Cli

आगरा नहर किनारे मिला युवक – युवती का श!व,मचा हड़कंप!

Uncategorized

फरीदाबाद के करीब एक नहर से दो मिलती हैं। एक लड़की की और एक लड़के की । दोनों के हाथ एक दूसरे से डाटा केबल से बंधे हुए थे। नहर किनारे ही एक कार खड़ी थी और कार के अंदर खून से सना एक हथौड़ा रखा हुआ था .

और बस यही आकर मामला उलझ जाता है कि क्या उन दोनों ने की या फिर दोनों को मारकर नहर में फेंक दिया गया। यह एक नहर की तस्वीर है और यह है इस नहर के किनारे बोट पर पड़ी लड़का लड़की की दो । मामला दिल्ली के करीब फरीदाबाद का है। इन की तस्वीर तो हम आपको हूबहू नहीं दिखा सकते। लेकिन दोनों ही लाशों की एक खास बात आपको जरूर दिखा सकते हैं।

यह देखिए लड़का और लड़की की कलाइयां एक दूसरे से कसकर बंधी हुई हैं। शायद किसी डाटा केबल से और इस तस्वीर को देखकर ही यह लगता है कि शायद दोनों ने एक राय होकर अपने-अपने हाथ एक दूसरे से बांधकर पानी में छलांग लगाई है। ताकि दोनों साथ-साथ पानी में डूबे और दोनों की साथ-साथ हो।

लेकिन फरीदाबाद पुलिस अभी इस डबल मिस्टी को सॉल्व करती तब तक उसकी नजर मौका ए वारदात पर खड़ी इस ब्लैक कलर की K Sonet कार पर पड़ती है और कार के अंदर उसे जो कुछ दिखता है वो इस केस को सिर के बल खड़ा कर देता है। कार में दो मोबाइल फोन के साथ-साथ खून से सना हुआ एक हथौड़ा भी है। पता चलता है कि यह कार पानी में डूबकर मरने वाली इस लड़की की ही है।

लेकिन अब सवाल यह है कि अगर यह मामला डबल सुसाइड का है तो फिर कार में पड़े खून से सने उस हथौड़े का क्या कनेक्शन है? तो यही इस डबल डेथ की असली मिस्ट्री है। लेकिन इससे पहले कि हम इस मिस्ट्री को सुलझाने की ओर आगे बढ़े।

आइए जल्दी से उस लड़की के पति को सुन लेते हैं। जिसकी लाश किसी और लड़के के साथ नहर से बरामद हुई है। ये एक्चुअली ना मेरी मेकअप आर्टिस्ट है। ये फ्रीलांसर है। अरे आ गया। तो इसने नियर बाय जिम स्टार्ट किया मुझे बताकर कि जिम करना है मुझे। ठीक है। वहां ये गए। वहां इन्होंने जिम स्टार्ट किया।

उसके बाद धीरे-धीरे उस लड़की ने हाय हेलो चालू करी और उसके बाद बातचीत करनी चालू करी। डेली रात में परेशान करने लगा। मेरी वाइफ ने रोका। वो नहीं मानी। नहीं मानने के बाद उसके बाद जब वो नहीं माना तो उसने क्या बोलते हैं? परेशान करना चालू करा।

कब से परेशान कर रहा था? समथिंग समथिंग दो 2ाई महीने से। सर क्या नाम था? उसको रोका भी गया था और उसकी ना महिला थाने में कंप्लेंट भी करी थी 16 सेक्टर में। आप लोगों ने लड़का पक्ष से बातचीत नहीं की? नहीं एक्चुअली जब थाने में महिला थाने में कंप्लेंट करी थी तो भाई और उसकी मम्मी आए थे समझाया था। समझाने के बाद उसकी मम्मी ने माफी मांगी थी मेरी वाइफ से कि बेटा अब ये आगे से गलती नहीं करेगा और अगर आगे ये करता है गलतियां तो मैं आज तेरे साथ चल के कंप्लेंट करवाऊंगी इसके थाने में।

तो आपने शिवम को सुना और शिवम की माने तो यह मामला एक तरफा इश्क का है और इसी एकतरफा इश्क में उसकी बीवी रश्मि की जान चली गई। शिवम की माने तो रोज की तरह वो 11 जुलाई को भी अपनी ड्यूटी पर गुरुग्राम गया था। लेकिन इस बीच उसे अपनी पत्नी की मौत की खबर मिली और वो मौके पर पहुंचा। शिवम की मानें तो उसे यह पता नहीं था कि उसकी बीवी घर से बाहर है क्योंकि उसके घर में लगे सीसीटीवी फुटेज में उसे अपनी कार नजर आ रही थी। इसलिए वह अपनी पत्नी को लेकर निश्चिंत था। लेकिन अब यह कहानी सामने आ गई। पेशे से मेकओवर आर्टिस्ट 31 साल की रश्मि करीब 2ाई महीने से अपने घर के पास एक जिम में वर्कआउट करने जाया करती थी और आकाश उर्फ अक्कू नाम के एक लड़के से उसी जिम में उसकी मुलाकात हुई।

अक्कू एक जिम ट्रेनर था। इसके बाद उसने रश्मि का पीछा करना शुरू कर दिया। खबर होने पर रश्मि के घर वालों ने अकू की शिकायत पुलिस से की और तब अक्कू के घर वालों ने रश्मि से माफी भी मांगी थी। लेकिन बाद में वो फिर से अपनी हरकतें दोहराने लगी। ये एक्चुअली जैसे मेरी वाइफ निकली कहीं तो ये पीछेछे बाइक से गाड़ी के आगे बाइक लगा देना परेशान करना। मैं भी चलूंगा जबरदस्ती बैठ जाना गाड़ी में। मतलब बिल्कुल ही टॉर्चर कर रखा था बहुत। कभी आपकी वाइफ ने आपसे नहीं बताई। मुझे कोई लड़का परेशान करता है इस तरीके की बात। सर मुझे जब पता लगा था तो हमने कंप्लेंट करी थी महिला थाने में। जी उन्होंने बोला था कि बेटा अगर यह नहीं मानता है समझाने के बाद तो इसके खिलाफ उस समय माफी मांग ली क्या नाम था सर युवक का अकू नाम था कहां का रहने वाला था ये एतमादपुर गांव कुछ दिन पहले आपके मकान पे भी आया था कि कोई झगड़ा हुआ हां जी हां जी ये इसने एक्चुअली ड्रिंक कर रखी थी मुझे उसी दिन पता लगा था इसने ड्रिंक कर रखी थी और ये घर पे आ गया था तो घर में कैमरे लगे थे सीसीटीवी जिसमें कि ये दिख गया बाहर पूरा नाम क्या था लड़के का मुझे अक्कू नाम पता है बाकी पुराना आपकी वाइफ के टच में कैसे आया ये मतलब ये एक्चुअली जिम करते थे तो वहां पे लड़के ने हाय हेलो चालू करी और जैसे फोन रखा रहता है जिम में तो जैसे अब फोन में किसी का भी फोन आता है .

तो नंबर दिख ही जाता है ऑलमोस्ट फोटो भी दिख जाता है मेरा फोन अगर आता है तो मेरी वाइफ और मेरा फोटो लगा हुआ है जी तो शायद उस बिहाफ पे उसने नंबर देखा और वो अपने दिमाग में डाल के और शिवम की माने तो यहां तक तो मामले का एक-एक सच उसे पता था लेकिन इसके बाद जिस तरह उसकी बीवी और अकू की मौत हुई उसके रहस्य से वो भी हैरान है।

लेकिन यह तो शिवम का बयान है। शिवम के बयान से अलग रश्मि की कार में मौजूद खून से सना हथौड़ा और खुद अक्कू के घर वालों का बयान कुछ और ही कहानी कहता है। क्योंकि अक्कू के घर वालों का कहना है कि यह मामला सुसाइड का नहीं बल्कि कत्ल का है और महिला के पति यानी शिवम ने ही अक्कू की हत्या करवाई है। ये का मामला है सर। किसने किसका मर्डर किया है? अब होगी ना कोई साजिश तो बनाई होएगी। अभी तो खुलासा हुआ नहीं है। अच्छा क्या नाम था आपके भाई का? भाई था आपका।

मेरा साला था। क्या नाम था? आकाश। आकाश पप्पू नाम पकू बोलते थे। हां बोलते थे प्यार से। एक मिनट क्या थी जब आपको पता चला था कि उससे डेड बॉडी मिली है। क्या सूचना सबसे पहले मिली थी? मीडिया में देख के गए थे। हम तो जो बता रहे थे कि वहां पे पुल के पास में वो दो मिले तो इसके लोकेशन से गए थे हम तो। हम हां जी। तो अब एक पार्टी जैसे सामने वाली जो पार्टी है जो लड़की पक्ष है वो यह कह रहे हैं कि हमारा कोई कसूर नहीं है। हमारा कोई जो है बीच में उससे लेना देना नहीं है। तो आप लोगों का क्या कहना है?

ये गलत है। मर्डर कराए इसके पति जब कसूर शादी में भी शेखर जी क्या लगता था आपको आपका? हमसाला लगता था। साला लगता था। क्या कहना है आपका? जब कसूर नहीं है। इनकी सारी की सारी शादी से चार गाड़ी ने चार चक्कर मारे थी। अच्छा गई थी फिर वापस आई है फिर गई है फिर वापस आई है फिर वह क्या नाम है लड़का बैठाया है हम बैठा के इनकी कहां पे इनकी प्लानिंग थी कहां पे ये वहां पे या मिलीभगत थी जहां पे इनको जगह दी गई है असल में पानी से निकाले गए रश्मि और अकू दोनों की लाशों पर चोट के निशान है। ऐसे में रश्मि और अकू के घर वाले एक दूसरे पर दोनों की हत्या करने का इल्जाम लगा रहे हैं। अक्कू के जीजा का साफ-साफ कहना है कि जिस तरह की चोट अक्कू के सिर और शरीर के दूसरे हिस्सों पर है, उन्हें देखकर यह साफ है कि उस पर हमला किया गया है। क्योंकि ऐसी चोट इंसान खुद को तो किसी हाल में नहीं पहुंचा सकता। घरवालों की मानें तो इस में अकेले रश्मि का पति शिवम ही नहीं बल्कि कम से कम सात से आठ लोग शामिल हो सकते हैं।

जिस तरीके से दोनों के हाथ बंधे हुए हैं। उस तरीके से आपको क्या लगता है? बिल्कुल सरासर में डर लगता है। सबसे मेन बात कि लड़के पे जिस तरीके से प्रहार हुआ है ना वो देख के लग ही नहीं सकता कि कोई भी आदमी अपना अपना इस तरीके से प्रहार कर ले। अच्छा तो एक नहीं कम से कम सात आठ सात आठ जने या हो सके उससे भी उससे भी ज्यादा हो। अकू के घर वालों का तो यहां तक कहना है कि लड़की के साथ मिलकर ही उसके घर वालों ने पहले अकू को अगवा किया और फिर उसकी हत्या कर लाश नहर में फेंक दी। उन्हें शक है कि अकू की हत्या कहीं और हुई और फिर सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश को यहां नहर में डाल दिया गया। 10 बंदे जहां गाड़ी गई है जहां से ये क्या लड़की उठा के लेके गई है कहां तक गाड़ी गई है.

वहां तक वहां तक छानबीन होनी चाहिए गाड़ी गई है क्या पलवल की तरफ को मुंह है इसका फरीदाबाद की तरफ को जितना खून जितना प्रेजेंट में इसका ब्लड बह रहा है उतना प्रेजेंट में वहां पे कुछ भी नहीं मिला कहीं से और से और से लाश घेर के लाई गई है वहां पे डब करी गई है जो अभी तक जानकारी मिली है पुलिस ने जब इन दोनों बॉडीज को रिकवर किया तो इन दोनों के हाथ बंधे हुए थे यानी कि जो लड़का है आकाश उसका बाया हाथ और जो लड़की है उसका दाया हाथ दोनों एक डाटा केबल से बंधे हुए थे और बताएं कि जब यह वहां पहुंचे तो एक K की sonet गाड़ी में पहुंचे थे। आगरा कैनाल के ऊपर जो पुल बना हुआ है वहां उन्होंने जो पुलिस ने उनकी गाड़ी बरामद की थी.

और इस मामले में जब यह पूरा हादसा हुआ यानी कि 11 जुलाई को तब दोनों पक्षों ने यानी कि जो लड़की पक्ष महिला पक्ष है और जो युवक पक्ष है दोनों के परिजनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाया था। हालांकि नहर से जिस तरह दोनों की हाथ बंधी हुई मिली है उससे फरीदाबाद पुलिस भी इसे फौरी तौर पर सुसाइड का केस मानकर चल रही है। ये 11 तारीख को शाम के समय नहर के अंदर गिर गए थे। इस बारे में सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा अपनी रेगुलर कारवाई की गई थी। ठीक है। आसपास से इनके वारिसानों को पता किया। गाड़ी से भी इसके संपर्क से इनके परिजनों का पता किया गया। जी उसके बाद कल टीम द्वारा हमारी तलाश करने पर लड़का और लड़की दोनों मिल गए थे जी जो लड़का और लड़की ने आपस में हाथ बंधे हुए थे जी एक-एक हाथ दोनों का बंधा हुआ था जी जिसको मौका से डेड बॉडी को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए बीकेएस फरीदाबाद रखवाया गया है जी जो प्रथम दृष्टि से मान पूछताछ पे संपर्क आया कि जो लड़का आकाश है वो किसी जिम में ट्रेनर के रूप में काम करता था जी और वहीं पर ये लड़की जो रश्मि उफ रजनी है वो भी दो-ती साल से वहां अपनी प्रैक्टिस के लिए आती थी।

इन लोगों का आपसी तालमेल तो बोलचाल तो था ही पर अभी फिलहाल यह है कि इन लोगों ने अपनी जीवन लीला समाप्त की है। इसके लिए तफतीश तस्दीक जा सर लड़का जारी लेकिन जब दोनों ही लाशों पर लगी चोट की बात आती है तो फिर पुलिस इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कहती है। ये आरोप लगा रहे हैं कि किसी तीसरे बंदे ने उन दोनों के सिर पे हथौड़ा मार के उनकी हत्या की और फिर उनको नहर में फेंका है। सर ऐसी कोई चीज सामने नहीं आई है। अभी पर फिलहाल पीएमआर की रिपोर्ट और जो इनके कॉल डिटेल है सीडीआर है और जो जहां पर यह लोग आपस में प्रैक्टिस के लिए आते थे उन मालिकों को भी शामिल अनुसंधान करना जरूरी है .

जभी हम इस बारे में कुछ बता पाएंगे चोट दोनों को लगी थी दोनों के सिर पे लगी हुई है या एक के लगी हुई है सर ये नहर से निकाली हुई डेड बॉडी है जी सर इसके संबंध में ज्यादातर डॉक्टर पीएमआर ही बता पाएंगे पीएमआर डॉक्टर भी बता पाएंगे कि चोट दोनों के है या एक के है फिलहाल पुलिस मामले की जांच तो कर रही है लेकिन कार में मिले हथौड़े लाशों पर लगी चोट कोर्ट और दोनों के बंधे हाथ में डबल डेथ की इस मिस्ट्री को उलझा दिया है। सचिन गड फरीदाबाद आज तक। जयपुर की 24 साल की कानून की स्टूडेंट आयुषी जिस पर अपनी ही मां के कत्ल का इल्जाम है ने दावा किया कि उसके पिता की मौत के लिए उसकी मां जिम्मेदार है।

आयुषी का कहना है कि उसकी मां की वजह से ही उसके पिता की मौत हुई और इसीलिए वह अपनी मां से नफरत करती थी। हालांकि जयपुर पुलिस आयुषी के इस दावे की जांच कर रही है। महज 24 साल की उम्र में आयुषी ने अपनी मां के कत्ल की ऐसी साजिश रची जिसने बड़े से बड़े शातिर दिमाग को भी पीछे छोड़ दिया। बताया गया कि वुड बी लॉयर आयुष ने अपनी मां का कत्ल सिर्फ इसलिए किया क्योंकि वो मां की जगह सरकारी नौकरी पाना चाहती थी।

लेकिन क्या वजह इतनी भर है? या फिर इसके पीछे कोई और कहानी है। मामले की तफ्तीश कर रही पुलिस अब इस सवाल पर उलझ गई है। पिछले दिनों इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए हमने भी उससे सवाल जवाब किया था। लेकिन सिर्फ एक सवाल का जवाब देने के बाद उसने अपना मुंह कुछ ऐसे सिल लिया कि मानो इसके आगे उसे कुछ सुनाई देना ही बंद हो गया हो। मगर पुलिस हिरासत में आयुष ने जो खुलासा किया है वो वाकई चौंकाने वाला है। और अगर आयुष के इस खुलासे पर यकीन करें तो मामला सिर्फ नौकरी का नहीं बल्कि सालों साल एक बेटी के तौर पर मां के खिलाफ उसके सीने में पल रही नफरत का है। आयुषी ने पुलिस हिरासत में ना सिर्फ मां के की बात कबूल की है बल्कि यह भी बताया है कि उसने यह साजिश नौकरी या संपत्ति की लालच में नहीं बल्कि मां के खिलाफ गुस्से की वजह से रची क्योंकि बचपन से ही उसने अपनी मां का जो रूप देखा उसने उसके मन में मां को लेकर जो छवि बनाई वो बेहद नकारात्मक थी। तो क्या मां से नफरत ही थी कत्ल की असली वजह? पुलिस को आयुष के मोबाइल से मिले कई वीडियो।

वीडियो में वशिष्ठ परिवार की चौंकाने वाली तस्वीरें। वीडियो में पति को पीटती दिख रही है आयुष की मां। मां के रवैया से आयुषी के मन में पल रही थी नफरत। पिता की संपत्ति से मां को दूर रखना चाहती थी आयुषी। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने आयुषी के मोबाइल फोन की जांच की तो आयुष ने खुद ही अपने फोन में मौजूद कुछ ऐसे वीडियोस पुलिस अधिकारियों को दिखाए जो हैरान करने वाले थे। इन वीडियोस में आयुषी की मां कथित तौर पर आयुष के पिता यानी अपने ही पति के साथ करती हुई दिखाई दे रही थी और आयुषी का कहना था कि ऐसा कोई एक बार नहीं बल्कि अक्सर हुआ करता था। आयुष के मुताबिक उसकी मां ने उसके पिता विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा को कुछ इतना परेशान किया कि उन्हें पहले ब्रेन हैमरेज हुआ और फिर उनकी जान ही चली गई। यहां तक कि मां के जुल्म से बचाने के लिए वह अपने पिता को घर से निकालकर कहीं और ले गई और वहीं से अपने पिता का इलाज कराती रही।

आयुषी ने बताया कि घर में उसकी मां नीरज शर्मा के रवैया की वजह से कुछ भी अच्छा नहीं था। आयुषी ने पुलिस से कहा है कि वह अपने पिता की नौकरी और संपत्ति सब कुछ सिर्फ इसलिए पाना चाहती थी क्योंकि उसे लगता था कि जिस मां की वजह से उसके पिता की मौत हो गई। उस मां को उसके पिता की दौलत का कोई भी हिस्सा नहीं मिलना चाहिए और इसीलिए जब से मां ने पिता की मौत के बाद उनकी जगह अनुकंपा के आधार पर नौकरी हासिल की वो उसी दिन से अपनी मां से वो नौकरी छीन लेना चाहती थी।

आयुषी ने बताया कि वह अपने परिवार में अपनी मां की जगह दादी की बात ही ज्यादा मानती थी और अपने चचेरे भाई बलराम को अपने गार्डियन यानी अभिभावक के तौर पर देखती थी। क्योंकि मां नीरज शर्मा का व्यवहार किसी के प्रति भी अच्छा नहीं था। इसलिए उसके ताऊ के परिवार के लोग भी उसकी मां के कत्ल की साजिश में शामिल हो गए। लेकिन यह तो रही आयुष की दलील। आयुषी और उसके चचेरे भाई बलराम को लेकर आयुष के मामा ने जो दावा किया है वह भी कम हैरान करने वाला नहीं है। और इस दावे के मुताबिक आयुष का रिश्ता अपने चचेरे भाई बलराम के साथ कोई भाई-बहन का नहीं बल्कि गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड का है। मामा की मानें तो बलराम के साथ आयुष सिर्फ रिश्ते में नहीं थी बल्कि बलराम के पास शायद कोई ऐसा वीडियो भी है जिसकी बदौलत वो आयुषी को ब्लैकमेल कर रहा है। अब परिवार के अंदर ही उठ रही.

इन आवाजों के बाद कत्ल के इस मामले की जांच का दायरा पहले से कहीं ज्यादा बड़ा हो गया है। इससे पहले आयुषी के मामा ने उस पर अपने पिता के कत्ल का भी इल्जाम लगाया था और पुलिस से साल भर पहले हुए उसके पिता के मौत के मामले की जांच करने की मांग की थी। आयुषी लड़की जो है उसने प्रॉपर्टी के लालच में अपनी मां की हत्या की है। पुलिस इन्वेस्टिगेशन करे तो निश्चित रूप से यह बात सामने आएगी कि मेरे जीजाजी की मृत्यु में भी इन आयुष और बलराम का 100% हाथ होगा। आपने आयुष के मामा को सुना।

अगर यह सच है तो यह सचमुच डरावना है। अभी तक तो दिल दिमाग यही मानने को तैयार नहीं था कि 24 साल की यह बेटी सिर्फ एक अद सरकारी नौकरी के लिए अपनी मां का कत्ल कर सकती है। अब ऊपर से कोई कैसे यकीन करें कि 24 साल की यही बेटी मां से पहले अपने बाप का भी कत्ल कर चुकी है। यानी अगर यह सच है तो यह वो बेटी है जिसने एक साल के अंदर अपने मां-बाप दोनों को मार डाला। और यह उसी आयुष के मामा हैं। राकेश कुमार शर्मा। राकेश कुमार शर्मा ने जयपुर पुलिस को एक ऐसी शिकायत सौंपी है.

जो झकझोर देने वाली है। राकेश कुमार शर्मा ने जयपुर पुलिस से कहा है कि उनकी भांजी ने अपनी मां से पहले अपने पिता का भी किया है। अगर पुलिस इसकी जांच करे तो सच सामने आ जाएगा। तो जो मेरे जीजादी थे दिसंबर तक दिसंबर 24 तक वो अस्पताल में भर्ती रहे थे। भर्ती होने के बाद में उनको प्राइवेट जगह पे बलराम और आयुष मेरी भांजी ने रखा था और उसके बारे में किसी भी व्यक्ति को जानकारी नहीं दी थी। 9 अप्रैल 2025 को जरिया मैसेज के द्वारा मुझे पता लगा जो मेरी भांजी ने भेजा था। तब मैं जाके हॉस्पिटल में मिला। डॉक्टर से संपर्क किया तो डॉक्टर से पूछा क्या वर्तमान में क्या पोजीशन है? उन्होंने कहा कि भाई अभी तो देखो होप देना मुश्किल है आपके लिए।

90% आपके जिया जी का दोनों फेफड़ों में पानी भरा हुआ है। लीवर पूरा 90% डैमेज है। हार्ट हार्ट का जो स्थिति है वो 90% ब्लॉक है। तो होप तो हम नहीं दे सकते लेकिन हम डॉक्टर हैं। अंतिम समय तक हम प्रयास करेंगे। जो हमारा कर्म है हम हमारा करेंगे। उस दिन से लेके जब मैंने बच्ची संपर्क किया तो उसके पास कोई ठोस जवाब नहीं था। तो 3 महीने के ड्यूरेशन में जब नेक हॉस्पिटल में वो अच्छी रिकवर हो गए थे तो 3 सा 3 महीने जो इन्होंने अंडरग्राउंड रखा है.

कहां रखा है क्यों रखा है यह संदेह के घेरे में और अचानक आकर के उनको भर्ती करा देना ये कहीं ना कहीं अगर पुलिस इन्वेस्टिगेशन करे तो निश्चित रूप से यह बात सामने आएगी कि मेरे जीजा जी की मृत्यु में भी इन आयुष और बलराम का 100% हाथ होगा क्योंकि सारा लालच प्रॉपर्टी का शुरू से ही चल रहा है। तो सुना आपने आयुष के मामा कह रहे हैं कि एक साल पहले आयुष ने अपने पिता विजय शर्मा को मार डाला था। दरअसल विजय शर्मा की 21 अप्रैल 2025 को हुई थी। 2024 में विजय शर्मा की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। तब उन्हें जयपुर के नामचीन सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिसंबर 2024 में विजय शर्मा ठीक होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट आए थे। लेकिन तब भी वह बेड रेस्ट पर ही थे। तभी दिसंबर 2024 में ही घर आने के कुछ दिन बाद आयुष और उसका कजिन बलराम विजय शर्मा को यह कहकर घर से ले गए कि किसी अच्छे अस्पताल में उन्हें भर्ती करेंगे और वह पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। लेकिन इसके बाद अगले 3 महीने तक विजय शर्मा का कोई पता नहीं चला।

जब भी आयुषी की मां नीरज शर्मा उससे पूछती तो वह कहती कि उसने उन्हें एक अच्छे अस्पताल में भर्ती कर रखा है और वह ठीक हो रहे हैं। बार-बार मां नीरज शर्मा के पूछने पर एक दिन आयुष ने कहा कि पापा निविक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। यह सुनकर जब आयुष की मां और मामा अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने जो बताया उसे सुनकर सन्न रह गए। डॉक्टरों के मुताबिक विजय शर्मा के फेफड़ों में पानी भर चुका था और 90% ऑर्गन फेल हो चुके थे। तो जो मेरे जीजाजी थे दिसंबर तक दिसंबर 24 तक वो अस्पताल में भर्ती रहे थे। भर्ती होने के बाद में उनको प्राइवेट जगह पे बलराम और आयुष मेरी भांजी ने रखा था और उसके बारे में किसी भी व्यक्ति को जानकारी नहीं दी थी। 9 अप्रैल 2025 को जरियम मैसेज के द्वारा मुझे पता लगा जो मेरी भांजी ने भेजा था तब मैं जाकर हॉस्पिटल में मिला डॉक्टर से संपर्क किया तो डॉक्टर से पूछा क्या वर्तमान में क्या पोजीशन है तो उन्होंने कहा कि भाई अभी तो देखो होप देना मुश्किल है आपके लिए 90% आपके जिया जी का दोनों फेफड़ों में पानी भरा हुआ है लीवर पूरा 90% डैमेज है का जो स्थिति है वो 90% ब्लॉक है तो होप तो हम नहीं दे सकते.

लेकिन हम डॉक्टर हैं अंतिम समय तक हम प्रयास करेंगे करेंगे जो हमारा कर्म है हम हमारा करेंगे। उस दिन से लेके जब मैंने बच्ची संपर्क किया तो उसके पास कोई ठोस जवाब नहीं था। जैसे ही मामा और मां अस्पताल पहुंचे उसी दिन आयुष गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती अपने पिता को जबरदस्ती घर ले आई। 21 अप्रैल 2025 को आयुष अपने पापा विजय शर्मा को घर लाई थी और ठीक उसी दिन घर पर ही विजय शर्मा की मौत हो गई। विजय शर्मा की मौत के बाद आननफानन में आयुषी और उसका कजिन बलराम उनकी लाश को गांव ले गए और अंतिम संस्कार भी कर दिया।

यानी विजय शर्मा का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ। हालांकि तब तक घरवाले यही मान रहे थे कि शायद मौत बीमारी की वजह से हुई। लेकिन आयुषी के हावभाव को देखकर मामा को तभी से उस पर शक होना शुरू हो गया था। लेकिन वह यकीन नहीं कर पा रहे थे कि एक बेटी यूं अपने पिता का कत्ल भी कर सकती है। लेकिन जब 3 जुलाई को सड़क हादसे में नीरज शर्मा की मौत हुई और फिर पता चला कि वो हादसा नहीं कत्ल है और यह कत्ल खुद आयुष ने करा है। तब मामा को यकीन हो गया कि एक साल पहले अस्पताल से बिल्कुल ठीक-ठाक घर लौटे उनके जीजा।

यानी आयुष के पिता का 90% ऑर्गन फेल होना भी कत्ल की एक साजिश थी। 3 महीने के ड्यूरेशन में जब नेक हॉस्पिटल में वो अच्छी रिकवर हो गए थे तो 3 सा 3 महीने जो इन्होंने अंडरग्राउंड रखा है कहां रखा है क्यों रखा है यह संदेह के घेरे में और अचानक आकर के उनको भर्ती करा देना ये कहीं ना कहीं अगर पुलिस इन्वेस्टिगेशन करे तो निश्चित रूप से यह बात सामने आएगी कि मेरे जीजाजी की मृत्यु में भी इन आयुष और बलराम का 100% हाथ होगा क्योंकि सारा लालच प्रॉपर्टी का शुरू से ही चल रहा है।

आयुषी के मामा के मुताबिक जब अप्रैल 2025 में आयुषी के पिता विजय शर्मा की मौत हुई थी तब आयुषी ने पिता की जगह अनुकंपा पर राजस्थान हाई कोर्ट में नौकरी के लिए अपने आप फॉर्म भी भर दिया था। लेकिन जब मामा के कहने पर आयुष की मां ने अपने पति की जगह नौकरी कर ली तब आयुष नाराज हो गई। बाद में वह मां से जयपुर के दोनों मकान और 5 बीघा जमीन उसके नाम करने की जिद करने लगी। आयुषी के मामा का दावा है कि उनकी बहन नीरज शर्मा की मौत से दो दिन पहले आयुषी और उसकी मां के बीच झगड़ा हुआ था। तब आयुषी ने अपनी मां को धमकी दी थी कि अगर मैं अपने बाप के फूड पाइप यानी खाने की नली को निकालकर उन्हें मार सकती हूं तो तुम क्या चीज हो? नीरज शर्मा ने यह बात अपने भाई को बताई थी। असल में विजय शर्मा और नीरज शर्मा अपने पीछे जयपुर के दो घर के अलावा कुल 14 करोड़ की प्रॉपर्टी छोड़ गए।

यानी आयुषी बाप की जगह सरकारी नौकरी तो चाहती ही थी। बाप की सारी दौलत पर भी उसकी नजर थी। जयपुर पुलिस ने भी कहा है कि वह इस मामले की भी जांच करेगी। हालांकि नीरज शर्मा के मर्डर केस में आयुष के साथ शामिल बलराम भी इस केस की जांच के दायरे में है। उस पर इस साजिश में आयुष का साथ देने का इल्जाम है। परवादी पक्ष ने निश्चित ही एक परवाद अभी उपस्थित होकर पेश किया है। जिसमें उस परवाद के बिंदु है उन पर गहन जांच हम सुनिश्चित करेंगे और इसमें भी जो अनुसंधान है वह जारी है।

जो मुख्य आरोपी है उसकी भी तलाश जारी है और जल्द ही उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्या परिवार दिया है? किस चीज की शिकायत के? जो मुख्य आरोपी है उसके संबंध में जो बलराम आरोपी है उसकी गिरफ्तारी के संबंध में परवाद आया है। नहीं ये कह रहे हैं कि उसकी पिता की जो मौत हुई उसकी भी जांच कराई जाए। उसके संबंध में परिवाद में जो भी बिंदु है वो सक्षम अधिकारी से जांच करवा ली जाएगी।

पूछो क्या चाहते हैं? वो यही चाहते हैं। उनके मुख्य बिंदु यही है कि एक तो मुख्य आरोपी जो है उसमें उसकी गिरफ्तारी हो जाए और कुछ एक नाम उन्होंने खुलासा किया है कि इन नाम जो यह व्यक्ति हैं इनके संबंध में भी जांच हो ताकि उनकी जो भूमिका रही इस पूरे प्रकरण में उसकी जो खुलासा हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *