अगर लाठी चलेगा तो पहला लाठी हम खाएंगे। अगर जेल भी जाने का मुसीबत आ जाए तो जाएंगे। गोली भी चलेगा तो खाएंगे। पर भ्रष्टाचारी सरकार को उखाड़ फेंके। छ साल का एक बच्चा पटना के गर्दनी बाग धरना स्थल पर मौन धरने पर। उसके सामने कोई बड़ी राजनीतिक पार्टी का मंच नहीं। ना ही उसके हाथ में कोई लंबा भाषण। बस एक मांग है उसके माता-पिता के साथ कथित मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कारवाई और उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका। आदित्य राज का कहना है जब तक उसे न्याय नहीं मिलता तब तक वो अपना धरना खत्म नहीं करेगा। लेकिन आदित्य राज का नाम पहली बार यहां से सामने नहीं आया। कुछ दिन पहले पटना के छात्र आंदोलन के बीच इस छ साल के बच्चे का
एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हुआ था। हाथ में तिरंगा लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच खड़ा यह छ साल का बच्चा जिस बेबाकी से सरकार से सवाल कर रहा था उसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। अब वही बच्चा एक बार फिर चर्चा में है लेकिन इस बार वजह उसके माता-पिता के साथ कथित मारपीट और उसके बाद शुरू हुआ यह मौन धरना। आखिर कौन है आदित्य राज? 25 अगस्त को उसके साथ क्या हुआ था? और अब वह इंसाफ के लिए क्यों बैठा है? पूरी कहानी आपको हम समझाते हैं। आदित्य राज पटना का ही रहने वाला बताया जाता है। यह छ साल का बच्चा है और पहली कक्षा में पढ़ता है। कुछ दिन पहले उसका नाम आम लोगों के लिए अनजान था।
लेकिन 25 अगस्त को बिहार की राजधानी पटना में बीपीएससी, टीआरई फोर और दूसरी भर्तियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। उस दिन बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास और राजभवन की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी और कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच उस दौरान धक्कामुक्की हुई बैरिकेडिंग तोड़ी गई और पुलिस की तरफ से पानी की बौछार का इस्तेमाल भी किया गया। बाद में लाठीचार्ज और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई। इसी हंगामे के बीच कैमरे पर एक छोटा सा बच्चा नजर आया। हाथ में तिरंगा लिए आदित्य पुलिस की बस के ऊपर पहुंच गया। कैमरा उसकी तरफ आया तो उसने बिना किसी झिझक के सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
उसने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग कर डाली और बेरोजगारी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उसकी उम्र सिर्फ 6 साल थी। लेकिन कैमरे के सामने उसका आत्मविश्वास देखकर वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद हर तरफ एक ही सवाल था। आखिर यह बच्चा है कौन? आदित्य कोई पहली बार आंदोलन में दिखाई देने वाला बच्चा नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले भी वह पटना के गर्दनी बाग धरना स्थल पर छात्रों के बीच नजर आ चुका था। वहां भी वह सरकार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाता दिखाई दिया था। पेपर लीक और दूसरे मुद्दों को लेकर निकाले गए राजनीतिक मार्च में भी उसके शामिल होने की बात सामने आई थी। आदित्य की एक और बात लोगों का ध्यान खींचती है। बताया जाता है कि उसके स्कूल बैग में किताबों के साथ भारतीय संविधान की किताब भी रहती है।
आदित्य का कहना है कि वह संविधान के करीब 80 पेज पढ़ चुका है। उसे देश दुनिया की खबरों में दिलचस्पी है और वह अपने आसपास हो रही घटनाओं को समझने की कोशिश करता है। जब उससे यह सवाल किया गया कि 6 साल की उम्र में उसे इन आंदोलनों में आने की जरूरत क्यों महसूस होती है? तो आदित्य ने इसका जवाब अपने भविष्य से जोड़ कर दिया। उसका कहना था अगर आज परीक्षा व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो जब वह बड़ा होकर खुद प्रतियोगी परीक्षा देगा तब उसे भी इन्हीं परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आदित्य के माता-पिता के मुताबिक आंदोलन में जाने की ज़िद वो खुद करता है। उसका परिवार पटना के पुनाईचक इलाके में किराए के मकान में रहता है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। जबकि उसकी मां दूसरे घरों में काम कर परिवार चलाती हैं। यानी सोशल मीडिया पर जिस बच्चे की वीडियो आज लाखों लोग देख रहे हैं, वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता। लेकिन 25 अगस्त को प्रदर्शन आदित्य के लिए सिर्फ वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। परिवार का आरोप है कि आदित्य और उसकी मां को भी पुलिस अपने साथ ले गई। आदित्य का दावा है कि उसे करीब 5 घंटे थाने के अंदर बिठाए रखा गया। उसके मुताबिक दोपहर करीब 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक वह पुलिस के पास रहा। आदित्य ने आरोप लगाया कि उसे डराया गया और दोबारा आंदोलन में शामिल ना होने का दबाव बनाया गया। इसके अलावा आदित्य और उसके परिवार ने पुलिस पर उसके माता-पिता के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया। आदित्य का कहना है कि उसे अपने माता-पिता से कई घंटे तक अलग रखा गया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। यही वजह है कि अब आदित्य दोबारा गर्दनी बाग पहुंचा है। लेकिन इस बार वह भाषण नहीं दे रहा। इस बार उसने मौन धारण करना शुरू कर दिया है। आदित्य की मांग है कि जिन पुलिसकर्मियों पर उसके माता-पिता के साथ मारपीट का आरोप है उन्हें सस्पेंड किया जाए और पूरे मामले में कारवाई की जाए। आदित्य ने कहा कि उसके माता-पिता के साथ मारपीट हुई। उन्हें उससे घंटों अलग रखा गया।
उसका यह भी आरोप है कि पुलिस की तरफ से धमकी दी गई कि अगर उसने धरना जारी रखा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी। हालांकि इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। आदित्य ने इस मामले को लेकर बिहार के डीजीपी से मुलाकात की, बात भी की। उसके मुताबिक डीजीपी ने उसे न्यायिक जांच का आश्वासन दिया। लेकिन आदित्य इससे संतुष्ट नहीं है। अब उसकी एक और मांग है वह पीएम मोदी से मिलना चाहता है। आदित्य कहता है कि जब तक प्रधानमंत्री से उसकी मुलाकात नहीं होती और उसके माता-पिता को न्याय नहीं मिलता तब तक वह धरने पर बैठा रहेगा। उसने विपक्षी दलों के नेताओं से भी अपने साथ धरने पर आने की अपील की है। उसने तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी समेत कई नेताओं का नाम लेकर कहा कि जो भी उसके साथ आना चाहते हैं, वह आए। सत्ता पक्ष के नेताओं से भी उसने साथ आने की अपील की। फिलहाल के लिए इस वीडियो में इतना ही।