दोस्तों बॉलीवुड की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखाई देती है उसके पीछे कई ऐसी कहानियां छिपी है जो किसी क्राइम फिल्म से कम नहीं है। एक ऐसा दौर जब फिल्में बनाने के लिए अंडरवर से पैसे लेने की चर्चा होती थी। सितारों को धमकी भरे फोन आते थे और गैंगस्टरों की दुश्मनी का असर फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंचने लगा था।
लेकिन दोस्तों इसी अंधेरी दुनिया में एक फिल्म प्रोड्यूसर ऐसा भी था जिसने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। कई फिल्मों का निर्माण किया लेकिन एक दिन उसके अपने ही ऑफिस में गोलियां बरसा दी गई। आखिर कौन था वो प्रोड्यूसर जिसकी हत्या ने फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया और क्या इस हत्याकांड के पीछे अंडरवर की आपसी दुश्मनी थी? जी हां, हम बात कर रहे हैं फिल्म निर्माता मुकेश दुग्गल की जिनकी 7 मार्च 1997 को मुंबई के अंधेरी स्थित सेवन बंगलो इलाके में उनके ऑफिस के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक हमलावर उनके ऑफिस में घुसे और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी।
इस घटना ने पूरे फिल्म जगत को हिला कर रख दिया। क्योंकि यह वो दौर था जब बॉलीवुड और अंडरवर के कथित रिश्तों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। लेकिन दोस्तों मुकेश दुग्गल की कहानी सिर्फ उनकी हत्या तक सीमित नहीं है। इसके पीछे गैंग वॉर, पैसों के लेनदेन और अंडरवर से बदलते समीकरणों का एंगल भी सामने आया। अब सवाल यह है कि आखिर मुकेश दुग्गल कौन थे और उनका अंडरवर से क्या कनेक्शन था? दरअसल मुकेश दुग्गल मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले थे। वरिष्ठ अपराध पत्रकार बलजीत परमार के मुताबिक मुंबई आने से पहले उन्होंने कपड़ों की तस्करी से पैसा कमाया था और बाद में इसी पैसे के सहारे उन्होंने फिल्म निर्माण की दुनिया में कदम रखा। धीरे-धीरे मुकेश दुग्गल ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बना ली।
उन्होंने फतेह, साथी और दिल का क्या कसूर और प्लेटफार्म जैसी फिल्मों का निर्माण किया। वहीं 1994 में आई फिल्म गोपी किशन भी उनके करियर की अहम फिल्मों में गिनी जाती है और इस फिल्म में सुनील शेट्टी ने डबल रोल निभाया था और करिश्मा कपूर भी नजर आई थी। इसके अलावा फिल्म खिलौना से अभिनेत्री मोनिका बेदी के बॉलीवुड करियर की भी शुरुआत हुई। मुकेश दुग्गल के साथ उनके करीबी रिश्तों की भी चर्चा हुई।
लेकिन दोस्तों इसी बीच मुकेश दुग्गल के अंडरवर्ड से कथित संबंधों की भी खबर सामने आई। अपराध पत्रकार बलजीत परमार के मुताबिक दुग्गल के दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क और छोटा शकील से संबंध थे। लेकिन साल 1994 में छोटा राजन के दाऊद इब्राहिम से अलग होने के बाद अंडरवर की तस्वीरें बदल गई। बताया जाता है कि मुकेश दुग्गल ने भी छोटा राजन की तरफ अपना झुकाव कर लिया था। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सामने आए दावों को समझना जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को शक था कि मुकेश दुग्गल की हत्या का संबंध छोटा राजन के साथ कथित वित्तीय लेनदेन से था।
जांच में छोटा शकील की गिरोह से जुड़े लोगों पर भी शक जताया गया। यानी अंडरवर से दो विरोधी गुटों की दुश्मनी के बीच मुकेश दुग्गल की जान चली गई। लेकिन दोस्तों इस हत्याकांड से जुड़ा एक और दावा कई सालों बाद सुर्खियों में आया। गैंगस्टर अबू सलीम के नार्को एनालिसिस टेस्ट के दौरान अभिनेत्री मनीषा कोयराला और मुकेश दुग्गल की हत्या की सुपारी देने का आरोप लगाया गया और इस दावे ने सनसनी फैला दी। हालांकि यह अबू सलीम का आरोप था जिसे हत्या का साबित हो चुका तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस अधिकारियों ने भी उसके दावों पर सवाल उठाए थे। अब जरा सोचिए 1997 में मुकेश दुग्गल की हत्या हुई और उसी साल अगस्त में टी सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की भी हत्या कर दी गई। इन घटनाओं ने बॉलीवुड और अंडरवर के कथित गठजोड़ को लेकर देश भर में चिंता बढ़ा दी। इसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में वैध फाइनेंसिंग की जरूरत पर जोर बढ़ा। साल 2000 में भारतीय फिल्म उद्योग को आधिकारिक तौर पर उद्योग का दर्जा दिया गया। जिससे संस्थागत वित्तीय पोषण का रास्ता खुला।
दोस्तों, मुकेश दुग्गल बॉलीवुड में कई फिल्मों के जरिए अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे। लेकिन 7 मार्च 1997 को उनके ऑफिस में हुई गोलीबारी ने उनकी जिंदगी खत्म कर दी। आज भी उनकी हत्या से जुड़ी कहानी 90 के दशक में बॉलीवुड और अंडरवर के कथित रिश्तों की याद दिलाती है। एक ऐसा दौर जब फिल्मी पर्दे की कहानियों से बाहर भी एक खतरनाक खेल चल रहा था। दोस्तों ये सारी कहानियां आज क्यों आ रही है? क्योंकि जब टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग हुई तो उसके बाद से फिर से गैंग और अंडरवर में हड़कंप मच गया है। तो ये कहानियां और अंडरवर से कनेक्शन और बॉलीवुड का गैंग से कोई ना कोई पंगे या कोई ना कोई कहानी सामने आती ही है।
जैसे इस समय चल रही हर तरफ टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। वैसे ये भी कहानी जो उस समय उस समय से लेकर आज तक चर्चित कहानियों में गिनी जाती है।