जूही चावला जब इस फिल्म की शूटिंग कर रही थी तो एक दिन उन्हें एक बहुत ही बुरी खबर मिली। जूही पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उन्हें हर हाल में घर पहुंचना था। लेकिन चलती शूटिंग में हीरोइन का घर जाना वो भी ऐसी वजह से जिसके बाद शूटिंग पर वापस लौटने में वक्त लगना ही लगना था। यह किसी भी प्रोड्यूसर के लिए डरावने ख्वाब जैसा होता है। मगर इस फिल्म के प्रोड्यूसर थे यश जौहर। उन्होंने बिना झिझके ही जूही से कहा कि तुम घर जाओ। फिलहाल वहां सबको तुम्हारी जरूरत है। शूटिंग हम बाद में कंप्लीट कर लेंगे। वह हुआ दरअसल यह था
कि जूही चावला की मां मोना चावला का देहांत हो गया था। इसलिए जूही को तो उन्हें अंतिम विदाई देने जाना ही था। मां की मौत हुई थी तो जूही को हर हाल में जाना ही था। फिर चाहे प्रोड्यूसर कितना भी दुखी क्यों ना हो। मगर यश जौहर जूही के गम को समझ सकते थे।
इसलिए उन्होंने अपने नुकसान की परवाह नहीं की। हालांकि उस वक्त शाहरुख खान ने यश जौहर से कहा था कि आप मुझे कम पैसे दे दीजिएगा। इससे आपका नुकसान कम होगा। यश जौहर शाहरुख खान का यह जेस्चर देखकर बहुत खुश हुए थे। डुप्लीकेट फिल्म के आज 28 साल पूरे हो गए हैं। 8 मई 1998 के दिन इस फिल्म को रिलीज किया गया था। महेश भट्ट इसके डायरेक्टर थे और धर्म प्रोडक्शन के बैनर तले यह फिल्म प्रोड्यूस हुई थी। ₹9.5 करोड़ इसका बजट था और कमाई रही थी महज ₹1 करोड़ 17 लाख।
यानी कमर्शियली यह फिल्म फ्लॉप हो गई थी। मगर आज भी बहुत लोग मिल जाएंगे जिन्हें यह फिल्म बहुत पसंद तब भी आई और वे आज भी इसे शौक से देखना पसंद करते हैं। डुप्लीकेट फिल्म का म्यूजिक कंपोज किया था अनु मलिक ने। गीत लिखे थे जावेद अख्तर ने। इसके गीत पसंद किए गए थे। खासतौर पर मेरे महबूब मेरे सनम गीत। यह गीत तो बहुत ज्यादा लोकप्रिय हुआ था।
44वें फिल्म फेयर अवार्ड्स में शाहरुख खान को बेस्ट विलियन कैटेगरी में नॉमिनेट भी किया गया था। मगर उस साल दुश्मन फिल्म के लिए आशुतोष राणा जी को वह अवार्ड दिया गया था। मेरे महबूब मेरे सनम गीत के लिए जावेद अख्तर को बेस्ट लिरिस्ट कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था। अवार्ड मिला था छयां छयां गीत के लिए गुलजार साहब को। वैसे आपको डुप्लीकेट फिल्म कैसी लगती है? कमेंट सेक्शन में बताइए। क्या आपने यह फिल्म देखी है? कमेंट सेक्शन में बताइए।