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मुस्कान-साहिल सजा देने से पहले पवन ज;ल्ला! को किसका डर?बताई चौंकाने वाली बात,मचा त;ह!लका

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इस बीच मुस्कान साहिल की मौत की सजा पर पवन जल्लाद ने अपना स्टेटमेंट पास आउट किया क्योंकि हम आपको बता दें कि पवन जल्लाद दोनों को फांसी देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह कहना है पवन जल्लाद का।

अदालत ने मृत्युदंड देकर सही किया है। यह मुस्कान और साहिल से जुड़ा मामला जिसमें नीले ड्रम का वाक्या हुआ था। जिसमें मुस्कान और साहिल ने मिलकर मुस्कान के पति की हत्या की। उसके बाद शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में सीमेंट और बालू से दबा दिया था। अब पवन जल्लाद ने कहा है न्याय देकर सही कार्य किया है और मुझे जब भी बुलाया जाएगा मैं फांसी देने के लिए तैयार हूं। अपराध करने वाले को सख्त सजा मिलनी चाहिए। अपराधी को फांसी पर लटकाकर सुकून मिलता है।

यह पवन जल्लाद ने कहा है। निर्भया हत्याकांड में चार गुनाहगारों को फांसी देने वाले मेरठ के रहने वाले पवन जल्लाद हमारे साथ हैं। तमाम सवालों से पूछेंगे कि एक जल्लाद की मनोदशा क्या होती है? जब उन्हें अवसर मिलता है फांसी देने का तो क्या-क्या तैयारियां होती है और जिस रस्से पर अपराधी को लटकाया जाता है, दोषी को लटकाया जाता है वो रस्सा कहां से आता है? पवन जी पहले मैं जानना चाहूंगा मेरठ में कहां रहते हैं आप? मेरठ में भूमिया के पुल पर भी मेरा घर रहेगा और कांशीराम में भी रहता हूं मैं।

दोनों जगह रहता हूं। अब तक अलग आपके जल्लाद के कैरियर की बात करें तो कितने लोगों को फांसी दे चुके हैं आप? वैसे मैं नौ लोगों को देता हूं। पांच महीने अपने दादा जी के साथ में करी थी और चार महीने अकेले ने निर्भया दिल्ली में तड़ने सन 2020 में इसी सप्ताह में सौरभ हत्याकांड से जुड़े दो लोगों को फांसी की सजा मुकर्रर हुई है जिसमें मुस्कान है और उसका प्रेमी साहिल है साथ में अमित हत्याकांड से जुड़े उसकी पत्नी रविता और अमरदीप को भी फांसी की सजा मुकर्रर हुई है। तो मैं जानना चाहूंगा कि अगर इन्हें फांसी देने का आपको अवसर मिलता है तो आप कैसा महसूस करते हैं? बिल्कुल देने का मैं तो तैयार हूं।

लेकिन वो समय अभी आया नहीं जिस दिन वो समय आएगा मैं रेडी हूं तैयार हूं मैं सबसे पहले बात करते हैं सौरभ हत्याकांड की किस नजर से देखते हैं क्योंकि सौरभ को उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ में मिलकर मार दिया क्योंकि एक जल्लाद की भी अपनी भावनाएं हैं आपके पास भी अपना एक दिल है क्योंकि आप भी इसी देश के रहने वाले हैं और इसी शहर के रहने वाले हैं। बिल्कुल देखो गलत तो घिनौनी हरकत तो करी है उसने। दोनों ने ही घिनौनी हरकत करी है। एक जंगन अपराध किया है। किसी की मां का बेटा छीनना यह कहां का इंसाफ है? किसी के मां का बेटा छीनना ये कहां काफ? वो भी तो बेचारी रो रही है। आज उसको भी जो न्याय का वो मिला है। इंसाफ तो आज वो न्याय की तारीफ कर रही है। जब किसी को फांसी मुकरर होती है और डेथ वारंट जारी हो जाता है। उसका क्या प्रोसेसिंग है? कैसे आपको सूचना मिलती है? पहले लखनऊ जाता उसके बाद फिर मेरठ जेल आता फिर मेरठ से जाता दो-ती दिन पहले हम जब का डेथ वारिस जारी होता है उससे तीन दिन पहले चले जाते हैं कितने दिन पहले तैयारियां शुरू करनी होती है तीन दिन पहले तैयारियां जिक्र करते हैं जिस दिन फांसी दी जाती है उस दिन सवेरे से ही क्या-क्या तैयारियां होती हैं सवेरे से बस यह है कि भाई उन्हें उठा दिया जाता है दो 3:00 बजे नहा नहा धुनाना उसके बाद फिर अब रास्ता बांध शुरू कर देते हैं समय होता है फिर मैंने कहा ले आओ कैदी जिस व्यक्ति को फांसी मुकर्रर होती है, वह फंदे पर कितनी देर तक झूलता है?

भाई, उसको तो यह लगा लीजिए के आधे घंटे तक उसे उस पर लटकाए रखो ही डेथ जब तक उसके प्राण ना निकल जाए। जो फंदे का आप जिक्र कर रहे हैं, वह फंदा किस रस्सी का बना होता है? कहां से आता है? भारत में कहां बनता है? बिहार में। बिहार में बक्सर जिला है कोई जेल वैल्यू बनाता हूं उसको। तो किस कलर का होता है? कितनी लंबाई होती है उसकी? पहले तो आते थे। पहले सन के आया करते थे। पहले वैसे आया करते थे। जूट के आया करते थे। अब वो बंद हो गया आना। अब हो गया दूध या रस्ता होता है। मलेली का मलेली का कहते हैं उसको बलेली कहते हैं उसको। वाइट कलर का है। वो मुस्कान साहिल उधर रविता और अमरदीप कोई भावनाएं नहीं है इनके साथ। सिर्फ अपराधी अपराधियों। अपराधी।

जी बिल्कुल साफ तौर पर पवन जल्लाद का कहना था कि अगर मेरे जिंदा रहते मुझे यह अवसर मिलता है तो मेरे लिए बहुत अच्छी बात होगी और अगर मेरे साथ में कोई बात हो जाती है तो मैं अपने बच्चे को ट्रेंड कर रहा हूं कि वो मुस्कान और साहिल को फांसी दें। साथ में अमरदीप और रविता को फांसी दे। उन्होंने अपराधी और अपराध की डेफिनेट अगर जल्दी फैसला आया तो मैं अपने बेटे को साथ रखूंगा। मतलब उम्मीद तो है 10 साल तक की जी रही तो 100 साल की उम्र है। उम्मीद पर दुनिया कायम है। ऐसी बात नहीं है। इन चारों को मैं ही लटकाऊंगा। जी बिल्कुल उन्होंने छाती ठोक कर यह कहा है कि अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। उसके उसके साथ में किसी प्रकार की भावनाएं नहीं होनी चाहिए।

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