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नेहा बोरा ने खोले कई राज? खुलासे से अखिलेश भी चौंके!

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[संगीत] दिल्ली की सड़कों पर विरोध की आवाज उठाने वाली ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी आयशा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा अब पुलिस की हिरासत से बाहर [संगीत] आ चुकी हैं। शनिवार सुबह रिहाई के बाद उन्होंने सीधे सरकार और पुलिस प्रशासन को घेर लिया। नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए पुलिस हिरासत में बंद बाकी सभी प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने की मांग उठाई। रिहा होते ही कैमरे के सामने आई नेहा बोरा के तेवर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा

कि हक की मांग कर रहे आम नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस कानून या आदेश के तहत लोगों को पूरी रात हिरासत में रखना जायज है। आम लोगों को ऐसे ट्रीट किया जाता है जैसे पता नहीं वो हार्डन क्रिमिनल्स हैं और एक लंबे समय से इस देश में इस तरीके की प्रैक्टिससेस चल रही हैं। इस बार ये जो मूवमेंट चल रहा है उस मूवमेंट ने साफ तौर पे दिखा दिया है कि किस तरीके से लोगों को दिन में शाम को डिटेन किया जाता है। पूरा रात डिटेंशन में रखा जाता है। अगले सुबह छोड़ा जाता है या अगले शाम छोड़ा जाता है। तो ये कौन सी बुक में जस्टिफाइड है? बाय वि लॉ बाय वि ऑर्डर इज इट जस्टिफाइड कि आप डिटेनीस को पूरी रात वहीं पर बिठा के रखें। दिल्ली में रास्तों की नाकेबंदी से लेकर देश के चुनावी तंत्र पर सवाल दागते हुए आयशा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग चलाने की [संगीत] मांग तक कर डाली और साफ कहा कि एसआईआर को रोका जाए। दिल्ली के लोग चैन की सांस नहीं ले पा रहे हैं।

किसी भी रास्ते से निकलते हैं ऑफिस जाने के लिए तो वो रास्ता बंद मिलता है। यू आर स्प्रेडिंग केओस। यू आर स्प्रेडिंग एनआरकी इन दिस नेशन। आप हिंदुस्तान की जनता को बखश दीजिए। ज्ञानेश कुमार को इंपीच करिए। एसआईआर पे हॉट लगाइए ताकि इस देश के आम नागरिक चैन की सांस ले सके। राहत महसूस कर सके। उनके वोटर राइट्स इंश्योर हो सके। शुक्रवार शाम दिल्ली पुलिस ने लहरा दो तिरंगा मार्च के दौरान शांति भंग करने के आरोप में नेहा बोरा और सीजेपी [संगीत] के अभिजीत दीपक को हरासत में लिया था।

पुलिस के मुताबिक दोनों के खिलाफ एहतियाती कदम उठाए गए। औपचारिक प्रक्रिया और दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत कागजी कारवाही पूरी होने के बाद नेहा बोरा को सुबह रिहा कर दिया गया। हालांकि जब नेहा बोरा की हिरासत की खबर आई थी तब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा रुख अपनाया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था यह बेहद गंभीर मामला है कि डिटेन की गई नेहा बोरा कहां है? इसकी कहीं कोई खबर नहीं है। एक नारी को रात में डिटेन करके कहां ले जाया गया है? पुलिस इसका खुलासा करें। राष्ट्रीय महिला आयोग तत्काल इस अति संवेदनशील प्रकरण का संज्ञान ले। नेहा बोरा को तुरंत रिहा किया जाए। तो अखिलेश यादव के पोस्ट से साफ है कि वह और उनकी पार्टी भी इस लड़ाई में नेहा बोरा के साथ खड़े हैं। फिलहाल इस संवेदनशील मामले पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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