न्यूजीलैंड की इकोनॉमी हो यहां की सोसाइटी हो किवी इंडियंस नए-नए रंग भर रहे हैं। न्यूजीलैंड वो जगह है जहां निखिल रविशंकर एयर न्यूजीलैंड के सीईओ बन सकते हैं।
जहां आनंद सत्यानंद गवर्नर जनरल बन सकते हैं। जहां क्रिकेट टीम में रचिन रविंद्र ईडी और एजाज पटेल जैसे टैलेंट को अवसर मिल सकता है। न्यूजीलैंड वो जगह है जहां की सड़कों में भी भारतीय शहरों को सम्मान दिया गया है। कहीं खंडाला है वो सिनेमा वाला खंडाला नहीं कहीं बॉम्बे हिल्स है। कहीं कोरोमंडल है, कोलकाता स्ट्रीट है, दिल्ली क्रिसेंट, अमृतसर स्ट्रीट ऐसे कितने ही नाम हैं।
यहां रहते रहते आप भी पूरे के पूरे किवी हो गए हैं। जैसे मुझे बताया गया है कि किसी भी विषय पर बात शुरू कीजिए। थोड़ी ही देर में बात मौसम पर पहुंच ही जाती है। साथियों मैं न्यूजीलैंड की लीडरशिप से भी जब भी मिला हूं वो आप सभी की बहुत प्रशंसा करते हैं।
प्रशंसा आपकी होती है और माथा मेरा ऊंचा होता है। साथियों आप सभी जानते हैं कि भारत हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता है जो आज अपनी प्राचीनता को सहजते हुए आधुनिकता को स्वीकार कर रहा है। हर युग में हर दौर में भारत ने खुद को ट्रांसफॉर्म किया है और इसका कारण है हमारी सीखने की ललक। भारत सबसे सीखता है। हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं जन कल्याण की भावना मायने रखती है।