कोई खामोश रहता है कि खामोशी से मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। किसी की भी खामोशी से मुझे ये बात समझ में आती है कि कोई भी खामोश क्यों है? हम मुझे बात बिल्कुल समझ में आती है। क्योंकि वो संजय जी के चढ़ावे पे आकर के अगर वो भक्त से बोल देगा सुबह इनकम टैक्स वाले इनकम टैक्स वाले घर पे आएंगे। तो कल जो उसको भुगतना पड़ेगा उस समय कोई और खड़ा नहीं होगा। वही बेचारा जाता रहेगा उसके या फिर वो वहां पे बाहर खड़े होकर वेलकम करता रहेगा अलग-अलग लोगों को। फिर चाय पानी का भी इंतजाम करना पड़ेगा। अच्छा अच्छा ये लेकिन मनोज जी ये जो ये जो बड़े-बड़े सितारे हैं ये देखते होंगे कि ये जो जैन जी हैं इनकी सेल्फी लेते हैं वायरल करते हैं Instagram पे डालते हैं लेकिन इन पे लाठियां पड़ रही हैं इन पे पानी की बौछारे हो रही हैं तो उनको रात में नींद अच्छी आती होगी उन सितारों को मैं अभी भी कह रहा हूं आप कुछ एक नाम को कह रहे हैं कि वो क्यों नहीं बोलते लेकिन कुछ एक नाम ने अपना पक्ष ऑलरेडी उजागर किया हुआ है।
भले ही आपके मतलब का वह पक्ष नहीं हो लेकिन उन्होंने अपना पक्ष जो है सामने रख दिया है। जैसे मेरा मन करता है कि अमिताभ बच्चन साहब टी 63 64 65 लिखते रहते हैं तो वो वो बोलते क्यों नहीं मैं यही तो कह रहा हूं आपसे कि आप आप सिर्फ उन्हीं को क्यों देख रहे हैं तो गलती तो आपकी आपकी भी है ना कि आप रिचा चड्डा की आवाज को आवाज नहीं मान रहे हैं। जिस एक्टर को कभी आपने टीवी के मशहूर शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में देखा होगा जिसने सीआईडी जैसे पॉपुलर शो में भी काम किया। आज उसी कलाकार की जिंदगी ऐसी मुश्किलों से गुजर रही है कि जानकर आपका दिल भर आएगा। कभी कैमरे के सामने अपनी अदाकारी से लोगों का एंटरटेनमेंट करने वाला यह कलाकार आज काशी के घाट पर बैठकर अपनी बनाई तस्वीरें और पोस्टर्स बेचने को मजबूर है। जिंदगी ने एक-एक करके उनसे कई खुशियों को छीन लिया। पहले मां का साथ छूटा और फिर जवान बेटे का भी निधन हो गया। परिवार की खुशियां बिखर गई और जिंदगी में सिर्फ अकेलापन रह गया। मुंबई में काम मिलना बंद हुआ तो उन्हें अपना शहर और अपना काम छोड़कर काशी का रुख करना पड़ा।
हैरानी की बात तो यह है कि इतनी मुश्किलों के बावजूद इस कलाकार ने हार नहीं मानी। आज जिस राम नाम को कभी उनकी मां ने उन्हें लिखना और जपना सिखाया था वही राम नाम उनकी जिंदगी का सहारा बन गया है। तो आखिर कौन है यह कलाकार? कैसे टीवी की दुनिया से निकल कर काशी की घाट तक पहुंचे और कैसे अपने दर्द को ही अपनी कला बना लिया? चलिए 4:00 पीएम बॉलीवुड की इस वीडियो में आपको पूरी कहानी बताते हैं। अब जैसा कि टीवी की दुनिया में ऐसे बहुत से स्टार्स हैं जिन्होंने सालों तक छोटे बड़े किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई। लेकिन हर कलाकार की जिंदगी पर्दे पर दिखाई जाने वाली कहानी जैसी खूबसूरत नहीं होती। इस कलाकार ने भी अपने करियर में कई टीवी शोज़ में काम किया। तारक मेहता का उल्टा चश्मा में खुशी के दादा जी के किरदार में नजर आए। इसके अलावा सीआईडी जैसे चर्चित शो में भी अपनी एक्टिंग दिखाई और एक वक्त था जब उनके पास काम था, पहचान थी और एक्टिंग की दुनिया में आगे बढ़ने की उम्मीद थी। लेकिन फिर कोरोना का दौर आया और कोरोना महामारी ने सिर्फ आम लोगों की जिंदगी ही नहीं बदली बल्कि इंडस्ट्री की दुनिया से जुड़े कई कलाकारों का करियर भी चौपट कर दिया। इस कलाकार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कोविड-19 के बाद जब उन्होंने मुंबई में दोबारा काम तलाशने की कोशिश की तो उन्हें पहले जैसी कामयाबी नहीं मिली। धीरे-धीरे काम के मौके कम होते गए और मुंबई में रहना भी मुश्किल हो गया। आखिरकार उन्हें माया नगरी छोड़कर काशी जाना पड़ा लेकिन उनकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई।
जिंदगी में एक ऐसा वक्त भी आया जब उन्हें अपनी मां को खोना पड़ा। जिस मां ने बचपन से उनका साथ दिया। उन्हें संस्कार दिए और राम नाम जपने की आदत सिखाई। वही मां दुनिया में उन्हें अकेला छोड़कर चली गई। मां के जाने का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि जिंदगी ने एक और बड़ा झटका दे दिया। उनके बेटे का भी निधन हो गया। सोचिए जिस इंसान ने अपनी जिंदगी में मां और बेटे दोनों को खो दिया हो उसके लिए इस दर से बाहर निकलना कितना मुश्किल होगा। एक तरफ परिवार का साथ छूट गया। दूसरी तरफ करियर की रफ्तार भी फीकी पड़ गई। लेकिन इस कलाकार ने खुद को पूरी तरह टूटने नहीं दिया और यहीं से शुरू हुई उनकी जिंदगी की एक नई कहानी। दरअसल उनकी मां ने उन्हें राम नाम लिखने और उसका जाप करने की आदत सिखाई थी। पहले ही उनके लिए सिर्फ एक भक्ति और मन की शांति का जरिया था। लेकिन वक्त के साथ उन्होंने इसी आदत को अपनी आर्ट में बदल लिया। उन्होंने राम नाम लिखना शुरू किया। धीरे-धीरे अलग-अलग डिज़ाइन और खूबसूरत अंदाज में राम नाम को कागजों पर उतारने लगे। उनकी इसी आर्ट ने उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ने का एक नया रास्ता भी दिखाया। आज काशी के तुलसी घाट पर वो अपने हाथों से राम नाम लिखकर पोस्टर्स और तस्वीरें तैयार करते हैं और लोगों को बेचते हैं। तो जिस जिंदगी में कभी एक्टिंग की दुनिया की चकाचौंध थी।
आज गंगा किनारे बैठकर राम नाम लिखना ही उनका काम बन गया है। लेकिन उनके लिए सिर्फ पोस्टर बेचने का जरिया नहीं है। यह उनकी मां की दी हुई सीख को जिंदा करने का तरीका भी है। अब बात करते हैं उस टीवी इंडस्ट्री की जहां से कभी इस कलाकार ने अपनी पहचान बनाई थी। जिस शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में उन्होंने काम किया। वहां से जुड़ी यादें आज भी उनके करियर का हिस्सा हैं। लेकिन इस स्टार की मौजूदा सिचुएशंस में शो के मेकर्स या फिर टीम की तरफ से किसी आर्थिक मदद की पुष्टि करने वाली जानकारी नहीं है। ऐसे में सवाल जरूर उठता है कि क्या इंडस्ट्री को उन कलाकारों की सुध लेने के लिए आगे नहीं आना चाहिए जिन्होंने कभी एक्टिंग से दर्शकों का एंटरटेनमेंट किया। बहरहाल इस कलाकार ने साबित किया है कि उम्र कोई भी हो सिचुएशंस कितनी भी मुश्किल हो नई शुरुआत करने के लिए कभी देर नहीं होती है। आज उनके पास शायद पहले जैसी शोहरत नहीं है लेकिन उनके पास अपनी कला है। मां की दी हुई सीख है और राम नाम का सहारा है। आपको इस कलाकार के बारे में क्या कहना है हमें कमेंट्स बॉक्स में जरूर बताइएगा और 4 पी.m. बॉलीवुड के इस वीडियो को लाइक और शेयर जरूर करिएगा। मैं