वाह, यार। थैंक यू। सभी दे रहे हैं। जी। क्या आपने कभी सोचा है कि सिल्वर स्क्रीन पर दोस्ती, प्यार और शराफत की कसमें खाने वाले बॉलीवुड के सबसे बड़े भगवान जैसे सुपरस्टार्स जब रियल लाइफ में अपना आपा खोते हैं तो कैमरा के सामने कैसा खौफनाक मंजर बनता है? आखिर उस रात बांद्रा के एक आलीशान रेस्टोरेंट के अंदर शाहरुख खान और सलमान खान के बीच ऐसा कौन सा जहरीला ताना मारा गया था जिसके बाद दोनों एक दूसरे के कॉलर तक पहुंच गए। और बाहर कार में बैठी कैटरीना कैफ फूट-फूट कर रोती हुई कैमरा में कैद हो गई। दोस्तों बॉलीवुड की इस चकाचौंध भरी दुनिया में हर खूबसूरत चेहरे के पीछे एक नकाब होता है। जिसे महंगी पीआर एजेंसीज और मेकअप आर्टिस्ट्स बहुत सलीके से छुपा कर रखते हैं। पुराने दौर में जब 24ों घंटे चलने वाले न्यूज़ चैनल्स और स्मार्टफोनस नहीं होते थे तब सितारों के खूनी झगड़े अक्सर बंद कमरों में ही दफन हो जाते थे। चाहे वह होटल हॉलिडे इनमें सलीम खान और जावेद अख्तर के बीच हुई सुलह की मीटिंग का अचानक हाथापाई में बदल जाना हो जिसमें सलीम साहब के सिर के पिछले हिस्से में चोट लग गई थी या फिर हेमा मालिनी को बासी इडली कहने पर धर्मेंद्र का जर्नलिस्ट देवयानी चौबल के पीछे मारने के लिए दौड़ पड़ना हो यहां तक कि सोमी अली के बालों पर सलमान का कोला उड़ेलना हो राज बब्बर के ऑफिस से आधी रात को झगड़े के बाद रेखा का जूहू की सड़क पर बदहवास दौड़ना हो यह सारे किस्से सिर्फ पुरानी गसिप मैगजीन के पन्नों तक ही सीमित रह गए लेकिन जैसे ही कैमरा, मोबाइल रिकॉर्डिंग्स और लीक्ड ऑडियो वीडियो फुटेज का दौर आया, इन बड़े स्टार्स के लिए अपना असली गुस्सा और अहंकार छुपाना नामुमकिन हो गया। इस कहानी की शुरुआत होती है 1 अप्रैल 2003 यानी अप्रैल फूल डे से। उस दोपहर मुंबई के जूहू स्थित एक होटल के कमरे में जो होने वाला था, वो बॉलीवुड के इतिहास का सबसे बड़ा करियर सुसाइड था। उस वक्त फिल्म कंपनी और साथियां की जबरदस्त कामयाबी के बाद विवेक ओबेरॉय को इंडस्ट्री का अगला सबसे बड़ा सितारा माना जा रहा था और खुद आदित्य चोपड़ा ने उनसे कहा था कि वह अगले शाह रुख खान बन सकते हैं। सलमान खान और ऐश्वर्या राय के कड़वे ब्रेकअप के बाद विवेक और ऐश्वर्या की नजदीकियों के चर्चे हर जुबान पर थे। हालांकि कुछ सीनियर जर्नलिस्ट्स का तो यहां तक कहना था कि ऐश्वर्या के पैर में फ्रैक्चर होने के दौरान विवेक सिर्फ उनकी मदद कर रहे थे और इसे रिश्ते का नाम देने की कोशिश कर रहे थे। तभी अचानक 1 अप्रैल को विवेक ओबेरॉय ने देश भर के मीडिया कैमरा को अपने होटल रूम में बुलाया और बिल्कुल किसी राजा के दरबार वाले स्टाइल में बैठकर एक ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली जिसे देखकर पूरा देश दंग रह गया। तूने अपने आप को समझ क्या रखा है? बड़ी बदतमीजी से सबसे पहले यह कहना चाहूंगा कि उनकी जुबान जो है इतनी बदतमीज़ है, इतनी वाहियात है। इतनी बुरी तरह से बात करते हैं कि विवेक ओबेरॉय ने गुस्से से भरी आवाज में खुलासा किया कि पिछली रात सलमान खान ने नशे की हालत में उन्हें एक नहीं, दो नहीं बल्कि पूरे 41 बार फोन किया था। विवेक ने ऑन ऑन कैमरा बताया कि सलमान ने उन्हें बेहद गंदी गालियां दी। उनके साथ काम करने वाली दूसरी हीरोइंस और एक्टर्स के साथ उनके रिश्तों पर भद्दे इल्जाम लगाए। उन्होंने ऐश्वर्या का नाम लिया। उन्होंने दिया मिर्जा का नाम लिया, रानी मुखर्जी का नाम लिया,
सोमी अली तक का नाम लिया और उन्हें सरेआम पीटने व जान से मारने की धमकी दी। घमंड में डूबे विवेक यहीं नहीं रुके। उन्होंने चलते हुए कैमराज के सामने सलमान खान को एक बूढ़ा, हताश और बेरोजगार एक्टर तक कह डाला और खुलेआम ललकारते हुए कहा कि अगर सलमान में हिम्मत है तो वह उनके घर आकर दिखाएं। क्योंकि विवेक खुद एक बॉक्सिंग चैंपियन रहे हैं और वह सलमान को बुरी तरह पीट देंगे। इसके पीछे की एक अंदरूनी गॉसिप यह भी सामने आई कि जब विवेक किसी जगह सलमान की बुराई कर रहे थे। तब विवेक से जलन रखने वाले उनके ही एक साथी एक्टर ने चुपके से अपना फोन चालू करके सलमान का नंबर लगा दिया था। जिससे सलमान ने दूसरी तरफ से विवेक की सारी बातें सुन ली थी और उसी के बाद उन 41 कॉल्स का तूफान आया था। लेकिन जैसे ही वह प्रेस कॉन्फ्रेंस टीवी चैनल्स पर चली, सारा खेल ही पलट गया। सलमान खान ने इस पर एक शब्द भी ना बोलकर खामोशी ओढ़ ली। उधर ऐश्वर्या राय ने विवेक की इस बचकानी हरकत से नाराज होकर उनसे पूरी तरह दूरी बना ली और देखते ही देखते बड़े प्रोड्यूसर्स के दरवाजे विवेक के लिए हमेशा के लिए बंद हो गए। अगर बात शूटिंग सेट्स पर होने वाली गरमा गर्मी और थप्पड़ों की हो, तो बड़ी-बड़ी हीरोइनस के बीच का टकराव भी किसी एक्शन फिल्म से कम नहीं रहा है। साल 2001 में फिल्म अजनबी की शूटिंग के दौरान अपने डिजाइनर द्वारा बिपाशा बसु की मदद करने पर करीना कपूर इस कदर भड़क गई थी कि उन्होंने बिपाशा को काली बिल्ली तक कह डाला था। और सेठ पर कथित थप्पड़ की उस खबर ने दोनों के बीच हमेशा के लिए दुश्मनी की दीवार खड़ी कर दी थी। लेकिन साल 2006 में फिल्म प्यारे मोहन के सेट पर जो हुआ वह कोई कोरी अफवाह नहीं बल्कि खुद कुबूल किया गया सच था। उस दिन पैकअप के बाद जब अमृता राव ने डायरेक्टर इंद्र कुमार और कैमरामैन के सामने ईशा देओल को भद्दी गाली दे दी तो धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेटी ईशा देओल का खून खौल उठा और उन्होंने पूरे सेठ के सामने अमृता राव के गाल पर एक करारा तमाचा जड़ दिया। बाद में ईशा ने खुद इंटरव्यूज में सीना ठोक कर कहा कि अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने अमृता को थप्पड़ मारा और उन्हें इसका 1% भी अफसोस नहीं है क्योंकि उस वक्त अमृता ने अपनी हद पार कर दी थी। कि जो कोस्टार अमृता राव है उनको थप्पड़ मार दिया था। मारा था? मुझे याद नहीं है। तो ये बड़े हाथ किस-किस चीज का काम आएगा? लेकिन हीरोइनों की इन आपसी लड़ाईयों से आगे बढ़कर जब साल 2008 आया तो वह बॉलीवुड के इतिहास का सबसे काला और हिंसक साल साबित हुआ। क्योंकि इस एक साल में कैमरे में कैद हुई तीन अलग-अलग खौफनाक घटनाओं ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। पहली रूह कंपा देने वाली घटना घटी मुंबई के फिल्मस्तान स्टूडियो में जहां फिल्म हॉर्न ओके प्लीज के एक आइटम सॉन्ग की शूटिंग चल रही थी। पूर्व मिस इंडिया और अभिनेत्री तनुश्री दत्ता एक सोलो डांस नंबर की रिहर्सल कर रही थी। तभी उनके मुताबिक नाना पाटेकर अचानक सेट पर आ गए और कोरियोग्राफर गणेश आचार्य के जरिए गाने में एक ऐसा अनुचित टचिंग स्टेप डलवा दिया गया जिससे तनुश्री बेहद असहज और परेशान हो गई। तनुश्री ने तुरंत इसका विरोध किया और खुद को 4 घंटे तक अपनी वैनिटी वैन के अंदर बंद कर लिया। जब 4 घंटे बाद वैन से बाहर निकल कर तनुश्री ने साफ मना कर दिया कि वह यह स्टेप नहीं करेंगी और अपने बूढ़े माता-पिता के साथ अपनी कार में बैठकर स्टूडियो से बाहर निकलने लगी। तब स्टूडियो के गेट पर कैमरे में जो मंजर कैद हुआ, वह किसी खौफनाक गुंडागर्दी से कम नहीं था। उस डरावनी वायरल वीडियो फुटेज में साफ देखा गया कि दर्जनों गुंडों और उग्र लोगों की भीड़ ने तनुश्री दत्ता की कार को चारों तरफ से घेर लिया था। गुस्से से पागल लोग कार के दरवाजों और शीशों पर जोर-जोर से मुक्के और लातें मार रहे थे। बाद में तनुश्री की जगह उस गाने में राखी सावंत को नचा लिया गया। लेकिन उस एक शाम के खौफ ने तनुश्री को अंदर से इतना तोड़ दिया कि उन्होंने बॉलीवुड ही छोड़ दिया। मेरे साथ तो कुछ नहीं हुआ। हंस खेल के थी बच्ची मुझे मालूम भी नहीं है। साल 2008 में ही उसी फिल्मस्तान स्टूडियो की चारदीवारी में गोविंदा अपनी फिल्म मनी है तो हनी है की शूटिंग कर रहे थे। उसी सेट पर मुंबई में एक्टर बनने का सपना लेकर आया संतोष राय नाम का एक 33 साल का युवक चुपचाप पीछे बैठकर अपने पसंदीदा सुपरस्टार को काम करते हुए देख रहा था। तभी अचानक डायरेक्टर की कुर्सी के पास बैठे गोविंदा गुस्से में उठे। तेजी से चलते हुए संतोष राय के पास गए और कैमरे के ठीक सामने पूरी ताकत से उसके गाल पर एक झन्नाटेदार थप्पड़ जड़ दिया। यह पूरा थप्पड़ कांड सेट पर चालू कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। जब चारों तरफ आलोचना हुई तो गोविंदा ने अपने प्यार और बयानों के जरिए इसे महिलाओं की रक्षा का नाम देते हुए दावा किया कि वह लड़का सेठ पर महिला डांसर्स के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहा था। मगर संतोष राय कोई ऐसा कमजोर इंसान नहीं निकला जो किसी बड़े सितारे के हाथों पिटकर चुपचाप घर बैठ जाता। संतोष राय ने अपनी जिद में वकीलों की फीस पर अपनी जेब से 5 से ₹ लाख खर्च कर डाले और गोविंदा को बॉम्बे हाईकोर्ट से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट
तक घसीट लिया। पूरे 9 साल तक चली इस लंबी कानूनी जंग में सुप्रीम कोर्ट के जजों ने खुद उस वायरल वीडियो को देखा और गोविंदा को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि नसाई आप एक बड़े हीरो हैं तो क्या किसी पर भी हाथ उठा देंगे और साफ चेतावनी दी कि अगर संतोष राय ने माफी कबूल नहीं की तो गोविंदा को 2 साल तक की जेल हो सकती है। जिसकी वजह से साल 2017 में गोविंदा को सुप्रीम कोर्ट में लिखित माफी मांगनी पड़ी और ₹5 लाख का मुआवजा देने की बात सामने आई। इन दो थप्पड़ और हमले के कांडों के बाद आई साल 2008 की वह सबसे बड़ी और ऐतिहासिक रात जिसे आज भी बॉलीवुड के बंटवारे की रात कहा जाता है। तारीख थी 16 जुलाई 2008 और जगह थी मुंबई के बांद्रा वेस्ट का बेहद पौश ऑन बार एंड किचन। मौका था कैटरीना कैफ के जन्मदिन की शानदार पार्टी का जो उस दौर में सलमान खान की गर्लफ्रेंड हुआ करती थी। पार्टी में पूरी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े-बड़े दिग्गज जाम छलका रहे थे और तभी वहां पत्नी गौरी खान का हाथ थामे एंट्री हुई बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की। दरअसल एक जमाना था जब संघर्ष के दिनों में शाह रुख को सलमान के परिवार का हिस्सा माना जाता था और वह सलमान को सर कहकर बुलाते थे। लेकिन साल 2000 के बाद जब शाहरुख कामयाबी के शिखर पर पहुंचे, ऐश्वर्या राय के साथ जोश, मोहब्बतें और देवदास जैसी फिल्मों में उनकी जोड़ी सुपरहिट हुई। और साल 2002 में फिल्म चलते-चलते के सेट पर सलमान ने आकर भारी तोड़फोड़ और हंगामा किया जिसके बाद शाहरुख को मजबूरन ऐश्वर्या को फिल्म से हटाकर रानी मुखर्जी को लेना पड़ा। तभी से दोनों के दिलों में खटास भरी हुई थी। 16 जुलाई की उस रात ओलिव बार के अंदर जैसे-जैसे नशा चढ़ा, वह पुरानी खटास जहर बनकर बाहर आने लगी। चश्मदीदों और अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक नशे में चूर सलमान खान और शाहरुख खान काफी देर तक एक दूसरे को तीखी नजरों से घूरते रहे और फिर अचानक आमने-सामने आ गए। पहली चिंगारी सलमान ने सुन ली। उन्होंने शाह रुक के उस वक्त के टीवी शो क्या आप पांचवी पास से तेज हैं कि गिरती हुई टीआरपी का मजाक उड़ाना शुरू किया और अपनी छाती ठोकते हुए शेखी बघारी कि उनके शो दस्त कदम ने टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शाहरुख खान भी कहां पीछे हटने वाले थे। बातोंबातों में मजाक और तानों का स्तर इतना नीचे गिर गया कि शाहरुख ने सलमान की सबसे दुखती रख यानी उनकी एक्स गर्लफ्रेंड ऐश्वर्या राय का नाम लेकर एक बेहद चुभने वाला पर्सनल कमेंट पास कर दिया। बस फिर क्या था? ऐश्वर्या का नाम सुनते ही सलमान खान का दिमाग सातवें आसमान पर पहुंच गया। दोनों सबसे बड़े सुपरस्टार्स के बीच भयंकर गाली गलौज शुरू हो गई। बात एक दूसरे का कॉलर पकड़ने, धक्कामुक्की और कथित तौर पर थप्पड़ व मुक्कों तक पहुंच गई। [संगीत] वहां मौजूद तीसरे बड़े खान यानी आमिर खान ने तुरंत दोनों के बीच कूदकर उन्हें अलग करने और हाथ मिलवाने की पूरी कोशिश की। जबकि गौरी खान घबराकर तुरंत शाहरुख को वहां से खींच कर बाहर ले गई। बाहर के अंदर तो यह महाभारत छिड़ी ही थी। लेकिन रेडिट के गसिप गलियारों का दावा है कि उस रात पार्टी में अपनी तत्कालीन गर्लफ्रेंड दीपिका पादुकोण के साथ मौजूद युवा रणबीर कपूर ने ही बाहर खड़े मीडिया वालों को इस लड़ाई की
खबर लीक कर दी थी। खबर मिलते ही ऑलिव बार के बाहर सैकड़ों कैमरों का हुजूम टूट पड़ा और बाहर निकलते सितारों की जो तस्वीरें कैमरे में कैद हुई, वे आज भी इतिहास की सबसे बड़ी गवाह हैं। एक तरफ गुस्से से तमतमाए हुए शाहरुख खान पत्नी गौरी का हाथ पकड़े तेजी से बाहर निकल रहे थे। दूसरी तरफ खूंखार तेवर में निकले सलमान खान ने अपने चेहरे के पास आए एक रिपोर्टर का माइक गुस्से में झपट लिया और तीसरी तरफ अपनी कार की पिछली सीट पर बैठी बर्थडे गर्ल कैटरीना कैफ कैमरों के सामने फूट-फूट कर रो रही थी और अपने ड्राइवर से चिल्लाकर तुरंत गाड़ी भगाने को कह रही थी। उस रात के तमाशे ने कैटरीना को इतना गहरा सदमा दिया कि उस दिन के बाद से उन्होंने आज तक ना कभी अपनी कोई बर्थडे पार्टी रखी और ना ही अपनी शादी का कोई बॉलीवुड रिसेप्शन दिया। वैसे तो फिल्म डर की शूटिंग के बाद सनी देओल और शाह रुख खान के बीच भी 16 साल तक बातचीत बंद रही थी। लेकिन दो बराबर के महारथियों यानी सलमान और शाह रुख की इस लड़ाई ने रातोंरात पूरे बॉलीवुड को दो खेमों में बांट दिया। ज्यादातर बड़े एक्टर्स सलमान के पाले में खड़े हो गए तो बड़े डायरेक्टर्स शाहरु रुख के खेमे में चले गए। और 5 साल तक दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा तक नहीं। जब तक कि साल 2013 में बाबा सिद्दीकी की इफ्तार पार्टी और फिर बहन अर्पिता की शादी में दोनों ने कैमरों के सामने गले लगकर इस दुश्मनी को खत्म नहीं किया। मगर जनवरी 2012 में जब संजय दत्त ने अपनी फिल्म अग्निपथ की जबरदस्त कामयाबी की खुशी में एक शानदार पार्टी रखी थी। उससे कुछ ही समय पहले शाहरुख की सबसे महंगी फिल्म राबाद वन रिलीज हुई थी। और उनकी सबसे करीबी दोस्त रही डायरेक्टर फराह खान के पति शरीश कुंदर ने ना सिर्फ शाह रुख द्वारा अपनी फिल्में 30 मार खान और जोकर ठुकराए जाने की खुन्नस पाली हुई थी बल्कि Twitter पर राव वन को 150 करोड़ का फुस पटाखा कहकर उसकी तुलना सलमान की फिल्म बॉडीगार्ड से करते हुए जमकर मजाक उड़ाया था। वहां मौजूद गवाहों के मुताबिक नशे में धुत शरीश कुंदर पूरे समय क्लब में शाह रुक के पीछे-पीछे घूम रहे थे और उनके कान के पास आकर बार-बार उकसाने वाले ताने मार रहे थे। अचानक एक पल ऐसा आया जब शाह रुक के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने अचानक मुड़कर श्रीश कुंदर को पीछे से उनके बालों से पकड़ा। उन्हें घसीटते हुए पास रखे एक सोफा पर जोर से पटक दिया और उनके ऊपर चढ़कर थप्पड़ों और मुक्कों की बरसात कर दी। देखते ही देखते पूरे नाइटर क्लब में चीख पुकार मच गई और खुद मेजबान संजय दत्त को दौड़ कर आना पड़ा और शाह रुख को पकड़ कर शरीश के ऊपर से हटाना पड़ा। अगले दिन नाराज फराह खान ने मीडिया को मैसेज भेजकर तंज कसा कि शाह रुख हमेशा कहते थे कि मारपीट करना किसी इंसान के निजी या फिल्मी संकट की निशानी होती है और आज वही काम खुद उन्होंने किया है। हालांकि कुछ दिनों बाद गौरी खान की पहल पर मन्नत बंगले में दोनों परिवारों ने सुलह कर ली और साथ में फिल्म हैप्पी न्यू ईयर बनाई। अगर हम चमकदमक से भरे लाइव अवार्ड शोज़ के मंच पर नजर डालें तो वहां भी कैमरों के ठीक सामने कुछ ऐसे बम फूटे हैं जिन्होंने नकली मुस्कुराहटों की धज्जियां उड़ा कर रख दी। साल 2009 के 15वें स्टार स्क्रीन अवार्ड्स की वह तनाव भरी रात आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देती है। उस शाम मंच की कमान साजिद खान और उनकी बहन फराह खान के हाथों में थी। साजिद खान अपनी पुरानी आदत के मुताबिक मंच पर खड़े होकर नीचे बैठे सितारों पर भद्दे और घटिया जोक्स मार रहे थे। और इसी बीच उन्होंने नए अभिनेता हरमन बावेजा की एक्टिंग का मजाक उड़ाते हुए उसे नॉन एग्जिस्टेंट यानी शून्य बता दिया। उस वक्त लगान और स्वदेश जैसी ऐतिहासिक फिल्में बनाने वाले संजीदा डायरेक्टर आशुतोष गोवारीकर उसी हरमन बावेजा के साथ अपनी अगली फिल्म व्हाट्स योर राशि बना रहे थे।
कुछ देर बाद जब फिल्म जोधा अकबर के लिए बेस्ट फिल्म का बड़ा अवार्ड लेने आशुतोष गोवारीकर मंच पर आए तो हाथ में चमचमाती हुई ट्रॉफी थामते ही उनके चेहरे से मुस्कुराहट गायब हो गई और वह सीधे माइक के पास खड़े साजिद खान की तरफ मुड़ गए। आशुतोष ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि उन्हें यह अवार्ड मिलने की खुशी जरूर है। लेकिन आज रात जिस घटिया और निचले स्तर पर इस अवार्ड शो को होस्ट किया जा रहा है, वह पूरी फिल्म इंडस्ट्री और खुद इस सम्मान की तौहीन है। जब उन्होंने कहा कि किसी पर भी निजी टिप्पणी करना और मजाक उड़ाना बहुत आसान काम है और यह काम वह भी कर सकते हैं। तो साजिद खान ने पूरी ढाई से बीच में बोलते हुए कहा, तो कर लो ना आशु। यह सुनकर आशुतोष ने गंभीर आवाज में समझाया कि नहीं साजिद हम दोनों में यही फर्क है। एक फिल्म की कहानी लिखने और सितारा बनने में इंसान का खून पसीना लगता है। इसलिए मंच पर खड़े होकर किसी कलाकार की मेहनत की खिल्ली उड़ाना बंद किया जाए। अपनी बेइज्जती से बौखलाए साजिद खान ने तुरंत तंज कसते हुए बीच में टोका और कहा, “मुझे बता देना कि मैं कब बोल सकता हूं।” बस इतना सुनना था कि शांत स्वभाव के माने जाने वाले आशुतोष गोवारीकर का चेहरा गुस्से से लाल हो गया और उन्होंने माइक पर पूरी ताकत से चिल्लाकर कहा शट अप साजिद और जब आशुतोष अपनी बात कहकर मंच से नीचे उतर गए तो साजिद ने अपनी खिसियाहट मिटाने के लिए माइक पकड़ कर घमंड में चिल्लाते हुए कहा कि मैं साजिद खान हूं मैं जनता के लिए फिल्में बनाता हूं। कोई मुझे शट अप नहीं बोल सकता और किसी के बाप में दम नहीं कि मुझे आके कुछ बोले और मेरा नाम शाहरुख खान है और जब तक मुझ में जान है मैं लोगों का मनोरंजन करूंगा कोई मुझे शट अप नहीं बोल सकता है और टीवी की ऑडियंस के लिए मैं काम करता हूं। मैं फिल्में जब डायरेक्ट करता हूं तो ऑडियंस के लिए बनाता हूं। किसी के बाप में दम नहीं कि मुझे आके कुछ बोले। आज भी जब यह वीडियो इंटरनेट पर आता है तो लोग चुटकी लेते हैं कि एक तरफ ऑस्कर के मंच तक भारत का नाम ले जाने वाला निर्देशक था और दूसरी तरफ हिम्मत वाला और हमशक्ल्स जैसी सिरदर्द फिल्में बनाने वाला साजिद खान जिसे अमेरिका के भी एक इवेंट में बदतमीजी करने पर एक बुजुर्ग स्पॉन्सर ने मंच पर ही जमकर लताड़ा था और आखिर में उसी अहंकार व मीटू के गंभीर आरोपों ने साजिद का सारा घमंड चकनाचूर कर दिया। इसी तरह लाइव अवार्ड शो के मंच पर दूसरी सबसे बड़ी दुर्घटना घटी साल 2014 के स्टार गिल्ड अवार्ड्स में जहां नींद की खुमारी में बोले गए सिर्फ चार शब्दों के एक मजाक ने देश के सबसे चहेते गायक अरिजीत सिंह को पूरे 9 साल के वनवास पर भेज दिया। फिल्म आशिकी दो के अमर गाने तुम ही हो से रातोंरात हर दिल की धड़कन बन चुके अरिजीत सिंह के जीवन का वह पहला बड़ा अवार्ड फंक्शन था। दरअसल उस शाम अरिजीत संगीतकार प्रीतम के स्टूडियो में बैठकर किसी गाने की एडिटिंग का काम कर रहे थे और उन्हें तुरंत कोलकाता की फ्लाइट भी पकड़नी थी। इसलिए वह बिना तैयार हुए साधारण सी शर्त और पैरों में मामूली चप्पल पहनकर ही सीधे शो में पहुंच गए थे। घंटों तक चले लंबे कार्यक्रम के दौरान थकान के मारे अरिजीत अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे ही गहरी नींद में सो गए। जब बेस्ट सिंगर के अवार्ड के लिए उनका नाम पुकारा गया तो बगल में बैठे इंसान ने उन्हें झकझोर कर जगाया। उस वक्त मंच पर खड़े होकर शो को होस्ट कर रहे थे बॉलीवुड के दबंग सलमान खान। जैसे ही कैमरे अरिजीत सिंह के पैरों में पहनी चप्पलों पर झूम करते हुए उन्हें मंच की सीढ़ियों तक लाए, तो सलमान खान ने हैरानी से हंसते हुए सवाल किया, तू है विनर? सो गए थे। मंच पर पहुंचते ही घबराहट और आधी नींद की हालत में अरिजीत सिंह के मुंह से अनजाने में निकल गया। आप लोगों ने सुला दिया यार
। सुला दिया यार तब से। और इसमें हमारा कोई दोष नहीं है। ऐसे गाने बजते रहेंगे। यह सुनकर सामने बैठे दर्शक तो जोर से हंस पड़े लेकिन सलमान खान के चेहरे का रंग उसी सेकंड बदल गया। अरिजीत को तुरंत अपनी भूल का एहसास हुआ और हाथों में ट्रॉफी लेते वक्त उन्होंने झुक कर सलमान के कान में धीरे से सॉरी भी बोला। लेकिन जब अरिजीत मंच से नीचे उतरे और हॉल के अंधेरे में अपनी कुर्सी ना मिल पाने के कारण सीधा बाहर जाने वाले दरवाजे की तरफ बढ़ने लगे तो सलमान ने मंच से माइक पर दोबारा तंज कसते हुए कहा देखो इस लड़के को चप्पल पहनकर अवार्ड लिया और अब सीधा बाहर जा रहा है। अरिजीत ने कोलकाता की फ्लाइट से उतरते ही सलमान को लंबे-लंबे मैसेजेस भेजकर माफी मांगी। लेकिन भाईजान के अहंकार को ऐसी ठेस लगी कि इसके बाद सलमान की फिल्म किक, फिर बजरंगी भाईजान और फिर सुल्तान से अरिजीत के गाए हुए खूबसूरत गाने एक-एक करके बाहर निकाल फेंके गए और सुल्तान का मशहूर गाना जग घूमिया राहत फतेह अली खान की आवाज में गवाया गया। साल 2016 में बेबस होकर अरिजीत ने Facebook पर सरेआम माफीनामा लिखकर गुहार लगाई कि प्लीज सुल्तान से उनका गाना ना हटाया जाए। वह कम से कम सलमान के लिए गाए एक गाने को अपनी यादगार बनाकर सन्यास लेना चाहते हैं। पूरे 9 साल तक चले इस एकतरफ़ा दबदबे के बाद आखिरकार साल 2023 में फिल्म टाइगर 3 फिर गलवान के गाने और बिग बॉस के मंच पर खुद सलमान खान ने कैमरे के सामने स्वीकार किया कि अब वह दोनों अच्छे दोस्त हैं और उस रात की सारी गलतफहमी खुद सलमान की अपनी तरफ से हुई थी। तो दोस्तों ये थे बॉलीवुड के सबसे चर्चित जगद्दे। बीते दो दशकों में कैमरे के लेंस में कैद हुई यह खूंखार और असली लड़ाईयां इस बात की गवाही देती हैं कि सितारे चाहे जितने बड़े क्यों ना हो जाए वे भी हार्ड मांस और अहंकार के बने इंसान ही है। वैसे इन तमाम असली लड़ाईयों में से किस सुपरस्टार का गुस्सा या कौन सी घटना आपको सबसे ज्यादा चौंकाने वाली लगी