जी हां, पीएम ने कल देश से बड़ी अपील की है। पश्चिम एशिया संकट के बीच उपजे हालात से निपटने के लिए पीएम ने देशवासियों से कई बड़ी अपील की है। पीएम ने यह कहा है कि 1 साल तक आप सोना ना खरीदें ताकि सोने के इंपोर्ट के ऊपर जो हमारा डॉलर खर्च होता है।
वह ना हो। पीएम ने यह भी कहा कि पेट्रोल डीजल की खपत कम करने, वर्क फ्रॉम होम पर जोर देने और खाने के तेल के कम इस्तेमाल करने पर आपको जोर देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
आप दें ताकि पेट्रोल डीजल की खपत कम हो पाए। तो बहुत महत्वपूर्ण बातें पीएम ने कही ताकि जो इंपोर्ट पर हमारा बहुत भारी भरकम खर्च हो रहा है उसको हम कम कर पाएं। सबसे पहले आपको सुनाते हैं कि पीएम मोदी ने क्या-क्या बातें कही हैं। फिर हम चर्चा को आगे बढ़ाएंगे। जैसे एक बड़ा संकल्प है पेट्रोल डीजल का संयम से इस्तेमाल करना। साथियों हमें पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करना होगा।
शहरों में जहां मेट्रो है वहां हम तय करें कि हम मेट्रो का ही उपयोग करेंगे। ज्यादा से ज्यादा मेट्रो में ही जाएंगे। अगर कार में ही जाना जरूरी है तो फिर कार पुल करने का प्रयास करें और भी लोगों को साथ बिठा लें। अगर हमें कहीं सामान भेजना हो तो कोशिश करनी है कि वह ज्यादा से ज्यादा रेलवे गुड्स के जो ट्रेन होती है रेलवे की सर्विज से भेजें ताकि इलेक्ट्रिक रेलवे होने के कारण पेट्रोल डीजल की जरूरत नहीं पड़ती है।
जिन लोगों के पास इलेक्ट्रिक व्हीकल है वो भी कोशिश करें कि इलेक्ट्रिक व्हीकल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। साथियों हमने के समय में वर्क फ्रॉम होम की ऑनलाइन मीटिंग की वीडियो कॉन्फ्रेंस की ऐसी अनेक व्यवस्थाएं विकसित की और हमें आदत भी हो गई थी।। आज समय की मांग ऐसी है कि उन व्यवस्थाओं को हम फिर से शुरू करें तो वह देश हित में होगा। वर्क फ्रॉम होम ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसेस वर्चुअल मीटिंग इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है।
साथियों आज जो संकट है उसमें हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत जोर देना होगा। क्योंकि दुनिया में पेट्रोल डीजल इतना ज्यादा महंगा हो गया है। पहले से कई गुना ज्यादा कीमतें बढ़ गई है। तो हम सबका दायित्व है कि पेट्रोल डीजल की खरीद पर जो विदेशी मुद्रा खर्च होती है। पेट्रोल डीजल बचाकर हमें वह मुद्रा भी बचानी है।
इसके लिए हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी देश की बहुत मदद कर सकते हैं। जैसे आजकल जो विदेशों में शादियों का, विदेशों में घूमने का, विदेशों में वेकेशन पर जाने का मिडिल क्लास में कल्चर बढ़ता जा रहा है। हमें तय करना होगा कि जब यह संकट का काल है और हमारी देशभक्ति हमें ललकार रही है तो कम से कम एक साल के लिए हमें विदेशों में जाने की बातों को टालना चाहिए। भारत में बहुत सारी जगह है। वहां हम जा सकते हैं। बहुत कुछ भारत में किया जा सकता है।
साथियों हमें विदेशी मुद्रा बचाने के जो भी रास्ते हम लोग अपना सकते हैं हमें बताना होगा। साथियों गोल्ड यानी सोने की खरीद एक और पहलू है जिसमें विदेशी मुद्रा बहुत अधिक खर्च होती है। एक जमाना था जब संकट आता था कोई युद्ध होता था तो लोग देश हित में सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है। लेकिन देश हित में हमको यह तय करना पड़ेगा कि साल भर तक घर में कोई भी फंक्शन हो, कोई भी कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। तो आपने पीएम को सुना। लेकिन पीएम ने जो यह अपील की है, इनके क्या मायने हैं? आखिर पीएम को यह अपील क्यों करनी पड़ी? और जो बात पीएम ने कही कि एक साल के लिए गोल्ड ना खरीदें। पेट्रोल डीजल की खपत कम करें। इसके पीछे की दलील क्या है? आखिर यह क्यों कहना पड़ा? यह जरा हम आपको डिटेल में बताते हैं। तो सबसे पहले आपको बताते हैं गोल्ड पर जो पीएम ने कहा है कि एक साल तक कोई भी फंक्शन हो घरों में तो आप ज्वेलरी गोल्ड के गहने ना खरीदें। इसके पीछे का तर्क क्या है? डाटा क्या है? आइए हम आपको बताते हैं। सबसे पहले आप समझिए कि सबसे पहले आप इस बात को समझिए कि जो हमारी खपत है जो गोल्ड की इंडिया में उसका ऑलमोस्ट हमें इंपोर्ट करना पड़ता है।
मतलब करीब-करीब पूरा का पूरा इंपोर्ट करना पड़ता है 99% के आसपास और इसीलिए पीएम ने इस बात पे जोर दिया ताकि खपत कम हो तो इंपोर्ट पे हमारी निर्भरता कम होगी। अब आपको जरा हम बताते हैं कि अह गोल्ड का कितना-कितना इंपोर्ट हुआ है। 2021 में 1068 टन का गोल्ड का इंपोर्ट हुआ था। 22 में 713 टन का, 2023 में 744 टन का। ये अलग-अलग डाटा हम आपको बता रहे हैं और इन इंपोर्ट पे भारी भरकम खर्च होता है। जबरदस्त खर्च होता है। 2024 में 812 टन, 2025 में 640 टन और 2026 में अब तक 186 टन गोल्ड का इंपोर्ट हो चुका है और इसके ऊपर भारीभरकम खर्च होता है।
आपको यह भी बता दें कि 2000 अह यह देखिए 2000 अह 22-23 का जो आंकड़ा है उसमें हमने 2.91 लाख करोड़ का गोल्ड का इंपोर्ट किया। आप सोचिए करीब 35 बिलियन डॉलर का। इसके अलावा आप देखिए 2021-22 में 3.83 लाख लाख करोड़ का इंपोर्ट किया गोल्ड और 2020-21 में 2.87 लाख करोड़ का गोल्ड का इंपोर्ट किया। ये डाटा अपने आप में ये बताने में काफी है कि गोल्ड इंपोर्ट के ऊपर हमारा कितना ज्यादा खर्च होता है। तो उसको रोकने के लिए पीएम ने ये अपील की है। अब जरा हम आपको ये बताते हैं ये आंकड़े आपकी स्क्रीन पर हैं।
2023 24 के 24-25 के 25 26 के तो ये भारी भरकम 25-26 में 6 लाख करोड़ से ज्यादा का गोल्ड का इंपोर्ट हुआ है। तो उसको रोकना बहुत जरूरी है ताकि चालू खाता घाटा यहां पर हमारा कम हो सके कंट्रोल में आ सके। उसको रोकने के लिए बहुत जरूरी सुझाव यहां पर आए हैं। अब आपको यह बताते हैं कि आखिर आप देखिए जो टोटल इंपोर्ट है हमारा इंडिया में जो टोटल इंपोर्ट होता है बाकी गुड्स का उसमें किस तरह से गोल्ड इंपोर्ट की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। ये डाटा जरा आप लाइए स्क्रीन पे हम आपको दिखाते हैं कि वित्त वर्ष 2023 में टोटल इंपोर्ट में गोल्ड की हिस्सेदारी थी 4.9% 4.9% मतलब 5% से भी कम।
लेकिन 2024 में यह बढ़ के हो गया 6.8%। आप सोचिए किस तरह से इंपोर्ट में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़ती गई और 2025 में यह आंकड़ा पहुंच गया 7.2% तो मतलब यह कि गोल्ड का इंपोर्ट तो महंगा हो ही रहा है। साथ-साथ ओवरऑल इंपोर्ट में भी गोल्ड की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और उसका बड़ा इंपैक्ट यहां पे हमारे डॉलर पे पड़ रहा है। डॉलर की डिमांड बढ़ रही है और उससे कहीं ना कहीं अह यहां पर दबाव बढ़ रहा है। यह अब आपको हम गोल्ड इंपोर्ट का प्राइस बता रहे हैं। 22-23 में एक टन इंपोर्ट का प्राइस था।
₹4200 करोड़ जो 2023-24 में बढ़के हो गया ₹4700 करोड़ और 24-25 में यह बढ़ के हो गया ₹500 करोड़। तो मतलब तीन फैक्ट हैं। एक तो यह कि इंपोर्ट के ऊपर हमारा भारी भरकम खर्च हो रहा है। दूसरा यह कि गोल्ड इंपोर्ट करने में अह गोल्ड इंपोर्ट का जो प्राइस है वह साल दर साल बढ़ रहा है। यह जो डाटा हम आपको दिखा रहे हैं 4200 से बढ़के 6500 हो गया पर टन का इंपोर्टेड प्राइस। और तीसरी बड़ी बात कि ओवरऑल जो हमारा इंपोर्ट है गोल्ड का उसमें ओवरऑल जो हमारा इंपोर्ट है देश में अलग-अलग कमोडिटीज का कच्चा तेल इलेक्ट्रॉनिक गुड्स बाकी चीजें उसमें गोल्ड इंपोर्ट की हिस्सेदारी साल दर साल लगातार बढ़ रही है।
यह चिंता का विषय है और इसीलिए पीएम ने यह स्ट्रांग एक मजबूत अपील देशवासियों से की है। बात यहीं खत्म नहीं होती है। अब आपको यह बताते हैं पेट्रोल डीजल पे जो पीएम ने कहा है। पीएम ने यह कहा है कि पेट्रोल डीजल की खपत कम करें और इसके लिए जो भी हर प्रयास आप कर सकते हैं आपको करने चाहिए। वर्क फ्रॉम होम पे आप फोकस करें। कार पुलिंग करें। कम से कम कार का इस्तेमाल करें। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। मेट्रो का इस्तेमाल करें। यह बात पीएम ने क्यों कही है? आखिर पीएम को यह बात क्यों कहनी पड़ी? पीएम ने यह बात इसलिए कही है क्योंकि पश्चिम एशिया संकट के बाद दुनिया भर में एनर्जी क्राइसिस हुआ है। आप देखिए कि 28 फरवरी के बाद मतलब मार्च, अप्रैल और मई के जो अभी 10 दिन बीते हैं इसमें क्रूड के दाम किस तरह से बढ़े हैं। 7075 का क्रूड 125 तक पहुंच गया।
अभी भी 100 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। तो इससे एनर्जी के ऊपर बड़ा दबाव बना है। भारत मेंकि हमारी जो खपत है अह क्रूड की उसमें हम मोर दैन 85% कच्चे तेल का इंपोर्ट करते हैं। तो उससे एक बड़ा दबाव बनता है। और आप देखिए कि भारत में जो क्रूड का स्टॉक है अब 10% घट गया है। युद्ध शुरू होने के बाद हॉर्मूस से तेल की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। जिससे पूरी दुनिया में खलबली मच गई है।
दुनिया के कई देशों में पेट्रोल डीजल के दाम बहुत बढ़ गए हैं। भारत में अभी नहीं बढ़े हैं और इसीलिए पीएम ने ये अपील की है कि अगर आप खपत कम करेंगे तो प्रेशर थोड़ा कम आएगा। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रैंड क्रूड के दाम 45% से ज्यादा बढ़ गए हैं। तो बड़ी दिक्कत वाली बात है। इसीलिए पीएम ने ये अपील की है कि भारत जैसा जो बड़ा कंज्यूमर है जिसकी डिपेंडेंसी इंपोर्ट के ऊपर बहुत ज्यादा है। वहां बहुत जरूरी है कि आप खपत कम करें ताकि इंपोर्ट के ऊपर हमारी डिपेंडेंसी थोड़ी कम हो। लेकिन अब आपको यह बताते हैं कि चार कदम से ₹22 लाख करोड़ कैसे बच सकते हैं। यह बड़ा इंटरेस्टिंग है। जो पीएम ने सुझाव दिए हैं।
अगर उसको मान लिया गया तो कैसे ₹22 लाख करोड़ बच जाएंगे। यह देखिए सोने के आयात आयात पे खर्च होता है ₹ लाख करोड़। इसको आप रोक सकते हैं। विदेश यात्रा पर खर्च है 3 लाख करोड़। इसको भी आप रोक सकते हैं। फर्टिलाइजर के आयात पर ₹1.5 लाख करोड़ का खर्च होता है। अगर दूसरे साधन अपनाए गए तो यहां पर भी आप बहुत हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। और क्रूड के इंपोर्ट पर 10 लाख करोड़ का खर्च होता है। हालांकि क्रूड के इंपोर्ट को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं होगा। लेकिन हां अगर हम खपत कम करते हैं तो इसमें कुछ कमी ला सकते हैं जिससे एक बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन आप पीएम के बयान के बाद अह आज मार्केट में बड़ा एक्शन देखा और खास करके जो ज्वेलरी स्टॉक्स थे वहां पर बड़ी गिरावट आई क्योंकि मार्केट को यह लगा ज्वेलरी सेक्टर को यह लगा कि शायद पीएम की अपील के बाद लोग गोल्ड खरीदना कम कर दें। ज्वेलरी खरीदना कम कर दें। सो उस आशंका में आज ज्वेलरी शेयरों पर पूरा दबाव दिखा।
बड़ा दबाव दिखा। किस तरह का दबाव दिखा? यह डिटेल आपको बता रही हैं जानवी। ईरान और यूएस के बीच जो वॉर है ये प्रोलोंग हो चुका है। स्टेट ऑफ हार्मोस के खुलने में देरी देरी होती हुई दिख रही है। यहां पर सीज फायर भले ही चालू है लेकिन डील अभी तक हुई नहीं है। इन सब की बातों के बीच अगर देखें तो कल शाम रविवार को यानी पीएम मोदी की हैदराबाद में एक स्पीच हुई थी। जहां पे उन्होंने काफी कुछ जो है चीजें कही है वेस्ट एशिया वॉर के बारे में कि पूरे देश के नागरिकों को कैसे रहना चाहिए।
क्या चीजों के ऊपर फोकस अब करना चाहिए? कैसे एलपीजी की कीमतें पेट्रोल डीजल की जो उत्पादन है यहां पर उसका जो इस्तेमाल है ये कैसे कम किया जाए। और इसी के चलते आज हमने देखा काफी सारे स्टॉक्स में जो है यहां पर एक फोकस बना था जिसमें ओctra ग्रीनटेक JBM ऑटो FS मोटर्स जैसी कंपनीज़ पर फोकस था क्योंकि उनका कहना था कि मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें तो यहां पर इन सारी स्टॉक्स में हमने देखा आज फोकस बना हुआ था।
व ER एनर्जी Ola, MNM, Maruti Suzuki जैसे ओईएम्स फोकस में रहे क्योंकि उनका भी ये भी कहना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा कीजिए जितना हो सके। तो उनका ये अपील था भारत भारतवासियों से। तो यहां पर ये स्टॉक्स फोकस में थे आज के दिन। साथ ही में उन्होंने यह भी कहा एक अपील करी है कि जो गुड ट्रांसपोर्ट है वो फ्रेट ट्रेन से कीजिए। कॉनकर जैसे स्टॉक्स के लिए अच्छी बात होगी। क्योंकि जो इंडियन रेलवेेज की जो ट्र है वो इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पे इलेक्ट्रिक सिटी पे चलती है। तो यहां पर वो बेनिफिट होता हुआ दिखेगा।
इसी के चलते हमने देखा कि जो बाकी लॉजिस्टिक्स कंपनी है चाहे ब्लू डार्ट हो एजेस लॉजिस्टिक्स हो यहां पर हमने गिरावट देखी थी। साथ में Titan, कल्याण ज्वेलर्स, Sanco, गोल्ड जैसे ज्वेलरी कंपनीज़ फोकस में था क्योंकि उन्होंने एक बहुत बड़ी अपील करी है कि अगले एक साल तक अननेसेसरी गोल्ड की जो बाइंग है यह बंद कर दी जाए क्योंकि फॉररेक्स रिजर्व को प्रिजर्व करने के लिए उनकी तरफ से यह कहा गया है। तो, इसके बाद हमने देखा कि यहां पर बड़ी गिरावट आती हुई दिखी है। Dexon, Relax, Bata इंडिया जैसी कंपनीज़ पर भी फोकस रखना होगा। क्योंकि उन्होंने कहा है कि मेड इन इंडिया और लोकली मैन्युफैक्चर प्रोडक्ट्स को जो है उसके ऊपर ज्यादा आप निर्भर रहे। वहां उसकी जो खरीदारी है वो ज्यादा करें। यह उनकी एक बहुत बड़ी अपील है नेशन से कि मेड इन इंडिया गुड्स को यूज़ करें ताकि इंपोर्ट के ऊपर जो प्रेशर है यह कम होता हुआ दिख सके। एफएमसीजी कंपनीज़ पे भी फोकस रखना होगा क्योंकि एडिबल ऑयल की जो कंसमशन है यह सोच समझकर करने को कहा गया है फैमिलीज़ को। तो यहां पर नजर रखनी है। और एक जो तीसरा उनका बड़ा पिलर था पूरे ही स्पीच में था वो टूर्स एंड ट्रैवल्स। उनका कहना है उनकी अपील यही है कि फॉरेन ट्रैवल्स फॉरेन वेडिंग्स अगले थोड़े टाइम तक के लिए अवॉइड करनी चाहिए वहां पे घटाने की उनकी एक अपील की गई है व होटल कंपनीज़ को इंडियन होटल कंपनीज़ को यहां पे फोकस में रखना होगा क्योंकि उनका कहना है कि जितना भी आप डोमेस्टिक ट्रैवल बढ़ाइए डोमेस्टिक वेडिंग्स ज्यादा बढ़ाइए तो इन्होंने एक अपील करी है।
इसी के चलते आईcएलl आईटीc होटल्स लेमन ट्रीगो जैसी कंपनीज़ जो है ये फोकस में रही है आज के दिन फर्टिलाइज़र स्टॉक्स के लिए भी एक पॉजिटिव अपडेट उन्होंने कहा था कि केमिकल फर्टिल का जो इस्तेमाल है फार्मर्स को यह कहा कि उसे 50% से घटा दीजिए।
तो कहीं ना कहीं ये एक इंडियन फर्टिलाइजर कंपनीज़ के लिए पॉजिटिव खबर है। शक्ति पंप्स केएसबी पंप्स पर भी फोकस है क्योंकि उनका कहना उन्होंने अपील करी है कि सोलर पावर इरीगेशन पंप्स का जो इस्तेमाल है यह बढ़ा