[संगीत] नमस्कार। इस बार आप सब से एक खास मुलाकात होने जा रही है। 4 पीएम के संजय शर्मा जी के साथ मेरी एक मुलाकात होगी। उनसे बहुत सारी दिल की बातें होंगी। लेकिन एक बड़ी खास चीज भी होने वाली है। कि आप जितने भी लोग वहां पर उपस्थित रहेंगे सबके सवाल लूंगा मैं। और आपकी जितनी भी जिज्ञासाएं हैं, जितनी भी उत्सुकता है मेरे काम को लेकर, मेरे अपने जीवन को लेकर सबका जवाब भी आपको दिया जाएगा। तो अपना सवाल अपने साथ लेकर आइएगा। कोशिश यह कीजिएगा कि कुछ ऐसा सवाल हो कि मैं भी सोचने पर मजबूर हो जाऊं। मेरी उत्सुकता इस बात को ले है, उत्साह इस बात को ले है कि आपसे दिल की बात होगी, बहुत सारी गुफ्तगू होगी। तो चलिए मिलते हैं एक तारीख की शाम को मुंबई में ओशवाड़ा स्थित मुक्ति ऑडिटोरियम में। मैं आपकी राह देख रहा हूं।
जितने ज्यादा संख्या में आप लोग आएंगे, मजा तभी आएगा। चलिए मिलते हैं। नमस्कार। दोस्तों पडौदी परिवार बॉलीवुड का वो परिवार जिसकी शाही जिंदगी रिश्तों और पारिवारिक कहानियां हमेशा चर्चा में रहती हैं। सैफ अली खान हो, करीना कपूर हो या फिर उनके बच्चे हर किसी की जिंदगी पर फैंस की नजर रहती है। ऐसे में अगर सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान ही अपने अब्बा को लेकर ऐसी बात कह देंगी तो लोगों का हैरान होना तो लाजमी है। सारा अली खान ने अपने हालिया इंटरव्यू में करियर और पिता सैफ अली खान के साथ अपने रिश्ते को लेकर के खुलकर बात रख दी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पे बवाल मचा। सवाल उठने लगे कि क्या सारा को अपने करियर में पिता का साथ नहीं मिला? आखिर सारा ने ऐसा क्या कहा जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया? दरअसल सारा अली खान इन दिनों अपनी फिल्म उड़ता तीर को लेकर के चर्चा में और इसी बीच एक इंटरव्यू में उन्होंने नेपोटिज्म यानी भाई भतीजावाद पर अपनी राय रखी।
सारा ने साफ कहा कि उनके पिता सैफ अली खान ने उनके करियर में कभी उनकी मदद नहीं की। सारा ने बताया कि वो अपनी मां अमृता सिंह के साथ रहती हैं और इंडस्ट्री में उनका कोई गॉड फादर नहीं है। उनके मुताबिक जब उन्हें अपने करियर की शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा तब उन्होंने उन परेशानियों को खुद ही संभाला। सारा का कहना है कि उनके पास ऐसा कोई पिता नहीं था जो फिल्म मेकर के ऑफिस जाकर उनके लिए काम मांगता। उनके कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत करता। फिल्म केदारनाथ के दौरान भी जब परेशानी आई तो उन्होंने खुद ही रास्ता निकाला। अब सारा के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पे तरह-तरह की बातें होनी शुरू हो गई। कुछ लोग इसे निजी जिंदगी का एक एक्सपीरियंस बता रहे हैं तो कुछ सवाल कर रहे हैं
कि आखिर सारा अपने पिता के साथ अपने रिश्ते को किस नजरिए से देखती हैं? इसके बाद भी अलग-अलग सवाल उठे कि क्या सैफ अली खान अपने पहले बच्चों के लिए स्टैंड नहीं लेते हैं? लेकिन यहां तक एक बात समझना जरूरी है कि सारा ने इंटरव्यू में यह जरूर कहा कि उनके करियर में पिता ने मदद नहीं की। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने यह कहा हो कि सैफ अली खान उनकी जिंदगी में या बच्चों पर ध्यान नहीं देते। सारा अली खान और इब्राहिम अली खान सैफ अली खान और अमृता सिंह के बच्चे हैं। दोनों के माता-पिता साल 2004 में अलग हो गए थे और उस समय सारा महज 9 साल की थी। इसके बाद सैफ ने साल 2012 में करीना कपूर से शादी कर ली और उनके दो बच्चे हैं तैमूर और जेन। सारा ने अपने इंटरव्यू में यह भी माना कि फिल्मी परिवार होने का फायदा जरूर मिला। उनके मुताबिक इसी बैकग्राउंड की वजह से उन्हें पहचान और मौके मिले लेकिन उन्होंने यह कहा कि किसी फिल्मी परिवार में पैदा होने के लिए बच्चों को दोषी ठहराना सही नहीं है। उन्होंने जानवी कपूर और अन्या पांडे का भी जिक्र किया। सारा का कहना है कि फिल्मी परिवार में आने वाले कलाकारों के लिए डेब्यू करना आसान हो सकता है लेकिन इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए मेहनत जरूरी है।
साल 2018 में केदारनाथ से डेब्यू करने के बाद सारा की कई फिल्में रिलीज हो चुकी हैं और वह लगातार काम कर रही हैं। अब उनके इस बयान के बाद बहस एक बार फिर नेपोटिज्म पर शुरू हो गई है। कुछ लोग सारा की बात से सहमत है तो कुछ का मानना है कि स्टार किड को मिलने वाले शुरुआती मौकों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल सारा के बयान को लेकर के चर्चा जारी है। लेकिन क्या इस बयान को सैफ और उनके बच्चों के रिश्ते में दूरी का संकेत मानना सही होगा या फिर यह सारा का अपना करियर अनुभव जो उन्होंने सामने रखा। अब सवाल यही है। अब आपकी इस पे क्या राय? अपनी राय जरूर दीजिएगा। और ऐसी बॉलीवुड अपडेट और किसी कहानी के लिए बने रहिए सिंह राठौर के साथ और जाते-जाते 4 पीm बॉलीवुड को सब्सक्राइब करना मत भूलिएगा। आपका धन्यवाद। [संगीत] हाय