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नेतन्याहू ने दिवार में रखी पर्ची, हुआ बड़ा चम;त्का, पलट गया चुनाव !

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इजराइली चुनावों में पिछड़ रहे बेंजामिन नेतन याहू के साथ बहुत बड़ा चमत्कार हो रहा है। अचानक रुझान पलटते दिख रहे हैं। कई लोग लिख रहे हैं कि इस दीवार के पास बेंजामिन नेतन याू ने जो किया उसने चमत्कार कर दिया। नेतन याहू ने यहां पर एक पर्ची छोड़ी। उस पर्ची में जो लिखा था वही शायद उन्हें जिता रहा है। मान्यता के मुताबिक पर्ची पर अपनी इच्छा लिखकर इस दीवार की दरारों में रखने से इच्छा पूरी हो जाती है और अब ताजा रुझानों को देखकर लग रहा है कि नेतन याू की इच्छा पूरी हो रही है।

नेतन याहू अपने प्रतिद्वंदी से बहुत आगे निकल रहे हैं। इस दीवार का राज क्या है और नेतन याू ने पर्ची में क्या लिखा था वो हम आपको बताते हैं। दरअसल यह है यरूशलम स्थित वेस्टर्न वॉल जो यहूदियों के लिए बेहद पवित्र है। प्राचीन काल में यहां यरूशलम में यहूदियों का एक बहुत ही भव्य और पवित्र मंदिर हुआ करता था .

जिसे सेकंड टेंपल कहा जाता था। रोमंस ने इस मंदिर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था। उस विनाश में पूरा मंदिर नष्ट हो गया, लेकिन यही पश्चिमी दीवार यानी वेस्टर्न वॉल बच गई। यह दीवार उसी मंदिर की आखिरी निशानी है। यहूदियों का मानना है कि यह दीवार कभी नष्ट नहीं हो सकती। अब इसी दीवार को छूने के बाद शुरुआती काउंटिंग में पिछड़ रहे ने नैतिन याू अचानक आगे कैसे निकल गए हैं वो हम आपको बताते हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नितिन याू किसी बड़े संकट युद्ध या चुनाव के मौके पर इस पवित्र वेस्टर्न वॉल पर जरूर आते हैं। जून 2025 में ईरान पर हवाई हमले शुरू करने से कुछ घंटों पहले भी नेतन याहू इसी दीवार के पास आए थे।

उन्होंने तब भी एक पर्ची में बाइबल की एक लाइन लिखी थी। उस समय पर्ची में नतन याू ने लिखा कि लोग एक बड़े शेर की तरह उठ खड़े होंगे। बाद में इसी पर्ची में लिखा गया नोट ईरान के खिलाफ इजराइल के सैन्य ऑपरेशन का नाम बन गया जिसे ऑपरेशन राइजिंग लायन कहा गया। इस बार भी वोटिंग के दिन सुबह-सुबह नेतन याहू वेस्टर्न वॉल को छूने पहुंच गए। उन्होंने एक बार फिर पर्ची में संदेश लिखा। नेतन याहू ने लिखा कि यह संदेश मैं इजराइली सेना के लिए लिख रहा हूं। हमारे नायकों के जीवन के लिए लिख रहा हूं। हमारे दुश्मनों पर हमारी विजय के लिए लिख रहा हूं और हमारे लोगों की सफलता के लिए लिख रहा हूं।

नेथन याहू ने यह मैसेज ऐसे वक्त पर लिखा था जब छह में से चार ओपिनियन पोल्स में उनके प्रतिद्वंदी गादी आइसनकोट को जीतता हुआ बताया गया था। नेतन याू को हराने के लिए लाखों मुस्लिम घरों से निकलकर वोट डालने पहुंच गए। मुस्लिम वोटर्स को लाने के लिए बसों का इंतजाम तक कर दिया गया। इजराइल के मुस्लिम इलाकों में बंपर वोटिंग देखने को मिली। वोटिंग भी ऐसी कि 1999 के बाद पहली बार इजराइल में 77% बंपर वोटिंग हुई। लेकिन वेस्टर्न वॉल पर प्रार्थना करने वाले नेतन याू के साथ अचानक एक बड़ा चमत्कार हो गया। वेस्टर्न वॉल के सामने पर्ची पर नेतन याू ने जिन इजराइली सैनिकों के लिए संदेश लिखा था।

शायद उन्हीं सैनिकों ने आखिरी वक्त में नेतन याहू को बंपर वोट दे दिए। अब रुझानों में नैतन याू का गठबंधन आगे निकल गया है। नेतन याहू गठबंधन को 55 सीटें जबकि आइजन कोर्ट गठबंधन को 50 सीटें मिलने का अनुमान है। सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत है। इजराइल में सेना के जवानों के बीच 79.9% मतदान हुआ है। इजरायली सेना के मुताबिक 2022 के पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार इजरायली सैनिकों ने 6.2% ज्यादा वोट किया है। सोचिए जिन सैनिकों के लिए नैतिन याू ने पर्ची पर संदेश लिखा था शायद उन्हीं सैनिकों के वोटों ने पूरा मामला पलट कर रख दिया।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इजराइल के सैनिकों ने एक हफ्ता पहले ही वोट डालने शुरू कर दिए थे। यानी जिस दिन नेतन याू ने पर्ची लिखी और आम इजरायली वोट डाल रहे थे उससे पहले ही इजरायली सैनिक वोट डाल चुके थे। हैरानी की बात देखिए कि जब तक मुस्लिम इलाकों के वोटों की गिनती चल रही थी उस वक्त नितिन याू पीछे थे। मगर जैसे ही सैनिकों के वोटों की गिनती शुरू हुई तो नितिन याू आगे बढ़ते दिख रहे हैं। फाइनल नतीजे अभी तक नहीं आए हैं। लेकिन नितिन याू फिलहाल राहत की सांस ले सकते हैं।

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