इतने छोटे बच्चे इस प्रकार का गुस्सा इस प्रकार का जिस प्रकार से उन्होंने किया समझता हूं ये प्रश्न है कि इस और ज्यादा ध्यान दें जिसने की वो भी छोटा ही बच्चा है और जो वो छोटी बच्ची है घटना हुई घटना हुई है बच्ची उसके साथ हां देखिए बहुत ही दुख की बात है मुझे भी पता चला और मुझे जितने भी लोग मिले सभी बहुत दुखी हैं इस घटना से और वो जिसने कि वो भी छोटा ही बच्चा है और जो वो भी छोटी बच्ची है वो तो ये बड़ा दुख का विषय है कि इतने छोटे बच्चे इस प्रकार का गुस्सा इस प्रकार का जिस प्रकार से उन्होंने किया बहुत दुखदाई है और जो मनोविशज्ञ है।
उनके लिए मैं समझता हूं यह प्रश्न है कि इस पे और ज्यादा ध्यान दें ताकि इस प्रकार की घटनाएं कभी ना हो और अभिभावकों का मां-बाप की भी जिम्मेदारी है कि बच्चों और ज्यादा ध्यान दें। ऐसा क्यों हो गया? हमें निश्चित तौर से समाज को इस पर विचार करना चाहिए ताकि आगे भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो। 28 अक्टूबर को गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर 20 पंचकला में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई जिसमें एक आठ साल के छात्र ने एक कक्षा में एक छ वर्षीय छात्रा के साथ मारपीट करी।
फिलहाल जो छात्रा है उसका इलाज पीजीटीआई चंडीगढ़ से चल रहा है और वह खतरे के बाहर है। उसके माता-पिता उसके साथ है और वह सुरक्षित है। जो इस मामले में एक नाबालिक छात्र शामिल है जिसकी उम्र आठ वर्ष है उसके उसके लिए जुबिनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप उसका एक्सपर्ट से साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन करवाया जा रहा है और उसी के अकॉर्डिंग आगे की प्रक्रिया करी जाएगी। पुलिस जांच के दौरान प्राइम पीसी जो स्कूल का एडमिनिस्ट्रेशन था उनकी लापरवाही भी सामने आई और इसी को देखते हुए हमने जे एक्ट और बीएएस की धाराओं के अंतर्गत उनके खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की करी है और इसकी जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता से करी जाएगी जो पंचकूला में स्कूल्स हैं।
उनमें हमने इस इंसिडेंट को देखने के बाद हमने एक निर्णय लिया है कि एक डिटेल एसओपी जारी करी जाएगी जिसको फॉलो करना यहां के सारे स्कूल्स के अनिवार्य होगा और इसके साथ-साथ जो पंचकूला पुलिस है वो स्कूल्स में जाके जो टीचर्स हैं और स्टूडेंट्स हैं उनके लिए सेंसिटाइजेशन और आउटरीच प्रोग्राम्स भी करेगी कि जो स्कूल्स में जो बच्चों की सेफ्टी है वो बनी रहे। इसके साथसाथ मैं आपको आश्वस्त करना चाहती हूं ।
जो भी पेरेंट्स देख रहे हैं कि जो भी पंचकूला में बच्चे पढ़ते हैं स्कूल्स में उनकी सेफ्टी हमारी टॉप मोस्ट प्रायोरिटी है और हम एनश्योर करेंगे कि इस मामले में और आगे किसी भी मामले में जो भी जांच की जाती है वो बिल्कुल फेयर तरीके से हो और बच्चों की सुरक्षा बिल्कुल बनी रहे इसकी घटना हुई घटना हुई है बच्ची उसके साथ भी हां देखिए बहुत ही दुख की बात है मुझे अभी भी पता चला और मुझे जितने भी लोग मिले सभी बहुत दुखी है इस घटना से और वो जिसने की वो भी छोटा ही बच्चा है और जो वो भी छोटी बच्ची है बहुत।
तो यह बड़ा दुख का विषय है कि इतने छोटे बच्चे इस प्रकार का गुस्सा इस प्रकार का जिस प्रकार से उन्होंने किया बहुत दुखदाई है और जो मनोविशज्ञ है उनके लिए मैं समझता हूं यह प्रश्न है कि इस पे और ज्यादा ध्यान दें ताकि इस प्रकार की घटनाएं कभी ना हो और अभिभावकों का मां-बाप की भी जिम्मेदारी है कि बच्चों और ज्यादा ध्यान दें। ऐसा क्यों है?