क्या दुनिया का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला न्यूक्लियर शक्ति वाला देश अमेरिका अब खुद एक रहस्य के घेरे में आ गया है? पिछले 3 साल में जो घटनाएं सामने आई हैं, उन्होंने ना सिर्फ वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि पूरी दुनिया को चौंका दिया है। आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका के परमाणु और अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े 10 वैज्ञानिक या गायब हो गए हैं। यह संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जान गवा चुके हैं। इनमें से पांच वैज्ञानिक ऐसे हैं जो अचानक बिना कोई निशान छोड़े लापता हो गए। जबकि पांच की मौत रहस्यमई हालत में हो गई।
सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और इसके पीछे आखिर कौन हो सकता है? इन मामलों में सबसे चौंकाने वाली बात एक समान पैटर्न का सामने आना है। कई वैज्ञानिक अपने घरों से बिना फोन, चाबी या पर्स लिए बाहर निकले और फिर कभी लौट कर वापस नहीं आए। उदाहरण के तौर पर रिटायर्ड एयरफोर्स जनरल विलियम नील जो परमाणु फंडिंग से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। 27 फरवरी को अचानक गायब हो गए। के बाद नासा के रॉकेट वैज्ञानिक मोनिका रेजा
भी जून 25 के बाद से लापता है। इसी तरीके से स्टीवन ग्रारसिया जो परमाणु हथियार के पुरजे बनाते थे वह अपने घर से निकले लेकिन अपना फोन और पर्स पीछे छोड़ गए जो इस घटना को और ज्यादा रहस्यमय बना देता है। मामला यहीं खत्म नहीं होता। लॉस एलम्मोस लैब से जुड़ी वैज्ञानिक मेलिसा कैसियास का फोन फैक्ट्री रिसेट स्थिति में मिला लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। एनीचावेज नाम के एक और वैज्ञानिक में 2025 में गायब हो गए। इन सभी घटनाओं ने सवाल यह खड़े कर दिए हैं कि क्या यह सिर्फ संयोग है या किसी बड़े साजिश का हिस्सा? दूसरी ओर जिन वैज्ञानों की मौत हुई है, उनके मामले भी उतने ही डराने वाले हैं।
नासा के एस्ट्रोफिजिसिस्ट कार्ल मेयर की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई। जबकि न्यूक्लियर फ्यूजन पर काम कर रहे वैज्ञानिक नूनो पर अज्ञात हमलवरों ने हमला कर दिया और उनकी जान ले ली। ये सभी वैज्ञानिक अमेरिका की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली लैब्स जैसे नासा, लॉस एलम्मोस और एमआईटी से जुड़े रहे हुए हैं। इससे पूरे मामले को और भी गंभीरता मिलती है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसके पीछे कौन है?
क्या यह किसी दुश्मन देश की साजिश हो सकती है जो अमेरिका के संवेदनशील वैज्ञानिकों को निशाना बना रही है? या फिर यह अंदरूनी सुरक्षा में किसी बड़ी चूक का नतीजा है। वाइट हाउस की ओर से फिलहाल इतना ही कहा गया है कि मामले की जांच चल रही है और जैसे ही [संगीत] कोई ठोस जानकारी सामने आएगी उसे साझा किया जाएगा। लेकिन जब तक सच्चाई सामने नहीं आती तब तक यह रहस्य गहराता रहेगा। क्या यह घटनाएं किसी बड़े खतरे की आहट है या फिर महज इत्तेफाक की एक खौफनाक श्रृंखला जवाब जो भी हो एक बात साफ है कि दुनिया का सबसे सुरक्षित माने जाने वाला देश सुरक्षित नहीं है। फिलहाल के लिए बस इतना ही। ऐसी खबरों के लिए देखते रहिए india.com