पुष्पा टू स्टैंपीट केस में हैदराबाद के नामपल्ली कोर्ट ने अलू अर्जुन को समन भेजा है। उन्हें दिसंबर 2024 को संध्या थिएटर में हुए उस घटना का आरोपी नंबर 11 बनाया गया जहां उनके अचानक पहुंचने से भगदड़ मच गई थी। उस घटना में रेवती नाम की एक महिला की मौत हो गई थी। वहीं उनका बेटा श्रीतेश बुरी तरह घायल हो गया था। आरोपियों की सूची में एक से 10 नंबर तक संध्या थिएटर मैनेजमेंट के लोग शामिल हैं।
भगदड़ के इस मामले में रेवती के पति एम भास्कर ने पुलिस एफआईआर दर्ज करवाई थी। तब टोटल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। लेकिन अभी अर्जुन और उनके बॉडीगार्ड समेत 19 लोगों को समन भेजा गया है। 22 जून यानी सोमवार को उन्हें कोर्ट में हाजिरी लगानी होगी। उन पर भारतीय न्याय संहिता की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है जो लापरवाही के कारण हुई मौत से जुड़े हैं। सोमवार से उनका ट्रायल शुरू होगा। वहां अदालत पुलिस चार्जशीट और सभी बयानों के आधार पर तय करेगी कि मामले में आगे क्या कानूनी कारवाई की जाए।
4 दिसंबर 2024 को हैदराबाद के संध्या थिएटर में पुष्पा 2 का प्रीमियर शो रखा गया था। इस दौरान अर्जुन भी वहां फैंस को सरप्राइज़ देने पहुंच गए। उनके आने की खबर सुनते ही वहां हजारों लोग जमा हो गए। भारी भीड़ के कारण अफरातफरी का माहौल बन गया। इसी भगदड़ में 35 वर्षीय रेवती की दम घुटने से मौत हो गई।
वहीं उनका 9 साल का बेटा श्रीतेश बुरी तरह घायल हो गया। लोगों ने उसे अस्पताल में एडमिट करवाया जहां वह कोमा में चला गया था। घटना होने के कुछ देर बाद ही पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर ली। उसमें ज्यादातर थिएटर मैनेजमेंट के लोगों को आरोपी बनाया गया। पुलिस का कहना था कि उन्होंने बगैर किसी सुरक्षा खास सुरक्षा इंतजाम के अर्जुन का विजिट प्लान कर दिया था। सबसे बड़ी बात यह थी
कि उन्होंने इस बारे में पुलिस को पहले से इन्फॉर्म भी नहीं किया था। 9 दिसंबर 2024 को पुलिस ने थिएटर से जुड़े लोगों को अरेस्ट किया। 13 दिसंबर को अर्जुन भी गिरफ्तार हो गए। लेकिन तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें उसी दिन अंतरिम जमानत दे दी। अर्जुन ने तब पब्लिकली रेवती की मौत पर अफसोस जताया था। साथ ही श्रीतेज के इलाज और उनकी बहन की पढ़ाई से जुड़े सभी खर्च उठाने का वादा भी किया था। इस खबर में इतना ही। खबर लिखी है मेरे साथी शुभांजल ने। मैं हूं आकांक्षा गोगोई। कैमरे के पीछे शिवम है। आप देखते रहिए ललिनट टॉप सिनेमा। शुक्रिया।