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नीला ड्रम केस: ड्रम लेते वक्त मुस्कान ने कहे थे ये शब्द, दुकानदारने बताया पूरा सच…

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मेरठ में सौरभ का कत्ल भले ही 4 मार्च को किया गया हो, लेकिन इस कत्ल की प्लानिंग काफी पुरानी थी। कहां से क्या सामान खरीदना है, किस तरीके से क्या लेकर जाना है, किस तरीके से लाश को ठिकाने लगाना है, इसकी भी पूरी प्लानिंग कर ली गई थी। जिस ड्रम में सौरभ के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके रखे गए और उसके बाद सीमेंट से जमा दिया गया।

वो ड्रम यही मेरठ में जिस दुकान से खरीदा गया था और जिस शख्स ने वो ड्रम दिया था वही फरमान हमारे साथ हैं और जली कोठी से जो ड्रम है वो ₹1100 के में खरीदा गया था। मुस्कान खुद ही आई थी। ई रिक्शा से मुस्कान आई थी और उसके बाद जो ड्रम है वो ड्रम खरीद कर ले गई पहले आप यह देख लीजिए काफी पुरानी ड्रम की दुकान है क्योंकि ये फेविकॉल के ड्रम होते हैं और खाली होने के बाद इसी तरीके से यहां बिकने के लिए आ जाते हैं। कोई इसमें गेहूं भर लेता है। कोई पानी भर लेता है। कोई कुछ और सामान भर लेता है। फरमान हमारे साथ है।

फरमान से बात करूंगा। फरमान किस दिन की बात है जब मुस्कान आई थी। ये तो पता नहीं सुबह का टाइम आई थी। 9:30 बजे के टाइम। अच्छा सुबह 9:30 9:30 बजे के टाइम। अच्छा अच्छा। कुछ तारीख ध्यान हो आसपास। तारीख तो ध्यान नहीं है। अच्छा तारीख ध्यान नहीं। क्या कहा था? कैसे आई आपके पास? क्या बातचीत शुरू हुई? मेन्यू मेड ड्रम में साइन थी और गेहूं की वो चाहिए ड्रम। अच्छा गेहूं के लिए ड्रम मांगा था। हम गेहूं के लिए ड्रम मांगा था। फिर मैंने दे दिया था उन्हें। अच्छा तो एक ही ड्रम देखा था या और भी ड्रम देखे थे? एक ही ढक्कन वाला मांग रही थी। अच्छा ढक्कन वाला ड्रम मांगा था। ढक्कन वाला ड्रम दिया था। अच्छा आपने कितने का बताया था? ₹100 का दिया उन्होंने।

पैसे ₹100 का लिए उन्होंने। ₹100 का बताया था। ₹100 ही लिए। अच्छा ₹100। ये नहीं कहा कि 9900 कर लो, 800 कर लो, 1000 कर लो। ₹100 दे दिए उन्होंने। अच्छा। अच्छा ₹1100 लिए थे हम और लेके ही रिक्शा में तुमने रखा था रिक्शा वाले ने नहीं बाहर रख दिया था मैंने हम वो ले गई हम तो क्या मतलब कपड़ापड़ा ढक रखा था ऐसी सिंपल बात की थी नहीं सिंपल बात कही थी जैसा हमें घाक हमारे हम ऐसी बात करी थी ऐसी बात की थी ₹1100 देके गई थी जी अच्छा किस-किस काम में आते हैं ये ड्रम ये पानी के नर्स के हर चीज में काम आते हैं हम फेविकोल के ही होते हैं जी जी फेविकोल को अच्छा आपसे गेहूं के लिए कहा था कि गेहूं रखना। जी जी गेहूं के लेके आया। कितना बड़ा होता है? कितना अंदर आ जाता है इसके सामने? 250 लीटर है, 200 लीटर है। बहुत सारा आइटम है। 50 लीटर है, 70 लीटर है। वो कितने वाला ले गए? सभी तरह का है। वो 250 वाले ले गई थी। अच्छाकि बड़ा था इसलिए। जी जी।

अच्छा कुछ चेहरे से लग रहा था डरी, घबराई सी या कुछ या नॉर्मल बात कर रही थी? नॉर्मल बात कर रही थी। जैसे हम तुम अच्छा ऐसी नॉर्मल बात कर रही थी। अच्छा फिर जब पुलिस आई पुलिस ने आके बात करी। फिर पुलिस आई थी। बातचीत करी। पुलिस ने फिर चली गई बस। अच्छा क्या पूछा आपसे? मैं था नहीं यहां पे। अच्छा जी आपसे बात की थी? जी पुलिस वाले आए थे। क्या नाम है आपका? मेरा नाम सैफुद्दीन है। अच्छा सैफू भाई पुलिस जब आई थी आपसे क्या बातचीत की थी? पुलिस वालों ने यही पूछा था कि वो लड़की जो आप इस लड़की को पहचानते उन्होंने फोटो दिखाया मुझे। तो मैंने कहा इस लड़की को हम जानते नहीं क्योंकि मुझे पता भी नहीं था कि वो यहां से ले गई है ड्रम। तो उन्होंने कहा है कि मैंने लड़कों से पूछा लड़कों ने बताया मुझे के हां वो लड़की यहीं से ले गई है ड्रम। काफी पहले ले गई थी। मैं चलो ठीक है बस यह हुआ हम कैसा लगा आपको जब पता लगा कि लोग ड्रम मुझे जब पता लगा।

जब पुलिस वाला आए तब मुझे पता चला कि ऐसा कहीं ऐसा काम हो गया है तो मतलब बहुत बुरा लगा पहली बार ही सुनने को ऐसा मिला कि ड्रम के अंदर उन्होंने लाश रखी कभी जीवन में ऐसा हुआ नहीं क्योंकि ये ड्रम तो जो है ये तो दूध वाले ज्यादातर हमारे जो इस्तेमाल में जाते हैं दूध वाले ले आते हैं पानी वाले ले आते हैं अचार वाले ले आते हैं और जो इनके आधे करके निहार वाले ले आते हैं ऊपर टंकी के लिए पानी भर भर के रख लेते हैं। कहीं पीने के इस्तेमाल में आते हैं। हम अब यह पहली बार देखने को मिला है कि मतलब इसमें वो लाश के लिए ले गए तो बहुत बुरा सा लगा हमें सुनके। हम जब ये पता लगा कि भ टुकड़े-टुकड़े करके रख दिया और सीमेंट जमा दिया। जी जी ये वीडियो में पता चला हमें हम तो बहुत बुरा लगा हमें। देखा तो लोग गए और मतलब चौंकाने वाली बात है। सहम गए बिल्कुल क्या कैसे हुआ ये? हम आपको जब पता लगा ये कैसा लगा? दुख होया आज। अच्छा दुख हुआ बहुत ज्यादा। क्या सोच रहे थे मन में?

ऐसा कभी सोचा नहीं था। अच्छा कभी नहीं हुआ ऐसा कोई ऐसी रहा? कभी नहीं हुआ ऐसा। हम कितने ड्रम आज तक बेच दिए होंगे अगर एक बात करें। कितने ड्रम बेच दिए होंगे? ये तो ड्रम तो देखो रोज की हमारी तो सेल की है। अपना हजारों ड्रम बेच दिए। हजारों लाखों ड्रम बेच दिए होंगे हमने तो। हां लेकिन कभी ऐसा नहीं। लाखों क्या करोड़ों में बेच दिए होंगे क्योंकि बाबा के टाइम का टाइम है। 1980 से काम है हमारा ड्रम का। अच्छा जी पापा का काम था उसके बाद हमारे हाथ में आया है। तो आप देख लो कितना ही बेचते होंगे। कोई क्वांटिटी नहीं है। हां मतलब ये है कि रोज 10050 ड्रम जी सेल परचेस रोज ही है हमारा। अच्छा जी लेकिन कभी ऐसा नहीं सुना कि ड्रम इसके लिए ले गया। कभी भी नहीं सुना। जी कभी भी पहली बार ही सुना है और पहली बार ही वीडियो देखी गई है। इस तरह की क्या ये सभी अच्छा जैसे देख रहा हूं पूरे बाजार में इसी को लेकर चर्चा कर रहे हैं। क्या लग रहा होगा सब साहब? अब तो यही चर्चा चल रही है। जी ज्यादातर तो यही चर्चा चल रही है क्योंकि कल पुलिस वाले आए थे। आज जो है मीडिया का तांता लगा पड़ा है। हां। तो यही बात चल रही है ज्यादातर हम कि ये मुस्कान लड़की ने उसने बहुत गलत काम कराया है। बहुत बहुत ही ज्यादा अपने पति के साथ इतनी बेरहमी से जो है मर्डर कर दिया और टुकड़े कर दिए और फिर उसके बाद उसको जो है बॉडी को खत्म करने के लिए जिस तरह से उसने काम करा है तो बहुत चौंकाने वाली बात है ये। अच्छा बहुत चौंकाने वाला था।

अच्छा फरमान जैसे पुलिस आई थी उसके बाद करा फोटो दिखाया तो फोटो से पहचान कर ली उसकी मैंने मुझे नहीं दिखाया मतलब पुलिस वाले ने ये नहीं था जब ये अच्छा जी ये नहीं था मैं था जब मैंने जब इनसे लोगों को पूछी इन्होंने बताया मुझे क्या वो वो लड़की ले गई थी पहले हम तो मैंने अच्छा चलो ठीक है हम तब मैं अच्छा कोई कोई उसने ऐसे बात नहीं करी क्या जैसे कहते हैं नेगोशिएट करते हैं कि नहीं इतने का लो इतने का कर दो इतने का कुछ नहीं नहीं कुछ नहीं बस सीधा आई कितनी देर रही होगी आपके यहां कितनी देर अंदाजन यार अंदा तो पता नहीं सिर्फ बस आई थी वो देखा उन्होंने अच्छी तरह फिर ले गई अच्छा जी सीधे आपके यहां रुकी थी रिक्शा जी जी आगे भी ट्राई करा था उन्होंने फिर वापसी हमारे पास आए फिर लेके गए अच्छा फिर लेके गए जी जी ट्राई करा था उन्होंने ₹100 का लिया था।

जी हम अब जब पुलिस आई ये करा अंदर कह रहे हैं अभी कह रहे थे कि वो तो परेशान से हैं कि बताओ जी ड्रम ले गए इस तरीके से मार दिया अरे दुख दर्द तो हो गई आपको भी घटना हुआ अफसोस तो हुआ जी अफसोस तो हुआ तो देखिए ये फरमान है और यह भाई हैं जो बता रहे हैं कि ना जाने कब से इस तरीके से जो ड्रम है वह ड्रम बेचने का काम कर रहे हैं।

लेकिन कभी ऐसा नहीं रहा। लोग आते हैं अचार बनाने के लिए, गेहूं भरने के लिए, दूध भरने के लिए, पानी भरने के लिए ड्रम लेकर जाते हैं। लेकिन कभी कोई इस तरीके से नहीं आया कि प्री प्लांट आया हो, ई रिक्शा आई और जिस तरीके से फरमान बता रहे हैं कि ई रिक्शा से उतरी। 1100 का ड्रम बताया। यह भी नहीं कहा कि कुछ पैसे कम कर लो। शायद वह जल्दबाजी में उसे यह था कि जल्द से जल्द जो ड्रम है वह खरीद कर ले जाऊं और उसके बाद जो लाश है उसको किस तरीके से ठिकाने लगाना है यानी प्लानिंग बहुत पहले कर ली गई थी और सौरभ इस बात से अनजान था कि मुस्कान और साहिल मिलकर उसका कत्ल करेंगे और कत्ल के बाद उसकी लाश को ड्रम में ठिकाने लगाएंगे।

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