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असली रंग दिखाने लगा E20? गाड़ियों में क्या प्रॉब्लम आ रही हैं?

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सोशल मीडिया पर कई सारे वीडियोस ऐसे शेयर होने शुरू हुए हैं जिसमें यह कहा जा रहा है कि E-20 पेट्रोल की वजह से लोगों की गाड़ियों में दिक्कत आ रही है, समस्या आ रही है। नितिन गडकरी जी ये देखिए गन्ने का रस। कल रात को 8:00 बजे मैंने जो फाइल है उसके ऊपर साइन किया कि 100% इथेनॉल कि जो इथेनॉल वाला पेट्रोल आ रहा है जो इसको E20 कह रहे हैं उसकी वजह से गाड़ियों में क्या दिक्कत जो है अभी तक आपको देखने को मिली मेन तो उसकी एवरेज कम आ रही है उनमें गाड़ियों में और सेंसरों में दिक्कत आ रही है सेंसर खराब हो रहा है उसके चलते अंदर फ्यूल की जो मोटर होती है मोटर में दिक्कत आ जाती है उनकी गाड़ी स्टार्ट नहीं नहीं होएगी। आपकी फिर दिक्कत करेगा। एवरेज डाउन हो जाएगी। पिस्टनों में दिक्कत जो अंदर इंजन में उसमें दिक्कत आएगी। अगर थोड़ा सा भी उसमें कहीं पानी का कंडक्ट आ जाएगा ना और वैसे भी रखे तो वो फिर पानी बन जाएगा। पेट्रोल का आया है। जब से तो ये है मेरा दो-तीन बार तो पलक खराब हो चुका है। पर 85 जो है ना ये नॉर्मल गाड़ियों में नहीं डलेगा। उसके लिए अभी जो नई गाड़ी आएगी ना उनके लिए उनके लिए है। पिकअप ले रहे हैं तो पिकअप लेता नहीं है। छोड़ता है। मिसमैच होता है। फिर इधर से लेता है। पेट्रोल भी महंगा ले। माइलेज भी कम मिले और क्या फायदा उसे सीएनजी ले गाड़ी 10 साल में खराब हो रही है होने दे वो ज्यादा बेहतर है। ई20 पेट्रोल जिसमें एथेनॉल की 20% मात्रा है। एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल यह है। उसकी वजह से पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कई सारे वीडियोस ऐसे शेयर होने शुरू हुए हैं जिसमें यह कहा जा रहा है कि E20 पेट्रोल की वजह से लोगों की गाड़ियों में दिक्कत आ रही है, समस्या आ रही है। लोगों का आरोप यह है कि उनकी गाड़ी का माइलेज कम हो रहा है। आरोप ऐसे भी हैं कि गाड़ी के जो फ्यूल टैंक होते हैं उसके आसपास चींटियां या कीड़े लग गए हैं और ऐसी ऐसी बातें भी हैं कि वो जो पेट्रोल है वो देखने में ऐसा लगता है जैसे के गन्ने का जूस हो। ये सारी बातें सोशल मीडिया पर लगातार चल रही हैं। हम आज आए हैं दिल्ली की पालिका भवन कार मार्केट में और यहां पर हम बात करेंगे कस्टमर से भी और जो यहां पर मैकेनिक्स हैं उनसे भी कि जो ई20 पेट्रोल यूज हो रहा है क्या उसकी वजह से गाड़ियों में समस्या आ रही है और अगर आ रही है तो क्या-क्या वो दिक्कतें हैं जो कि यहां के जो मैकेनिक्स हैं

वो देखते हैं गाड़ी सही करते समय और वो कस्टमर्स क्या देखते हैं अपनी गाड़ियों में जो अपनी गाड़ियों को बरसों से चला रहे हैं। देखिए खबरगांव की रिपोर्ट और जानिए कि ई20 पेट्रोल की वजह से जो समस्याएं हैं वो कितनी खतरनाक हैं। खबरगांव की रिपोर्ट देखिए। तो रवि भाई यह बताइए हमें कि जो इथेनॉल वाला पेट्रोल आ रहा है जो इसको E20 कह रहे हैं उसकी वजह से गाड़ियों में क्या दिक्कत जो है अभी तक आपको देखने को मिली मेन तो उसकी एवरेज कम आ रही है उनमें गाड़ियों में और सेंसरों में दिक्कत आ रही है सेंसर खराब हो रहा है उसके चलने जैसे क्या क्यों किस वजह से खराब हो रहा है सेंसर अब यही है उसमें देखो 20% वो है तो एक तरह से पानी जैसा ही हो गया वो और प्योर पेट्रोल है नहीं वो हम अंदर फ्यूल की जो मोटर होती है मोटर में दिक्कत आ जाती है उनकी जी फ्यूल लाइन में जैसे ये आपका ये सेंसर होता है। दिखाओ जरा। ये सेंसर हो गए। ये सेंसरों में दिक्कत आती है। ये किसका सेंसर है? ये पोलशन को वो करता है ना ये आपके जैसे गाड़ी में से जो धुआं निकलता है उसको डिटेक्ट करता है ये। ये फिर पोलशन के लिए होता है। अगर इसमें दिक्कत होगी तो पोलशन पास नहीं करेगा। इसमें क्या दिक्कत आती है? मतलब इसमें धूल सेंसर वही है इसमें कार्बन जम जाता है। वाइट वाइट जैसा। फिर वो सेंसर खराब हो जाएगा।

और सेंसर आता है महंगा है। 4 5000 का सेंसर है ये। हां ये और किस पार्ट में अगर यहां से यहां पे आपसे पूछूं फ्यूल मोटर होगी जैसे हम वो तो टंकी के अंदर ही होती है उनमें दिक्कत आती है वो खराब होती है फ्यूल पंप सेंसर हो गए सेंसरवेंसरों में दिक्कत आती है इंजेक्टर कहां है इंजेक्टर अंदर होता है इसके क्या काम करता है इंजेक्टर वो फ्यूल को स्प्रे करेगा क्योंकि वो अब वो उसके साथ ही चलेगा ना पेट्रोल में मिक्स हो के ही आ रहा है इंजेक्टर भी जल्दी डैमेज होते हैं फिर उसमें ये भी हम देख रहे हैं सारे वीडियोस आ रहे हैं कि जो पेट्रोल आ रहा है उसमें ऊपर पेट्रोल जैसा दिख रहा है नीचे एकदम सेपरेट पानी जैसा दिख रहा है और लोग कह रहे हैं मजाक में कह रहे गन्ने का वो ऐसा है ना जैसे गलती से थोड़ा सा पानी उसके साथ कंबाइंड हो गया थोड़ा बहुत तब वो हो जाता है फिर पानी जैसा हो जाएगा फिर वो क्योंकि वो एक तरह से वही है अल्कोहल जैसा ही है वो तो वो क्या क्या खराब करता है गाड़ी में वो गाड़ी स्टार्ट नहीं होएगी आपकी फिर दिक्कत करेगा एवरेज डाउन हो जाएगी पिस्टनों में दिक्कत जो अंदर इंजन में उसमें दिक्कत आएगी सेंसर जल्दी खराब होंगे सेंसर महंगे हैं सारी गाड़ियों के अभी इन गाड़ियों के सस्ते हैं और किसी गाड़ियों को तो और महंगे होंगे अभी इसका इसका होगा कम से कम ये मेरे ख्याल से 34000 का है ये सेंसर ये और ये जो क्या एक डीपीएफ कन्व्टर होता है वो डीजल गाड़ियों में होता है वो डीजल में वो डीजल में होता है डीएफ हां डीएफ वो डलता है उसमें अलग से पोलशन को कम करने के लिए तो आपको ये मतलब लगता है कि एवरेज में तो देखो एवरेज में तो है वो तो हमारी बाइक भी मेरी बाइक भी खुद चलाता हूं मैं तो उसमें एवरेज है नहीं एवरेज क्या संकट आता है पिकअप में दिक्कत आती है जैसे चलाओगे ना आप पिकअप में दिक्कत आती है रुक रुक के चलेगी झटके मार के चलेगी एवरेज जो है आपकी कम हो गई जहां मेरी 28 30 दे रही थी अब वो दे रही 23 24 ऐसे करके वैसे गाड़ियों में भी हो रहा है। हां गाड़ियों में भी हो रहा है। अभी कई बंदे हमारे पास आए उनकी ट्यूनिंग हमने फिर ये थोटल बॉडी साफ करके क्लीन जल्दी खराब हो रही है। पलग भी जल्दी खराब हो रहे हैं। क्या है? क्या-क्या साफ किया आपने थोड़ा दिखाइए। हो गई क्लीन करना पड़ता है। ये इसकी थोटल बॉडी होती है। जैसे बाइक में कार्बेटर आता था पहले। अब तो इलेक्ट्रॉनिक है। सारी थोटल बॉडी होती है ये वाली। ये वाली ये होती है। ये इलेक्ट्रॉनिक होती है वाली। तो इसमें क्या-क्या दिक्कत आती है इसमें? ये कचरा आ जाता है। काला काला पड़ जाता है। उसमें कार्बन जम जाता है ज्यादा। मेन तो ज्यादातर सेंसरों में दिक्कत आती है कि आपके जो इंजेक्टर होते हैं ना जो फ्यूल को इंजन में जो सप्लाई करते हैं उनमें दिक्कत आती है और जो मोटर होती है उसमें ये भी अब ये भी थोड़ा समझाइए हम देख रहे हैं ऐसे वीडियोस आ रहे हैं कि जहां पर ये जो फ्यूल टैंक है उसमें कीड़े से हैं चींटियां जैसी हैं ऐसा तो अभी ऐसा तो हमने तो देखा नहीं है देखो मैं क्यों झूठ बोलूं चींटी हमारे को तो ऐसा भी कुछ दिखा नहीं है जब हमें दिखेगा तो हम बता देंगे पर वो आपको क्या लगता है किस वजह से ऐसा हो सकता है ऐसा नहीं है कि हो सकता है अगर गन्ने के वजह से ही हो सकता है वो जो जूस जैसा वो बना रहे हो जो मीठा मिठास इसकी वजह से यही हो रहा है। तो ये आपको लगता है क्या कि मतलब जैसे आप लोग भी बताइए कि अगर E20 कंपैटिबल गाड़ी नहीं है तो क्या पहले कंपैटिबल गाड़ी बनानी चाहिए थी फिर तेल लाना चाहिए वो चीज होनी चाहिए थी अब जैसे मेरी बाइक भी है जो उसमें E20 है अब उसमें E30 डालूंगा तो चलेगी नहीं वो E20 वो सपोर्ट नहीं कर पा रही वो E20 E20 में ही जो चला रहा हूं ना उसमें ही उसमें उसकी एवरेज डाउन हो गई है अब कंपनी में लेके जाओ तो वो तो कहेंगे भाई इलेक्ट्रॉनिक है उसमें कुछ कर नहीं सकते हम सेंसर अगर उसमें अगर लाइट आएगी तभी वो चेंज करेंगे कुछ दिक्कत होगी वैसे से कुछ नहीं कर सकता क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियां मैं एवरेज में कोई सेटिंग कर नहीं सकते या तो सेंसर चेंज करो बस यही है और गाड़ी को ठीक करें जैसे आप लोग तो लगातार रोज गाड़ियां ठीक करते हैं तो क्या इसकी वजह से मतलब E20 जो पेट्रोल डला रहा है अपनी गाड़ी में क्या उसका खर्चा बढ़ा है गाड़ी सही कराने में हां मेंटेनेंस का खर्चा तो बढ़ेगा ही कितना लमसम कितनी बार उसको विजिट करना पड़ता होगा और कितना खर्चा उसका हो जाता है जैसे उसको कोई दिक्कत आएगी तभी है जैसे साल में एक दो बार दो-तीन बार तो करना ही पड़ेगा उसको अगर कोई सेंसर खराब हो गया तब तो चेंज करना पड़ता अब किसी गाड़ी वाले को करवाना आया तो वो कर ही लेता। तो इससे गाड़ियों की लाइफ भी कम हो रही है। हां, लाइफ भी कम है। कम हो रही है उस और अगर आप बता पाए कि इस पूरे पार्ट में कि जैसे फ्यूल का तो आपने बताया आपने बताया सेंसर का भी है और क्या धूल मिट्टी या कार्बन या ऐसी कोई दिक्कत उस मतलब ये आगे के बोनट के पार्ट में और कहां रहती है? उस पेट्रोल के फ्यूल के चक्कर में नहीं उससे तो वैसा ऐसा तो कुछ नहीं है। अभी ऐसे गाड़ी में तो कुछ दिखा नहीं है। वैसा अभी कुछ नहीं दिखा हमारे को भी और ज्यादा दिन तक अगर गाड़ी खड़ी रहती है तो उसको उसके वजह से दिक्कत हो सकती है। क्योंकि ज्यादा दिन खड़ी रखोगे तो हो सकता है वो पानी बन जाए। अगर थोड़ा सा भी इसमें कहीं पानी का कंटक्ट आ जाएगा ना और वैसे भी रखे तो वो फिर पानी बन जाएगा। क्योंकि पेट्रोल भी जो अगर ज्यादा दिन खड़ी करोगे तो वो भी खराब हो जाता है। जो नॉर्मल पेट्रोल जो पहले भी आता था ना वो भी फिर स्लच की तरह बन जाता है। अब ये तो वैसे ही आपका एथनॉल मिक्स होगा तो वो भी पानी जैसा बन जाएगा। आप लोगों को कितनी मुश्किल आती है समझने में? अगर कोई गवर्नल जी अपनी गाड़ी लेके आया है तो आपने देखा क्या आप समझ चुके हैं कि उसकी वजह से है। हमें पता चल तो गया है। बस चेक कर लेते हैं। फिर हम अपने हिसाब से ही सारा चेक कर लेते हैं। अगर आप याद कर पाए पहली बार सबसे शुरू में जब आई थी ऐसी कोई दिक्कत तो आप समझ पाए थे कि पेट्रोल की वजह से ऐसा हो। नहीं इतना उस टाइम ध्यान नहीं था। इतना पता भी नहीं चला था हमारे को। अब जैसे-जैसे धीरे-धीरे सबको पता चला तो जब हमारे को ही पता चल गया।

और ये दिक्कत क्या इससे जो पहले पेट्रोल चलता था जो कि E20 नहीं था। उसमें ये सारी दिक्कतें आती रहेंगी। उस वाले नहीं उसमें नहीं उसमें इतनी दिक्कत नहीं थी। सेंसरों में दिक्कत नहीं आती थी। इतनी जल्दी। ये जो सेंसर है ना ये वाले ये सेंसरों में इतनी जल्दी दिक्कत नहीं आती। थी। प्लग में इतनी जल्दी दिक्कत नहीं आती थी। इंजेक्टरों में दिक्कत नहीं आती थी। सेंसरों में दिक्कत तो आ रही है आजकल। प्लग कौन से हैं? कहां है प्लग? प्लग इसके अंदर होते हैं। जैसे कोई पुराना प्लग मैं आपको दिखा देता हूं। ये ऐसे होते हैं। इसमें क्या इसमें ये शॉर्ट हो जाते हैं। करंट जो ऐसे ना अंदर स्पार्क करना करता है। स्पार्क ये पानी का फसल चला जाता है ना। हम इस वजह से इस वजह से पेट्रोल को यही जलाता है अंदर जो स्पार्किंग करता है ना यही करता है और ये जो पिछला पेट्रोल था उसमें नहीं आ रहा था उसमें इतनी दिक्कत नहीं है अब तो वैसे ये है एवरेज की तो प्रॉब्लम है एवरेज और आपके जो सेंसरों में जो दिक्कत है वो तो है अब जैसे जो कम गाड़ियां जो सस्ती गाड़ियां है उनमें थोड़ा कम होता है जो महंगी गाड़ी होगी तो उनमें तो फिर सेंसर महंगे आते हैं फिर यही है बस सिस्टम और बाइकों की अगर मतलब बाइक तो है एवरेज तो डाउन हो रखी है मैं तो खुद ही बता हां मेरी खुद मेरी दे रही थी खुद मेरी 28 29 की दे रही थी अब वो दे रही है 23 24 अब चला रहे हैं अब क्या करें मजबूरी है तो चलानी पड़ेगी अब 20% उसमें कर रखा है अब 30% करेंगे तो फिर और ज्यादा और दिक्कत होएगी पर आप अगर एज अ मैकेनिक कोई सलाह देना चाहो कि भाई किस तरीके से करना चाहिए था इसको देखो उसमें हम क्या कह सकते हैं उस सरकार की वो तो राय हो हम क्या कह सकते हैं उसमें हम अब उस हिसाब से अभी धीरे-धीरे और डेवलप कर रहे हैं अभी इंजन को अब जो अब E85 निकाला उन्होंने। अब जो नई गाड़ी आ रही है ना अब वो जैसे Hero ने बनाई है। अभी नई बाइक Honda ने बनाई है। वो धीरे-धीरे फिर अभी उसको कर रहे हैं। अभी उसको उसी हिसाब से इंजनों को बना रहे हैं। ये कह दिया गया कि सारी गाड़ियां उसके कंपेटिबल मगर 85 जो है ना नॉर्मल गाड़ियों में नहीं डलेगा। उसके लिए अभी जो नई गाड़ी आएगी ना उनके लिए उनके लिए है। 85 BS6 आ गया। हां अब जो आएगी जो 2026 में अब जो भी नए मॉडल आएंगे उनके लिए है। पर जैसे जो गाड़ी कंपैटिबल नहीं है क्या? ऑप्शन देना चाहिए था कि अगर ऑप्शन तो देना चाहिए था। E20 का जो ऑप्शन है ना अलग रखना चाहिए था। जिसकी वो अपनी राय हो अपनी मर्जी से वो डला सके और प्योर पेट्रोल जिसको डलवाना है वो अपनी मर्जी से डला सके। प्योर पेट्रोल वैसे मिलता है पेट्रोल पंप पे कितने का? मेरे ख्याल से 100 वाला है मेरे ख्याल से ₹160 लीटर जो आता है वो है उसमें। उसमें एथन मिक्स नहीं है मेरे ख्याल से। मगर वो बहुत फिर महंगा है बहुत। मगर उसको भी डालने से ना हर किसी गाड़ी में सपोर्ट नहीं करता वो भी। हां। क्योंकि अब मेरी बाइक में जैसे 93 है। अब उसमें मैं 100 डालूंगा तो उसमें उसमें भी इंजन में इफेक्ट आएगा। उसमें ज्यादा ऑक्टेन का पेट्रोल डालूंगा तो उसमें हाई सीसी की बाइक में चल जाएगा। उन चीजों में चल जाएगा। आप बताइए भैया थोड़ा अगर समझा पाएं कि इसकी वजह से क्या दिक्कत आपने जो है गाड़ी में देखी है लोगों से सुना है। देखो जी मेरे तो बाइक ही चलाता हूं। मैं तो बाइक में तो दिक्कत आ ही रही। आ रही है। जब से अपना यह पेट्रोल का आया है

जब से तो यह है मेरा दो-तीन बार तो पलक खराब हो चुका है। जो बाइक में पलक होता है दो-तीन बार तो खराब हो ही चुका है और इंजन में भी आवाज आने लगी है। अब जब से पेट्रोल डलाने लगा हूं मैं मतलब दिक्कत तो आ ही रही है बाइक में भी। पर जो ये है इथेनॉल वाला पेट्रोल जो है E20 वाला उससे क्या गाड़ियों में आ रही है कोई समस्या? नहीं समस्या तो कोई नहीं है। नहीं कोई समस्या नहीं है। हमारे तो सर्विस के लिए आती रहती है गाड़ियां। हम कोई परेशानी नहीं आती। वो कह रहे हैं इंजेक्टर वगैरह खराब हो रहा है। सेंसर में दिक्कत आ रही है। ऐसा नहीं ऐसा कुछ इंजेक्टर तो किसी भी गाड़ी के बहुत कम खराब होते हैं। फ्यूल फ्यूल इंजेक्टर का काम तो सिर्फ स्प्रे करना होता है। तो उसमें खराब होने का क्या करेगा? तो ज्यादातर एक ही कंपनियां बनाती है। जैसे इलेक्ट्रिकल पार्ट एक ही कंपनी बना के देती है। कंपनी तो बनाती नहीं है ना पूरे पार्ट। भाई पूरा मटेरियल कंपनी नहीं बनाती। लाइट कोई और कंपनी बनाती है। शीशा कोई अलग हर सारे जॉइंट करके लाते हैं ना वो सारी चीजें। जी। बताइए क्या नाम है आपका? मेरा नाम सरफराज है। सरफराज आलम। सरफराज जी ये बताइए कि जो पेट्रोल डल रहा है जो इथेनॉल वाला पेट्रोल है जिसकी वजह से हमने देखा सोशल मीडिया पर बहुत चल रहा है कि गाड़ियों में समस्या आ रही है। किसी का एवरेज कम है। कोई हमने ऐसे वीडियो देखे चींटियां हैं फ्यूल टैंक के चारों तरफ। आपको कभी ऐसे इस वाले पेट्रोल को डलाने में कोई समस्या आई है। अगर आई है तो क्या है? मुझे लग रहा है मेरा माइलेज कम दे रही है। क्योंकि पहले मेरा माइलेज था 13 11 13 ऐसे आता था। अभी मेरे को लगता है 11 11 से ऊपर कोई गया ही नहीं है। कितना भी कोशिश कर लो खाली रोड में भी अगर चला रहे हैं तो 14 तक आता है। मैक्सिमम 14 आ रहा है। वो भी एकदम खाली रोड पे है।

नहीं तो पहले तो 16 17 खाली रोड पे आते थे। ऐसे सिटी में 13 लेकिन अभी 11 12 11 ज्यादातर 11 ही रह रहे हैं। और दूसरा एक मिसमैच कभी-कभी होता है। पिकअप ले रहे हैं तो पिकअप लेता नहीं है। छोड़ता है। मिसमैच होता है। फिर थ से लेता है। मतलब मुझे उतना वो कंफर्टेबल जो लगता है ना गाड़ी चलाने में वैसा नहीं लगता। वही पेट्रोल इंजन डीजल इंजन तो मैं चलाता नहीं तो मुझे आईडिया नहीं है लेकिन पेट्रोल इंजन का मैं बता रहा हूं उतना स्कूटी भी मैंने लिया स्कूटी में स्कूटी भी अभी तो नया है E20 का आया है तो वो तो ठीक लगा लेकिन कार में मुझे बहुत स्कूटी आपकी E20 कंपैटेबल E20 कंपैबल जो आया है ना AIV 6 E20 लिखा हुआ है उसके ऊपर तो अभी तक तो ऐसा कुछ दिखा नहीं गाड़ी में हमेशा दिक्कत आ जा रही है मैकेनिक के पास आने के बाद तो करते हैं काम लेकिन बताते नहीं क्या प्रॉब्लम है क्या नहीं थोड़ा सा एयर निकाल देते हैं और बोलते हैं आपको मतलब ज्यादा अब बाहर आना पड़ रहा है क्या मैकेनिक के पास ऐसा भी हो रहा है ज्यादा दिक्कत आ रही है दो साल से तो मैं कई बार मैकेनिक के पास बार-बार चेक कराया हूं मैकेनिक कहते हैं कि ये कुछ करते हैं कार्बन हटाते कहते हैं एक बार घुमा के लाइए फिर आते हैं फिर दो-ती महीने बाद वही प्रॉब्लम रहता ही है फिर आते हैं तो मैकेनिक भी सेटिस्फाई नहीं कर पा रहे हैं अब बोलते हैं कि ये प्रॉब्लम होगा वो प्रॉब्लम होगा अब कहां प्रॉब्लम है मैकेनिक भी पकड़ नहीं पा रहे हैं मैकेनिक भी समझ नहीं पा रहे हां कितना अगर मैं यह बात करूं कि खर्चा मैंने लाजपत नगर में दिखाया था वहां पे तो दो-तीन बार चार बार मैं गया गाड़ी को उस सेम प्रॉब्लम के लिए लेकिन नहीं पकड़ पा रहे हैं। कह रहे इंजन में कचरा होगा यह बोलते हैं कभी-कभी तो अब इंजन खुलवा इंजन बोला टंकी में बोलते हैं पेट्रोल वाली तो ये चीज है। ये बताइए कि आपको अगर मैं बात करूं कि कितना खर्चा आपका बढ़ गया है? अगर हम सर्विसिंग की बात करें, रिपेयरिंग की बात करें। पहले कितना लगता था, अब कितना लग रहा है? अगर आप थोड़ा लमसम बताओ। एक तो गाड़ी बीच-बीच में तो आता है। उसमें खर्चा लगता ही रहता है।

बाकी सर्विस सेंटर में गाड़ी जाता है ज्यादा। तो पहले मुझे लगता है जैसे अमेज भी है गाड़ी वो जाता है तो उसमें 8000 7000 का आता था खर्चा पूरा सर्विस में ऑयल वगैरह इंजन ब्रेक शू वगैरह लेकिन अभी पिछले बार किए थे 11000 कुछ आया था अब उसमें तो एक्स्ट्रा खर्चा है वो क्या है कभी आपने मतलब सर्विस सेंटर में पूछा कहते हैं इंजन में कार्बन आ गए हैं तो ये अभी एक सेंसर को प्रॉब्लम था उसको क्लीन करेंगे तो एक स्प्रे मंगा के उसको क्लीन करते हैं अब जो सबसे ज्यादा प्रॉब्लम आ रहा है कुछ सेंसर में डस्ट आता है क्या आता है कार्बन आता है एक बार तो टंकी भी खुलवाए थे लेकिन वो टंकी दूसरे रीज़न से खुलवाए थे। अब इसके वजह से तो नहीं। मैंने देखा नहीं टंकी खोल के। E20 से कोई इशू है क्या है? लेकिन मुझे लगता है माइलेज कम है। पर आपको लगता है कि जैसे E20 कंपैटिबल गाड़ियां बनाए बिना E20 पेट्रोल इंट्रोड्यूस कर बनाए तो ठीक है लेकिन बनाए तो पहले उसके बाद लाए। E20 लाए अच्छी चीज है। लेकिन पहले कंपेबल गाड़ी बना लेना। पहले आप खाना रख दोगे फिर बाद में बुलाओगे कि आओ खाने लग गए हैं तो ऐसे थोड़ी पहले उठाओ खाने वाले को होटल में जाते हो तो पहले खाना खाते हैं कि पहले आके कस्टमर बैठते हैं तो अभी सोचना पड़ रहा है

अब आप डीजल ले या फिर सीएनजी ले क्योंकि पेट्रोल अब छोड़ना पड़ेगा पेट्रोल तो अब छोड़ना पड़ेगा सीएनजी के लिए लेना पड़ेगा या फिर डीजल लेना पड़ेगा हमें क्यों आपको लगता है पेट्रोल छोड़ना पड़ेगा वी20 इसी में है ना डीजल में आई थिंक नहीं है डीजल में आई थिंक नहीं है सीएनजी में भी नहीं है सीएनजी में माइलेज भी ठीक है गाड़ी भी गाड़ी गाड़ी वो भी खराब कर रहा है सीएनजी 10 साल 5 साल बाद तो गाड़ी वो भी खराब होती है और पेट्रोल भी खराब हो जाए ज्यादा माइलेज हम पैसा भी खर्चा करें पेट्रोल भी महंगा लें माइलेज भी कम मिले और क्या फायदा उसे सीएनजी ले गाड़ी 10 साल में खराब हो रही है होने दे वो ज्यादा बेहतर है हमको माइलेज तो सही मिलेगी तो क्या मतलब आप कहना चाहेंगे सरकार से अगर इसके बारे में कुछ कहा जाए बात की गाड़ी ला लें पहले थोड़ा पहले ट्राई बेस पे चलाएं कितना सही चल रहा है नहीं चल रहा है दूसरा एक्चुअली ये काउंटर अलग होना चाहिए जिसको जिसको पसंद आए 20 वो वो चलाए जिसको 35 पसंद है वो चलाए। जिसको नहीं पसंद है प्योर चाहिए उसको प्योर का अलग काउंटर बना दें। अब जब छह काउंट छह तो लगता है पेट्रोल पंप में मशीन है। उसमें एक मशीन नॉर्मल भी लगा दें। अब उसमें पता चले सरकार भी पता चलेगा कि किस में लाइन लंबे हैं

जो 100% प्योर पेट्रोल में लाइन लंबे हैं या ई20 में लाइन है तो पब्लिक उससे सरकार को भी पता चलेगा और पब्लिक को भी पता चलेगा कि क्या चाहता है पब्लिक का मूड क्या है केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बीते दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और यह बताया कि अब सरकार ने ई00 पेट्रोल को भी मंजूरी दे दी है। यानी 100% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल भी अब अवेलेबल आने वाले समय में होगा। और यह भी कहा गया कि गाड़ियां भी ऐसी ही बनाई जाए जो कि E00 कंपैटिबल हो। इस रिपोर्ट में हमने आपको यह बताया कि जो गाड़ियां E20 कंपैटिबल नहीं है उन गाड़ियों में जब E20 पेट्रोल डाला जाता है तो क्या-क्या समस्याएं उन गाड़ी चलाने वालों को आ रही हैं? क्या आप हमें कमेंट सेक्शन में बताइएगा कि आप अगर E20 पेट्रोल डलवाने से आपका अनुभव क्या रहा है? क्या कुछ आप सोचते हैं? कमेंट सेक्शन में बता दीजिए। आपके लिए रिपोर्ट ये रिकॉर्ड की थी पंकज ने। मेरा नाम सत्यम है। बाकी तमाम खबरों के लिए देखिए खबर गांव। शुक्रिया।

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