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कोटा से कैसे पकड़े गए टाइगर श्रॉफ पर ह;म!ला करने वाले आरोपी? थाना प्रभारी ने बताया पूरा सच।

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पूछताछ उन लोगों ने करी है बॉम्बे पुलिस ने क्योंकि कोटा पुलिस ने तो डिटेंस के बाद उनको हैंड ओवर कर दिया था। ट्रांजिट रिमांड पे उन्हीं की कस्टडी में सुरक्षा के हिसाब से अपने रेलवे कॉलोनी थाने पे उनको इनको रख रखा है। आप जा रहे हैं मुंबई साथ? नहीं मैं नहीं जा रहा नहीं। क्या यहां पे कोटा कोटा पुलिस की कोई टीम जाएगी क्या साथ मुंबई? नहीं अभी नहीं जाएगी।

बाद में अगर उच्च अधिकारियों का आदेश होता है तो फिर कौन टीम जाती है वो श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय डिसाइड करेंगे। बाय रोड जाते थे उनकी सिक्योरिटी के लिए क्या अलग-अलग जगह पे यह वो बॉम्बे पुलिस क्या जा की मांग भी डिसाइड करेंगे मांग भी की है सर इन्होंने यह मैं नहीं बता सकता कोटा पुलिस कब तक एस्कॉट देगी सर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस को अभी यहां से निकलते ही उच्च अधिकारी को निवेदन करेंगे वो क्या निर्देश देते हैं उसी के अकॉर्डिंग आगे कारवाई रेलवे कॉलोनी थाने में भी कोई रपड़ डली है।

क्या राम जी हां यहां पे मतलब इनको स्टेक की ट्रांजिट रिमांड के बाद स्टेक की उनकी प्रार्थना पत्र पे एक रपड़ डली है यह बताइए पहले तो आप लोगों ने पूछा पूछताछ की थी। पूछताछ में क्या कुछ निकल कर के आया था? यह श्रीमान पुलिस अध्यक्ष महोदय ने कल पूरा बहुत विस्तृत तरीके से आपको बताया है। तो सर अभी कितनी देर में? अब वो टीम आ रही है अभी कुछ समय में। किसी लोकल नेटवर्क की अभी पड़ताल हो रही है सर या पूरी होगी? अभी तक ऐसा कोई इनपुट है नहीं। राजस्थान से रिलेटेड। लेकिन फिर भी अगर कोई इनपुट होगा तो उस पे कोटा पुलिस और राजस्थान पुलिस काम करेगी। पटकने वाली टीम में मौजूद थे। कोई प्रतिरोध नहीं किया उन्होंने बिल्कुल भी। तो चुपचाप हैंड ओवर कर दिया अपने आप किसी को। नहीं इस तरीके का कोई प्रतिरोध हुआ नहीं क्योंकि शायद उनको अंदेशा ही नहीं था कि हम पकड़े जाएंगे।

हमारा प्लान एसपी साहब के नेतृत्व में निर्देशन में इतना स्ट्रांग था कि इनको मौका ही नहीं मिला कि कुछ कर पाते। आपके पास फोटो के अलावा और क्या था उनकी पहचान करने के लिए? उनको पकड़ेंगे। श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय ने कुछ चीजें दे रखी थी जो मैं बहुत ज्यादा बता नहीं सकता। जी। लेकिन फोटो थी फायरिंग वाली और कुछ चीज़ें और थी। तो, उसी आधार पे फिर हमने प्लान किया और इनको डिटेन किया। आरोपियों ने जब आप पकड़ने गए पुलिस को कोई विरोध नहीं किया किसी तरह का? या सरेंडर कर दिया। विरोध का विरोध का समय ही नहीं मिला। क्या इनको दबो कोई बता रहा था ऊपर से कि किस-किस तरीके से मूवमेंट करना है और जयपुर इन्होंने क्यों चुना सर? कोई इनका कोई कनेक्शन है जयपुर। ये वो अब डिटेल में इन्वेस्टिगेशन महाराष्ट्र सामने आई। इनको कोई नहीं। कोई नहीं कोई कहना था कि आप ऐसे मूव कीजिए या कोई ऐसा नहीं यह बात सामने आई कि नहीं ट्रेन में ही बाल काटे थे और भी नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं इस तरीके से प्राइमरी इंक्वायरी में हमारे पास इस तरीके की इंफॉर्मेशन नहीं आई कि इन्होंने अपना हुलिया चेंज करने का कोई प्रयास किया

हो फायरिंग करी हथियार नहीं महाराज पुलिस ने बालिग मानते हुए सबको कोर्ट में पेश किया है जानू जी ये फायर करके भागे थे तो पुलिस क्या एतियात बरत थी इनके पास हथियार भी हो सकते थे या हमला भी कर सकते हां वो सारी मतलब हम पूरे कंप्लेंट उसी हिसाब से थे विद वेपन और सुरक्षा की पूरी जो भी श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय ने हमें निर्देश दिए थे उसी के अकॉर्डिंग सारी एसओपी की पालना करते हुए इनको डिटेन किया गया

लोगों को ये पता था कि ये किस केस में एक सिंगल बैग मिला था सिंगल बैग जिसमें कब लोगों को पता था कि किस केस में ये वो महाराष्ट्र पुलिस अब विस्तृत इन्वेस्टिगेशन जब करेगी तो वो बताएगी ये आप लोगों को पता था कि किस केस के आरोपी या तो यह था कि तीन बदमाश हैं उनको पकड़ा। नहीं नहीं वो एसपी साहब के पास इनपुट था और उन्होंने हमें स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वो टाइगर श्रॉफ की जो फायरिंग हुई है उसी से रिलेटेड ये क्रिमिनल है और इनको डिटेन करना है। तो आगे की इन्वेस्टिगेशन में भी कोटा पुलिस पार्ट रहेगी सर। आगे की इन्वेस्टिगेशन में अगर कोटा या राजस्थान से रिलेटेड कोई इनसे इनपुट मिलता है तो बिल्कुल पार्ट रहेगी। कुछ पैसे वगैरह भी बरामद हुए थे क्या इनके पास?

यह इस तरीके का मैं नहीं दावा यह किया जा रहा है कि ₹35,000 इनको मिले थे। नहीं मैं नहीं बता सकता। अभी जाएंगे पहले ट्रेन है। अब वो बॉम्बे पुलिस मतलब क्या डिसाइड करती है वो उनका लुक आउट। सर कल टीम जो है वो कोटा रेलवे स्टेशन पर ही ट्रेन में चढ़ी या पहले से आप लोग मौजूद थे या एक स्टेशन पहले चढ़ गए थे। ऐसा कुछ था या थोड़े आउटर पे या कहीं ऐसा ऑपरेशन कैसे किया गया पूरा? नहीं ट्रेन आने से जस्ट पहले हम वहां पहुंच गए थे

और एसपी साहब ने जैसे हमें प्लान बताया एसपी ऑफिस में किसको कहां किस तरीके से अपना रोल अदा करना है उसी के अनुरूप और वहां की परिस्थितियां जो रही उसी के अकॉर्डिंग हमने प्लान किया और उसमें सक्सेस हुए ट्रेन के अंदर जो जीआरपी आरपीएफ का रास्ता रहता है क्या उससे भी कांटेक्ट किया गया था प्लेटफार्म पे जो आरपीएफ के जो ऑफिसर्स थे उनका एसपी साहब से पहले ही कोऑर्डिनेट था और वो हमें स्टेशन पे मिल गए थे और उनकी भी हमने सहयोग लिया। जरूरत पड़ती तो ट्रेन को और ज्यादा समय तक रुकवाया जा सकता था। कोटा स्टेशन पे प्रयास करते नहीं तो फिर साथ में जाते ट्रेन को सर्च करते हुए बैठ के। क्या एंट्री और एग्जिट गेट बंद करा दिया गया था? बंद नहीं किया।

जाब्ता लगा दिया था क्योंकि पर्याप्त जाप्ता था। पूरा था मतलब पुलिस का सारा कंप्लीट। तो पूरा स्टेशन घेरेबंदी में था वो। जी। ठीक है। जैसे भी मैं सो रहा हूं तो पिताजी को जगाना है मुझे। हम तो वह डायरेक्ट उठाने के बजाय और हिंसा की परंपरा मेरे यहां नहीं थी सौभाग्य से तो वह क्या करते थे कि उस कमरे में आ जाएंगे या बाहर से गुजरेंगे और चौपाई बोलेंगे प्रातकाल उठ गए रघुनाथा मात पिता गुरु नाव माता कभी-कभी मैं गुस्से में उठ के अरे पापा चरण स्पर्श किया और सो गया मैंने कहा मत उठाना

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