अपनाया। उनका संदेश साफ था कि नेताओं को भी समय के साथ बदलना चाहिए। भले ही इससे उन्हें चुनावी तौर पर कोई खास फायदा ना मिला हो, लेकिन यह उनकी छवि बदलने की कोशिश का एक हिस्सा जरूर था। यह कोशिश और अब भी जारी है। तो वहीं गौर करें तो राहुल गांधी ने एथेनॉल से कार को होने वाले नुकसान को दिखाने के दौरान गहरे नीले रंग की टीशर्ट पहनी थी। इस रंग से उनके व्यक्तित्व में एक तरह का अधिकार और गंभीरता दिखाने की कोशिश नजर आई।
उस समय वह E20 पेट्रोल के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे थे और सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कई जवाब भी दिए जा चुके थे और फिर आया यह गुलाबी रंग। प्रयागराज में राहुल गांधी ने गुलाबी रंग की शर्ट पहनी। यह रंग इसलिए भी अलग नजर आया क्योंकि वो अब तक सफेद टीशर्ट और डेनिम वाले अपने आम पहनावे में ही नजर आते रहते थे। लेकिन जेजी के बीच एक अट्रैक्टिव और चार्मिंग कलर में जाना और एक पोकी इमेज क्रिएट करना अपने आप में ही बेहद अनोखा था क्योंकि पिंक कलर को युवापन असहमति और विरोध से भी जोड़कर देखा जाता है।
यह बात उस समय और महत्वपूर्ण हो जाती है जब राहुल गांधी ने यह शर्ट पहनी क्योंकि उस समय पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इसलिए राहुल गांधी की गुलाबी शर्ट को भी विरोध की इसी तरह की दृष्टि से देखा गया। यह उन्हें शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे युवा प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा दिखाने की कोशिश हो सकती है। और जैसा कि हमेशा कहा भी गया है पर्सनालिटी ऑलवेज मैटर्स। और इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि किसी नेता की बदली हुई छवि लोगों का ध्यान जरूर खींचती है।
नेता के पहनावे का जनता पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है और इसका उदाहरण पीएम मोदी भी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से यह समझते रहे हैं कि राजनीतिक संदेश हमेशा भाषणों के जरिए ही नहीं बल्कि कई बार कपड़ों का रंग भी राजनीतिक संदेश दे सकता है। स्वतंत्रता दिवस पर उनकी पोशाक इसका एक बड़ा उदाहरण है। हर साल अलग-अलग रंग की पगड़ी पहनना उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। इन पगड़ियों के जरिए भारत के विविधता के अलग-अलग रंगों को दिखाया जाता है और साथ ही एकता पर उनका जोर भी नजर आता है। इस तरह जब किसी कार्यक्रम में धार्मिक महत्व जुड़ा होता है.
तब भी रंगों का इस्तेमाल काफी सोच समझकर किया जाता है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भगवा रंग के कपड़े पहने थे। भगवा रंग हिंदू धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इसी तरह से राहुल गांधी के सफेद टीशर्ट ने भी उनकी एक नई छवि बनाने की कोशिश की। नीली टीशर्ट के जरिए उन्होंने खुद को एक मजबूत और अधिकार पूर्ण नेता के रूप में दिखाने की कोशिश की। तो वहीं गुलाबी शर्ट युवापन और विरोध का संदेश देती हुई नजर आती है। तो यही है रंग की राजनीति जिसके जरिए भी कहीं ना कहीं जनता को लुभाने की कोशिश की जाती है। हालांकि आपको राहुल का यह फोकी लुक कैसा लगा