मैं एक अर्बन नक्सल हूं। ‘अर्बन नक्सल’ के अलावा, पता नहीं गेटकीपर ने मेरे जैसे लोगों को और क्या-क्या लेबल दिए हैं। देशद्रोही, ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग, और पता नहीं क्या-क्या। अगर इस देश में कोई ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग है, तो वो ये नाजायज सरकार है।नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में एक वीडियो बनाया।
इस वीडियो में उन्होंने खुद को ‘अर्बन नक्सल’ कहा और मौजूदा सरकार और उसके द्वारा लिए गए फैसलों के खिलाफ बोला। नसीरुद्दीन शाह इस वीडियो में काफी निराश नजर आ रहे हैं और उन्होंने पीएम मोदी पर भी तंज कसा है।मैं गर्व के साथ कहता हूं कि मैं एक अर्बन नक्सल हूं। ‘अर्बन नक्सल’ के अलावा, पता नहीं गेटकीपर ने मेरे जैसे लोगों को और क्या-क्या लेबल दिए हैं। देशद्रोही, ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग, और पता नहीं क्या-क्या। अगर इस देश में कोई ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग है, तो वो ये नाजायज सरकार है। और मैं इस सरकार से एक सवाल पूछना चाहता हूं। तुम और क्या करोगे? हमारे देश के युवाओं का हौसला तोड़ने, शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए तुम कितनी दूर तक जाओगे? तुम और तुम्हारे इर्द-गिर्द जमा किए हुए मूर्खों और बेईमान लोगों की पलटन, तुम कितनी दूर तक जाओगे? पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, फिर सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट, और अब जामिया मिल्लिया में छात्रों के साथ जो अत्याचार किए जा रहे हैं, वो याद रखे जाएंगे।
सब कुछ याद रखा जाएगा। जितना कर सकते हो, कर लो। और तुम्हारे पालतू कुत्ते, जो गोदी मीडिया में भौंकते रहते हैं, और वो अज्ञानी, अक्षम लोग जो बीजेपी आईटी सेल के लिए काम करते हैं, तुम कितना करोगे? लगे रहो, अपनी पूरी ताकत लगा दो। न तो हमारे देश के युवाओं का हौसला टूटेगा, न ही हमारे शिक्षण संस्थान बर्बाद होंगे, न ही हमारा लोकतंत्र खतरे में पड़ेगा। जो भी कोशिश करनी है, कर लो। हम देखेंगे कि तुममें कितनी ताकत है। कातिल की बाहों में ताकत है। इस देश के युवाओं को लाखों सलाम, और मेरी सारी दुआएं उनके साथ हैं।
ये पहली बार नहीं है जब नसीरुद्दीन शाह ने सरकार या पीएम मोदी को निशाना बनाया है। इससे पहले भी, सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान, उन्होंने बहुत कुछ कहा था और वीडियो शेयर करते रहते थे। लेकिन इस बार, नसीरुद्दीन शाह की उनके ही इंडस्ट्री के लोगों ने आलोचना की है। इसमें पहला नाम पुनीत इस्सर का है। पुनीत इस्सर ने नसीरुद्दीन शाह से कहा, हां, आप एक सम्मानित अभिनेता हैं। लेकिन ये समझना मुश्किल है कि आप कुछ मुद्दों पर चुप क्यों रहते हैं और दूसरों पर बोलते हैं। और अगर आपके पास बोलने के लिए इतने सारे मुद्दे हैं, तो आपको राजनीति में आना चाहिए। आपको चुनाव लड़ना चाहिए। देखते हैं कि जनता आपको जिताती है या नहीं।मेरा कहना है कि ये चुनिंदा आलोचना बहुत गलत बात है। जब राष्ट्रीय हित की बात आती है, जो लोग हमारे देश को खंडित करना चाहते हैं, जो हमारे देश को टुकड़ों में बांटना चाहते हैं। जो भारत के खिलाफ बात करते हैं।
आप उनके खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाते? तब आप गूंगे बन जाते हैं। ऐसा लगता है जैसे आप लकवाग्रस्त हो गए हों। आप ऐसे लोगों का समर्थन करना चाहते हैं जो हमारे देश को बांटना चाहते हैं। जो देश को तोड़ना चाहते हैं। आपको एकतरफा बोलने का कोई हक नहीं है।पुनीत सर के अलावा, गजेंद्र चौहान, जो एक अभिनेता हैं। वो सेंसर बोर्ड के प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने भी यही बात कही है। उन्होंने तो ये भी कहा है कि आप आइए और चुनाव लड़िए। मैं आपके खिलाफ लडूंगा और दिखाऊंगा कि आपकी जमानत कैसे जब्त होती है। उन्होंने तो ये भी कहा है कि जिस तरह से नसीरुद्दीन शाह सोशल मीडिया पर जहर फैला रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।ये बहुत दुखद है, है ना?
कला में आपने जो इज्जत कमाई थी, वो सब मिट्टी में मिल गई। मैं भी आपको चुनौती दे रहा हूं। आइए और चुनाव लड़िए। मैं आपके खिलाफ लडूंगा। मैं आपको चुनौती देता हूं, नसीर भाई, कि आपकी जमानत जब्त हो जाएगी। मैंने पहले भी कहा है, ‘नसीर’ ही रहिए, ‘नासूर’ मत बनिए।
अभिनेता परेश रावल की बात करें तो, वो भी एक कार्यक्रम में नजर आए और जब उनसे नसीर साहब की इस टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ये उनकी राय है और हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का पूरा हक है।नसीर भाई की अपनी राय है। मैं उस बारे में कुछ नहीं कह सकता। हर किसी को हक है। वे बोलने की अपील करते हैं। आपको बता दें कि नसीरुद्दीन शाह फिल्म इंडस्ट्री के एक ऐसे अभिनेता हैं जिन्हें उनके काम के लिए बहुत प्यार मिला है। लेकिन हां, जिस तरह की राजनीति का वो समर्थन करते हैं और राजनीति के तौर पर जो चीजें वो करते हैं, वो लोगों को कुछ खास पसंद नहीं आती हैं।