क्या प्रत्युषा बनर्जी को मिला इंसाफ? 10 साल बाद आया कोर्ट का फैसला। मामले में फंसा था बॉयफ्रेंड। 2016 में बालिका वधू ने दे दी थी जान। 2026 में हुआ बड़ा खुलासा। फैसला सुन दंग रह गया प्रत्युषा का परिवार? फैंस ने उठाई आवाज। क्या प्रत्युषा बनर्जी को आखिरकार इंसाफ मिला? या फिर 10 साल पुरानी यह कानूनी लड़ाई एक नए मोड़ पर आकर खत्म हो गई है। टीवी की बालिका वधू आनंदी के नाम से घर-घर में पहचान बनाने वाली प्रत्युषा बनर्जी की का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। 2016 में महज 24 साल की उम्र में दुनिया छोड़ने वाली प्रत्युषा के केस में अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है।
1 अप्रैल 2016 यह दिन प्रत्युषा के चाहने वाले कभी नहीं भूल सकते। इस दिन उन्होंने अपनी पसंदीदा एक्ट्रेस को हमेशा हमेशा के लिए खो दिया था। एक्ट्रेस ने अपने गोरे गांव वेस्ट वाले किराए के फ्लैट में अपनी जान दे दी थी।
इस खबर ने टीवी इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया था। उनकी मां सोमा बनर्जी की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह के खिलाफ आरोप था कि राहुल ने प्रत्यषा को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक तौर पर परेशान कियाथा। राहुल को जुलाई 2016 में बॉम्बे हाईकोर्ट से एंटीिसिपेटरी बेल मिल गई करीब 2 साल बाद 2018 में पुलिस ने इस मामले में चार्ज शीट दाखिल की थी। राहुल ने इसके बाद केस से डिस्चार्ज किए जाने की मांग भी की थी। लेकिन अगस्त 2023 में सेशन कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला फिर हाई कोर्ट पहुंचा और अब करीब 10 साल बाद तस्वीर बदलती हुई नजर आ रही है।
राहुल की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट में कई अहम दलीलें रखी। उनका कहना था कि एफआईआर जल्दबाजी में दर्ज की गई थी और सबसे अहम बात यह है कि कोई नोट बरामद नहीं हुआ था। इन दलीलों पर गौर करने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने माना कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर के लिए उकसाने का मामला ट्रायल तक ले जाने लायक नहीं है। इसी के साथ राहुल राज सिंह को इस मामले में बरी कर दिया गया है। हालांकि प्रषा का परिवार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। इस केस में एक और पहलू भी सामने आया था। राहुल ने 2016 में पुलिस पूछताछ के दौरान दावा किया था कि प्रत्युषा पर ₹40 लाख से ज्यादा का कर्ज है और करीब ₹1 लाख का सर्विस टैक्स बकाया था।
राहुल के मुताबिक इन आर्थिक परेशानियों की वजह से भी प्रत्युषा तनाव में रहती थी। प्रत्युषा बनर्जी की को अब 10 साल बीत चुके हैं। लेकिन उनका नाम आज भी टीवी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। अब कोर्ट के इस फैसले के बाद केस की कानूनी तस्वीर बदल गई है। लेकिन प्रत्युषा के परिवार के लिए यह फैसला क्या मायने रखता है और क्या वह आगे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे इस पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल 10 साल पुराने इस केस में राहुल राज सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिल चुकी है।