शादी के बाद एक हादसे ने बदली जिंदगी। महज 25 की उम्र में उजड़ा मशहूर एक्ट्रेस का सुहाग। शादी के खिलाफ थे पिता फिर भी नहीं मानी बेटी। दूसरी शादी के बाद किस्मत ने फिर दिया बड़ा सदमा। 37 के उम्र में फिर हुई अकेली।
राजेश खन्ना की हीरोइन की दर्दनाक कहानी। बॉलीवुड की लाइमलाइट में कई सितारों की लाइफ पर्दे पर जितनी खूबसूरत दिखती है, असल जिंदगी में उतनी ही दर्द से भरी होती है। एक ऐसी ही मशहूर एक्ट्रेस रही जिन्होंने राजेश खन्ना, धर्मेंद्र और जितेंद्र जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया जहां करियर में तो उन्हें खूब शोहरत मिली लेकिन पर्सनल लाइफ में उन्हें ऐसे दर्द मिले जिन्होंने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।
चलिए आपको भी पूरा मामला विस्तार से बताते हैं कि आखिर हम किसकी बात कर रहे हैं और उनके साथ क्या-क्या हुआ था। दरअसल हम बात कर रहे हैं राजेश खन्ना की हीरोइन लीना चंदावरकर की जिनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। 29 अगस्त 1950 को कर्नाटक के धारवाड़ में एक्ट्रेस लीना का जन्म हुआ।
हालांकि उनका फिल्म इंडस्ट्री में आने का कोई खास इरादा नहीं था। उनके पिता आर्मी में ऑफिसर थे और परिवार भी ग्लैमर से दूर था। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था और एक्ट्रेस ऑन कैमरा आ गई। बता दें कि फिल्मों में आने से पहले लीना ने एड्स में काम किया। इसके बाद उन्होंने फिल्मफेयर फ्रेश फेस कंपटीशन में हिस्सा लिया और रनर अप में जगह बनाई। यहीं से उनके लिए बॉलीवुड के दरवाजे खुल गए। इसके बाद साल 1968 में लीना ने फिल्म मन का मीट से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म को अच्छी सक्सेस मिली और लीना को पहचान मिल गई। इसके बाद उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा।
लेकिन करियर के सक्सेस के बीच उनकी प्राइवेट लाइफ ने अचानक ऐसा मोड़ लिया जिसको उन्होंने शायद इमेजिन भी नहीं किया होगा। लीना की पहली शादी गोवा के पॉलिटिकल फैमिली से ताल्लुक रखने वाले सिद्धार्थ बांडोडकर से हुई थी। सिद्धार्थ गोवा में पहले सीएम दयानंद बंडोदकर के बेटे थे। शादी के कुछ ही समय बाद एक हादसे में गोली लगने से सिद्धार्थ की हो गई। उस वक्त लीना महज 25 साल की थी। इतनी कम उम्र में पति को खोने के बाद लीना की लाइफ में खालीपन आ गया।
लेकिन कुछ समय बाद उनकी जिंदगी में मशहूर सिंगर और एक्टर किशोर कुमार की एंट्री हुई। दोनों के रिश्ते ने खूब सुर्खियां बटोरी। बता दें कि किशोर कुमार पहले तीन शादियां कर चुके थे और लीना से उम्र में काफी बड़े थे। यही वजह थी कि शुरुआत में लीना के पिता इस शादी के खिलाफ थे।
लेकिन लीना ने अपने दिल की सुनी और आखिरकार दोनों ने शादी ही कर ली। इस रिश्ते से दोनों के घर बेटे सुमित कुमार का जन्म हुआ। लगा कि लीना की जिंदगी में अब खुशियां लौट आई हैं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। साल 1987 में किशोर कुमार का निधन हो गया। उस वक्त लीना सिर्फ 37 साल की थी। यानी जिंदगी में दूसरी बार उन्हें अपने पति को खोने का दर्द सहना पड़ा। किशोर कुमार से शादी के बाद लीना ने फिल्मों से दूरी बना ली थी। बाद में वह सरफरोश और ममता की छांव में जैसी फिल्मों में नजर आई।
1989 में आई ममता की छांव को उनकी आखिरी फिल्म माना जाता है। इसके बाद लीना ने लाइमलाइट से दूरी ही बनाए रखी। हालांकि 2007 में वह के4 किशोर म्यूजिक रियलिटी शो में गेस्ट जज के तौर पर नजर आई थी। लीना चंदावरकर की जिंदगी आज भी उस दौर की ऐसी कहानी है जिसमें फेम के साथ-साथ प्यार का बिछड़ना और दर्द बिल्कुल गहराई से जुड़ा रहा।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि 70 के दशक में लीना ने हिंदी सिनेमा के कई बड़े सितारों के साथ काम किया। राजेश खन्ना के साथ महबूब की मेहंदी, धर्मेंद्र के साथ रखवाला और एक महल हो सपनों का जबकि जितेंद्र के साथ हम जोोली, विदाई और नालायक जैसी फिल्मों में नजर आई। इसके अलावा उन्होंने विनोद खन्ना, संजीव कुमार और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ भी काम किया।