केतन में बड़ा अपडेट। उज्जवल निगम लड़ेंगे केस। सीएम फडनवीस ने किया ऐलान। केतन के परिवार से मिले शिवम फडनवीस। इस वक्त की सबसे बड़ी खबर महाराष्ट्र के पुणे से सामने आ रही है। जहां चर्चित केतन अग्रवाल मामले में एक बड़ा घटनाक्रम हुआ है।
अब यह मामला अदालत की दहलीज तक पहुंच चुका है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए देश के जानेमाने सरकारी वकील उज्जवल निगम अदालत में पैरवी करेंगे। आज यानी शुक्रवार 26 जून महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने पुणे में केतन के परिवार से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अपराधियों को कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिले और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्सप दी गई जानकारी के अनुसार केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की। इस दौरान उन्होंने मामले की जल्द से जल्द सुनवाई और प्रभावी कानूनी कारवाई की भी अपील की।
मुख्यमंत्री ने परिवार की मांगों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा फैसला किया। सरकार ने इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोड बनाने की मांग को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही देश के वरिष्ठ और चर्चित सरकारी वकील उज्जवल निकम को इस केस में स्पेशल पब्लिक प्रोसकटर नियुक्त करने की भी मांग की। सबसे अहम बात है कि उज्जवल निगम ने भी इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रोसकटर के तौर पर जिम्मेदारी निभाने के लिए अपनी सहमति दे दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब इस हाई प्रोफाइल केस की कानूनी लड़ाई और अधिक मजबूत तरीके से आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाना है। सरकार चाहती है इस मामले की सुनवाई तेजी से हो और दोषियों को कानून के मुताबिक कठोर से कठोर सजा मिले ताकि समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ कानून पूरी तरह सख्ती से कारवाई करेगी।
फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजर अदालत की आगामी कारवाही पर टिकी है। अब यह देखना होगा कि अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और जांच एजेंसियां अदालत में किस तरह से सबूत पेश करती हैं। वहीं उज्जवल निगम की नियुक्ति के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत होती दिखाई दे रही है।