नाना पाटेकर आज भले इस दुनिया में ना हो लेकिन जब तक वो थे अपने बयान से हमेशा ही वो चर्चा में आते थे। वो बेहद स्पष्ट बोलते थे। अपनी राय धारदार तरीके से रखते थे। हालांकि फिर भी उन्होंने राजनीति नहीं ज्वाइन की।
नाना पाटेकर ने अपने जीवन में सक्रिय राजनीति कभी जॉइन नहीं की क्योंकि उनका मानना था कि राजनीति उनके बस की बात नहीं है और वह किसी और की गलतियों की जिम्मेदारी अपने सिर नहीं लेना चाहते थे.
BJP ने 2014 लोकसभा चुनाव में मुंबई से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था. उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. नाना का कहना था कि कलाकार किसी एक दल में बंध जाए तो दूसरे नेताओं के गलत काम पर खुलकर बोलना मुश्किल हो जाता है. बाद में उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को दोस्त और शरद पवार को राजनीति का चाणक्य बताया.