नेपाल में कुछ समय पहले जो दुखदाई घटना हुई वो तो सब जानते है एक झटके में सब पानी के बहाव में बह गया लाखो लोग बेघर हो गए। लाखो लोग दुनिया से चले गए जिनकी गिनती भी शायद मुनकिन नही। यह सवाल ये होता है की ये घटना हुई क्यों? किस वजह से?
हालांकि इसका इस जवाब हिमालय ग्ले वाला वैज्ञानिकों ने दिया। लेकिन कई और लोगो ने इसका अभ्यास करके कई और कारण बताए है।अध्ययन में कहा गया है कि यह आपदा बढ़ते तापमान, के पिघलने और पहले से मौजूद कमज़ोरियों के कारण हुई “संयुक्त घटना का परिणाम थी.
अध्ययन के मुताबिक़, जलवायु पर मानवीय प्रभाव के कारण क्षेत्र में जुलाई और अगस्त के महीनों में तापमान लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक था.
अध्ययन के मुताबिक़, जलवायु परिवर्तन इस आपदा का एकमात्र कारण नहीं था, लेकिन इसने “पहले से मौजूद भू-वैज्ञानिक स्थिति पर असर डाला” था. के मद्देनज़र, नेपाल के नेताओं ने कहा है कि देश को पुनर्निर्माण के लिए लगभग 5 अरब डॉलर की आवश्यकता है.संयुक्त राष्ट्र का फंड जो पिछले साल ही शुरू हुआ, देशों से ऐसे सुबूत देने की उम्मीद करता है जो यह साबित करते हों कि उन्हें जलवायु परिवर्तन की वजह से नुक़सान हुआ है.
नेपाली अधिकारी के साथ प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर रहे थे.लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अब उनके इस दावे का सबसे मज़बूत सबूत है कि जलवायु परिवर्तन लांगटांग लिरुंग में चट्टान और बर्फ़ के में एक महत्वपूर्ण वजह थी.