Cli

कपूर खानदान की ‘पहली बागी बेटी’: जब करिश्मा कपूर ने तोड़ी कपूर खानदान की दशकों पुरानी रीत

Uncategorized

करिश्मा कपूर की बगावत और कपूर खानदान की परंपरा से जुड़ एक ऐसा सरनेम जिसे बॉलीवुड में पहचान बनाने के लिए किसी परिचय की जरूरत नहीं थी। एक ऐसा परिवार जिसके नाम के साथ हिंदी सिनेमा की कई पीढ़ियों का इतिहास जुड़ा हुआ था और उसी परिवार की एक लड़की ने एक दिन ऐसा फैसला लिया,

जिसने कपूर खानदान की दशकों पुरानी सोच को चुनौती दे दी। वो लड़की सिर्फ 17 साल की थी। उसके सामने एक तरफ था कपूर परिवार का विशाल नाम और दूसरी तरफ था अपना एक अलग मुकाम बनाने का सपना।25 जून 1974 मुंबई में एक बच्ची का जन्म हुआ। उस बच्ची का नाम रखा गया करिश्मा।

मां थी बबीता और पिता थे रणधीर कपूर। यह कोई साधारण परिवार नहीं था। यह वही कपूर परिवार था जिसकी कई पीढ़ियों का भारतीय सिनेमा से जुड़ाव रहा—पृथ्वीराज कपूर, राज कपूर, शम्मी कपूर, शशि कपूर और फिर आगे आने वाली पूरी कपूर पीढ़ी। लेकिन इस परिवार में एक पुरानी सोच भी थी कि परिवार की बेटियां फिल्मों में काम नहीं करेंगी। यह नियम इतना मजबूत माना जाता था कि किसी लड़की के लिए अभिनेत्री बनने का सपना देखना भी

आसान नहीं था।परिवार को मनाना आसान नहीं था। लेकिन आखिरकार करिश्मा ने उस पुराने कपूर नियम के खिलाफ संघर्ष किया और उन्हें फिल्मों में जाने की अनुमति मिली। फिर सिर्फ 17 साल की उम्र में वह कैमरे के सामने आईं। साल 1991 में फिल्म ‘प्रेम कैदी’ से उनका डेब्यू हुआ। इस प्रकार उन्होंने कपूर खानदान की इस पुरानी परंपरा को तोड़कर अपनी एक अलग पहचान बनाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *