जयपुर में बीते दिनों एक केस सामने आया। आयुषी नाम की लड़की ने सरकारी नौकरी के लिए अपनी ही मां की हत्या करवा दी। वह भी बकायदे सुपारी देकर। अब इस मामले में एक नया अपडेट आया है। आयुषी पर आरोप है कि उसने साल भर पहले अपने पिता की भी हत्या करवाई थी। 2025 में उसके पिता विजय शर्मा की मौत हुई थी। दावा किया जा रहा है कि यह नेचुरल डेथ नहीं थी बल्कि इसमें आयुषी का हाथ था। आज तक से जुड़े शरद कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक आयुषी की मामा जो हैं राकेश शर्मा ने यह आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पिछले साल आयुषी के पिता विजय बीमार थे। उनका इलाज चल रहा था। ठीक होकर घर लौट आए थे। पर अचानक आयुषी ने कहा कि वह उन्हें पूरी तरह से ठीक करने के लिए किसी डॉक्टर से बात करके आई है।
तब चचेरा भाई बलराम घर पर साथ रहता था। वह बलराम के साथ उन्हें जबरदस्ती घर से ले गई। 3 महीने तक कहां रखा किसी को नहीं बताया। जब मां रोने लगी तो उसने बताया कि दिल्ली एनसीआर के निम्स में भर्ती हैं लेकिन तुम उतनी दूर उन्हें देखने नहीं जा सकती। एक दिन आयुषी का मैसेज आया कि पापा जयपुर के निविक अस्पताल के आईसीयू में हैं। परिवार वाले वहां पहुंचे तो डॉक्टर ने बताया कि नीरज शर्मा के 90% बॉडी पार्ट्स डैमेज हो गए हैं। जीजाजी थे। दिसंबर तक दिसंबर 24 तक वो अस्पताल में भर्ती रहे थे। भर्ती होने के बाद में उनको प्राइवेट जगह पर बलराम और आयुष मेरी भांजी ने रखा था और उसके बारे में किसी भी व्यक्ति को जानकारी नहीं दी थी। 9 अप्रैल 2025 को जरिया मैसेज के द्वारा मुझे पता लगा जो मेरी भांजी ने भेजा था तब मैं जाके हॉस्पिटल में मिला। डॉक्टर से संपर्क किया तो डॉक्टर से पूछा क्या वर्तमान में क्या पोजीशन है? तो उन्होंने कहा कि भाई अभी तो देखो होप देना मुश्किल है आपके लिए।
90% आपके जिया जी का दोनों फेफड़ों में पानी भरा हुआ है। लीवर पूरा 90% डैमेज है। हार्ट हार्ट का जो स्थिति है वो 90% ब्लॉक है। तो होप तो हम नहीं जी सकते लेकिन हम डॉक्टर हैं। अंतिम समय तक हम प्रयास करेंगे जो हमारा कर्म है हम हमारा करेंगे। उस दिन से लेके जब मैंने बच्ची संपर्क किया तो उसके पास कोई ठोस जवाब नहीं था। तो 3 महीने के ड्यूरेशन में जब नेक हॉस्पिटल में वो अच्छी रिकवर हो गए थे तो तीन सा 3 महीने जो इन्होंने अंडरग्राउंड रखा है कहां रखा है क्यों रखा है यह संदेह के घेरे में अचानक आकर के उनको भर्ती करा देना ये कहीं ना कहीं अगर पुलिस इन्वेस्टिगेशन करे तो निश्चित रूप से यह बात सामने आएगी कि मेरे जीजाजी की मृत्यु में भी इन आयुष और बलराम का 100% हाथ होगा क्योंकि सारा लालच प्रॉपर्टी का शुरू से ही चल रहा है। आयुषी के मामा ने बताया कि बलराम के साथ मिलकर उसने पिता का अंतिम संस्कार करा दिया। फिर उनके पद पर नौकरी के लिए अप्लाई करने की बात कही। उसने प्रॉपर्टी भी अपने नाम करने को कहा। विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर थे। बेटी और भतीजे दोनों को एलएलबी करवा रहे थे ताकि वह दोनों वकील बन सके। मामा राकेश शर्मा भी कोर्ट में एलडीसी थे। आयुषी अपने पिता की नौकरी चाहती थी।
लेकिन परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए उसकी मां नीरज शर्मा ने खुद नौकरी जॉइ कर ली। इस दौरान मां-ब के बीच प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद चल रहा था। 4 जुलाई की शाम उसकी मां नीरज शर्मा बेटे को फिजियोथरेपिस्ट के यहां लेकर गई थी। जब वह वापस लौट रही थी तभी तेज रफ्तार स्कर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। उनकी मौत हो गई। पुलिस का आरोप है कि सरकारी नौकरी और संपत्ति हासिल करने की चाहत में उसने अपनी मां की हत्या [संगीत] करवा दी। आयुषी ने पूछताछ में बताया कि मां का सारा ध्यान मेरे भाई पर रहता था। वह स्पेशल चाइल्ड है। मैं अकेले रहती थी। दादी, ताऊ और चचेरा भाई बलराम मेरे नजदीक थे। मां से आए दिन झगड़े होते रहते थे। मां को शुरू से देखकर गुस्सा आता था। वह भाई को प्यार से रखती थी और मुझे दूर। मामा और नाना का घर में ज्यादा दखल रहता था। ऐसा आयुषी ने पुलिस को बताया है। आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने बताया कि उसने मां से झगड़े के दौरान एक बात कही थी। उसने एक दिन कहा था कि जब पापा को फूड पाइप निकाल कर मार डाला तो तुम क्या चीज हो? दो दिनों के अंदर मार डालूंगी। बेटी के इस धमकी के बाद मां नीरज शर्मा ने स्टेटस WhatsApp पर लगाया था कि बस दो दिन की जिंदगी बची है। पुलिस अब तक यह जांच कर रही थी कि आयुषी ने अपनी मां नीरज शर्मा को क्यों और कैसे मारा। मगर अब जांच यह हो रही है कि आयुषी ने क्या अपने पिता विजय वशिष्ठ को भी मारा है। मामा राकेश शर्मा ने कहा कि मां नीरज शर्मा जब जिंदा थी तो अक्सर बेटी के साथ झगड़ा होता था कि पिता को लेकर कहां गई थी जब वो बीमार थे। जिसकी वजह से उनकी मौत हुई है। मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे केस में डीसीपी रंजीता शर्मा ने जयपुर की ईस्ट की डीजीपी हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी बलराम की खोज की जा रही है।
परवादी पक्ष ने निश्चित ही एक परवाद अभी उपस्थित होकर पेश किया है। जिसमें उस परवाद के बिंदु हैं उन पर गहन जांच हम सुनिश्चित करेंगे और इसमें भी जो अनुसंधान है वह जारी है। जो मुख्य आरोपी है उसकी भी तलाश जारी है और जल्द ही उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्या परिवार दिया है? किस जो मुख्य आरोपी है उसके संबंध में जो बलराम आरोपी है उसकी गिरफ्तारी के संबंध में परवाद आया है। नहीं ये कह रहे हैं कि उसकी पिता की जो मौत हुई उसकी भी जांच कराई जाएगी। उसके संबंध में परिवार में जो भी बिंदु है वो सक्षम अधिकारी से जांच करवा ली जाएगी। इस केस में पुलिस का कहना है कि आयुषी एलएलबी फाइनल ईयर में है बेहद चालाक और स्ट्रांग माइंड। यह हार्ड अपराधी की तरह शार्प और कानूनी रूप से शातिर है। मनोवैज्ञानिक के जरिए आयुषी से पूछताछ की जाएगी। वो यह तो कह रही है कि मेरा बचपन बहुत खराब रहा है। मगर कैसे खराब रहा है? यह बहुत पूछने पर भी खामोश हो जा रही है। इसका जवाब उसने अब तक नहीं दिया है। इस केस में गहराई से जांच हो रही है। जो भी अपडेट्स हैं, हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। अगर आपकी कोई राय है तो हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइए। मेरा नाम प्रगति है। देश और दुनिया की तमाम खबरों से जुड़े रहने के लिए देखते रहिए द लल्लन टॉक। शुक्रिया। [संगीत]