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मोदी के खिलाफ सड़कों पर उतरे ज्वेलर्स दुकानें की बंद, जमकर हंगामा

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कि साल भर तक घर में कोई भी फंक्शन हो, कोई भी कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। सोना नहीं खरीदेंगे। आगे और लड़ाई है। ये लड़ाई है। आगे और लड़ाई है। जिंदाबाद। 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान में लोगों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की। जैसे ही यह बयान सामने आया, स्टॉक मार्केट में जबरदस्त हलचल मच गई और वहीं तमाम सर्राफा व्यापारियों की रातों की नींद भी उड़ गई।

सराफा व्यापारी सड़कों पर उतर गए और सुबह 10 से 12:00 बजे तक अपनी-अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया। सर्राफा व्यापारी मंडल के जिला अध्यक्ष गोपाल सोनी के नेतृत्व में मुखर हुए सर्राफा व्यापारियों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो व्यापारी देशव्यापी हड़ताल और जेल भरो आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जिला अध्यक्ष सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा को देश में बचाने के लिए 1 वर्ष तक सोना नहीं खरीदने का आह्वान देश की जनता सही किया है।

शरणकार साम्राज्य प्रधानमंत्री से पूछ रहा है कि क्या विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोना नहीं खरीदना ही विकल्प बचा है? कल हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने देश के जनता से एक आवाहन किया है कि देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए लोग एक साल तक सोना व सोने के जेवर ना खरीदें और तो उसी से आहत हो के उस उनके दुर्भाग्यपूर्ण बयान के बाद पूरे देश के सराफा व्यापारियों में एक आक्रोश है और आज इसीलिए लखनऊ के लखनऊ महानगर सराफा एसोस ने एक दिन की सांकेतिक बंदी का आह्वान किया है और हम लोग माननीय देश के प्रधानमंत्री मोदी जी से यह आहान कर रहे हैं कि हमारे सराफा व्यापार को बचाने के लिए उनके परिवार को बचाने के लिए और सराफा व्यापार के स्टाफ के परिवार को बचाने के लिए वो एक साल तक सराफा व्यापारियों का का घर कैसे चलेगा इसका दिशा निर्देश जारी करें और और सराफा व्यापार और उसके व्यापार को बचाने के लिए कोई सार्थक बयान जारी। वहीं इस मामले में एक अन्य व्यापारी ने पीएम मोदी के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

मोदी जी ने जो बयान दिया है बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और शायद उनके पीछे कुछ मंशा और होगी। लेकिन अगर देश के में अगर मुद्रा को विदेशी मुद्रा को बचाना है तो और भी रास्ते हैं। बहुत तरह के रास्ते हैं। विदेशी शराब को बंद करें, विदेशी सिगरेट को बंद करें, विदेशी और जो आयातित सामान होते हैं उसको बंद करें तो इससे विदेशी मुद्दा बन जाएगी। सरकार को अगर अगर सोना नहीं बेचेंगे तो वह लोग खाएंगे क्या? उसके उसके उसके परिवार के लोग क्या खाएंगे? और उसके साथ जुड़े हुए लोग और सब चीजें और बैंक की जो किस्त वो देते हैं जो लोन ले रखा है वो सब कैसे जाएगा? सरकार को इस पर भी ध्यान देना चाहिए। जैसे गरीबों को सरकार अनाज दे रही है। ऐसे एक साल के लिए सरकार जो है व्यापारियों को के लिए वह मुफ्त में जो है राशन दें और उनके जो जो लोन ले रखा है उसको कर्जा माफ करें। बिजली का बिल आता है उसको माफ करें। एक साल के लिए उसको भी ओपन करें तो यह बाजार पूरा एक साल के लिए बंद कर देंगे। सराफा व्यापारियों के अलावा पीएम मोदी के इस बयान पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने एक्स पर लिखा एक ऐसा अमृतकाल है जिसमें सोने की चिड़िया सहमी है। वहीं कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर भाजपा सरकार पर जमकर तंज कसा।

उन्होंने लिखा यह कोई नेक सलाह या इमोशनल अपील नहीं है। यह असल में मोदी और उनके सरकार की नाकामी का जीता जागता सबूत है। इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने क्या कहा यह भी सुनिए। साथियों चुनाव प्रचार खत्म हुआ। नतीजे आ गए। प्रधानमंत्री जी ने देश को सलाह दी। देश के किसानों को सलाह दी कि 50% फर्टिलाइजर का उपयोग कम कर दीजिए। अब साहब देश के वर्किंग क्लास को सलाह दी कि घर पर बैठिए। वर्क फ्रॉम होम कीजिए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कीजिए।

वाहन में तेल मत डलवाइए। देश के किचं को सलाह दी कि खाने का तेल कम से कम इस्तेमाल कीजिए। देश के नागरिकों को सलाह दी सोना एक साल तक मत खरीदिए। हम सबको सलाह दी विदेश जाना बंद। एक साल के लिए विदेश मत जाइए। प्रधानमंत्री जी ये देश सोने के साथ एक अलग रिश्ता रखता है। सोना एक धातु नहीं है इस देश के लिए। सोने की एक सांस्कृतिक कीमत है। एक धार्मिक कीमत है। एक भावनात्मक कीमत है। बेटा हो या बेटी पैदा होने से पहले माता-पिता सोने की व्यवस्था करते हैं कि आगे चलके शिक्षा के काम आएगा। शादी के काम आएगा। ऐसे देश को आप कह रहे हैं एक साल तक सोना मत खरीदिए। क्या वो शादी एक साल के लिए टाल देगा? क्या वो शिक्षा एक साल के लिए टाल देगा? किसानों को आपने बड़े आराम से कह दिया साहब 50% कम कर दीजिए फर्टिलाइजर का उपयोग क्या वह 50% खेत जोतेगा? अब चलिए आपको बताते हैं कि आखिर पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील क्यों की है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोने के गहने ना खरीदने की अपील इसलिए की है ताकि देश की विदेशी मुद्रा डॉलर बैंक बैलेंस की बड़ी बचत हो सके और अर्थव्यवस्था पर बाहरी झटकों का असर कम हो। आपको बता दें कि भारत सोना अधिकांश बाहर से आयात करता है। हर साल इस पर बड़ी मात्रा में डॉलर खर्च होते हैं। कुछ अनुमानों के अनुसार करीब 70 से 80 बिलियन डॉलर आयात खर्च में शामिल होता है। पीएम मोदी का तर्क है कि अगर लोग एक साल तक शादी, बर्थडे या अनफंक्शन में सोना ना खरीदें तो इस आयात पर लगाए जाने वाले विदेशी मुद्रा भंडार का दबाव कम होगा और रुपए की विदेशी मुद्रा के खिलाफ स्थिति मजबूत रहेगी।

लेकिन उनके इस अपील के बाद से देश भर के सर्राफा व्यापारी काफी नाराज और परेशान हैं।

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