हमने यह डिसाइड किया दैट वी द टू थर्ड मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट ऑफ दी बिलोंगिंग टू दी आम आदमी पार्टी इन राज्यसभा एक्सरसाइज द प्रोविजंस ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया एंड मर्ज आवरसेल्व्स वि द बीजेपी। हम बीजेपी में विलय करते हैं। राघव चड्डा खुद तो आप पार्टी से गए गए लेकिन अपने साथ सात और लोगों को आपसे लेकर गए। राघव चड्डा के इस मूव की हर तरफ चर्चा हो रही है।
सबसे ज़्यादा शॉकिंग तो यह बात है कि जिस अशोक मित्तल को राघव चड्डा की जगह राज्यसभा में अपॉइंट किया गया था आप पार्टी की तरफ से स्पीकर के तौर पर उस अशोक मित्तल को भी राघव चड्डा अपने साथ आप पार्टी से लेकर चले गए। सात पॉलिटिशियन आप पार्टी से बागे हुए हैं जो अपने आप में एक बड़ा नंबर है और आप पार्टी एक बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रही है। राघव चड्डा के इस मूव को कई लोग माइंडफुल कह रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं इंटेलिजेंट है। कई लोग कह रहे हैं
कि आप में दम नहीं बचा और राइट टाइम पर राघव चड्डा मूव कर गए। लेकिन जिन लोगों ने राघव चड्डा की ग्रोथ आप पार्टी में देखी है, वो लोग राघव चड्डा के इस मूव को क्रिटिसाइज कर रहे हैं और कह रहे हैं कि राघव चड्डा ने आप पार्टी के साथ जो किया है वो विभीषण वाला काम किया है। राघव चड्डा की अगर आप पार्टी के साथ शुरुआत कैसे हुई इसकी बात करें तो उन्होंने एज एन इंटर्न जॉइ किया था आप पार्टी को और धीरे-धीरे वो ग्रो करते गए आप पार्टी के साथ और उन्होंने अपने आप को एक नए मुकाम पर पहुंचाया और एक टाइम ऐसा आया जब आप पार्टी से ज्यादा चर्चा राघव चड्डा की होने लगी। सबसे बड़ा खेल तो तब हुआ कि जब आप पार्टी एक वीक दौर से गुजर रही थी।
तब राघव चड्डा चुप थे और इस दौर के शांत होने के बाद राघव चड्डा वापस आए तो भी उन्होंने खुद की ब्रांडिंग शुरू करने की पार्टी के मुद्दे तो बंद कर दिए। तो वहीं से पता चल गया था कि राघव चड्डा एक अलग ट्रैक पकड़ चुके हैं। और फिर जब सोशल मीडिया से उन्होंने बीजेपी के अगेंस्ट जो पोस्ट थी वो डिलीट की उससे तो यह कंफर्म ही हो गया था कि राघव चड्डा अब बीजेपी जॉइ कर रहे हैं। वो पोस्ट राघव चड्डा ने अपने अकाउंट से तो डिलीट कर दी। लेकिन उन पोस्ट का क्या जो सोशल मीडिया पर उनके फैंस ने कभी शेयर की थी जिसमें राघव चड्डा बीजेपी को गुंडे की पार्टी बता रहे थे और कह रहे थे कि बीजेपी में तो सभी लोग गुंडे हैं। बीजेपी तो वाशिंग मशीन है। और मेरा यह मानना है कि बीजेपी एक गुंडों की पार्टी है। अनपढ़ गुंडों की पार्टी है। वह सिर्फ गुंडागर्दी करते हैं। उन्होंने सालों तक आप में रहते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए और अब वो खुद बीजेपी का हिस्सा है। तो अपनी पुरानी कही हुई बातों पर अब राघव चड्डा कैसे जस्टिफाई करेंगे? क्या इसके लिए भी उनके पास कोई अच्छा पीआर प्लान है?
वाइट वाश वाला प्लान है? यह देखना इंटरेस्टिंग होगा। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र की सरकार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है उसने कई मजबूत ऐसे फैसले लिए जो आज से पहले नेता फैसले लेने से शायद डरते थे। चाहे वह आतंकवाद की जड़े उखाड़ कर फेंकना हो या भारत को विश्व की टॉप इकॉनमीज़ में लाना हो। और इस नेतृत्व पर जनता ने एक बार नहीं दो बार नहीं तीन-तीन बार मोहर लगाई है। आपको क्या लगता है राघव चड्डा का यह जो मूव है आप पार्टी से बीजेपी की तरफ इसे आप किस तौर पर देखते हैं? माइंडफुल है इंटेलिजेंट है या फिर धोखेबाज है? कमेंट सेक्शन में जरूर मेंशन