किसी शायर [संगीत] की गजल ड्रीम गर्ल किसी झील का कमल ड्रीम गर्ल कभी तो मिलेगी कहीं तो मिलेगी [संगीत] आज नहीं तो कल ड्रीम गर्ल वो ड्रीम गर्ल जिसकी खूबसूरती को देखकर हर कोई उन पर फिदा हो गया। वो जिन्होंने जिंदगी के [संगीत] हर रंग को अपनी एक्टिंग से जीवंत किया तो लोग तारीफ किए बगैर [संगीत] नहीं रह पाए। उनका स्टाइल फैशन बना। शर्ट और बेल बॉटम पहना तो आने वाली तमाम [संगीत] एक्ट्रेसेस ने उनके इस पहनावे को कॉपी किया। आज कहानी [संगीत] लेजेंड्री एक्ट्रेस और दमदार पॉलिटिशियन ड्रीम गर्ल यानी हेमा [संगीत] मालिनी की। जिनकी जिंदगी भी किसी फिल्म की तरह ही है। जिसमें सुख और दुख दोनों हैं। 7 सालों का कड़ा संघर्ष है। कई बार रिजेक्शन [संगीत] झेले पर हार नहीं मानी। अपने से उम्र में 24 साल बड़े एक्टर के साथ पहली हिंदी फिल्म की। उन्होंने कड़ी मेहनत [संगीत] कर सफलता की बुलंदी पाई। इनके प्यार और शादी की [संगीत] दास्तान भी बड़ी दिलचस्प है। हम आपको यह भी बताएंगे कि हेमा मालिनी को पहली बार [संगीत] ड्रीम गर्ल किसने कहा। नमस्कार, मेरा नाम है अंशुल शर्मा और आप देख रहे हैं दैनिक जागरण का खास शो किरदार। [संगीत] तमिलनाडु के तिरुचिल्लापल्ली के अमानकुंडी [संगीत] गांव में तमिल यंगर फैमिली से ताल्लुक रखने वाले वीएसआर चक्रवर्ती और जया लक्ष्मी चक्रवर्ती [संगीत] के घर में दो बेटे आर के चक्रवर्ती और आरजे चक्रवर्ती के बाद [संगीत] 16 अक्टूबर साल 1948 को एक बेटी का जन्म हुआ। नाम रखा हेमा मालिनी। हेमा मालिनी ने सिर्फ 12वीं तक की पढ़ाई की है। उनका मन फिल्म और डांस में लगा। दरअसल हेमा [संगीत] मालिनी की मां जया लक्ष्मी चक्रवर्ती छोटी-मोटी फिल्मों को प्रोड्यूस करती थी। इस वजह [संगीत] से जया लक्ष्मी चक्रवर्ती चाहती थी कि उनकी बेटी भी फिल्मों में हीरोइन बने। हेमा माली 8-10 [संगीत] साल की थी तब उस उम्र में भारत नाट्यम की ट्रेनिंग ली। हेमा माली की बायोग्राफी बियों्ड द ड्रीम एक फेमस मैगजीन [संगीत] के एडिटर राम कमल मुखर्जी ने लिखी है। जिसमें वह लिखते हैं कि हेमा मालिनी का फिल्मी सफर [संगीत] आसानी से शुरू नहीं हुआ। साल 1961 में हेमा मालिनी को साउथ इंडस्ट्री के डायरेक्टर सीवी श्रीधर ने यह कहते हुए फिल्म में काम देने से मना कर दिया कि [संगीत] हेमा मालिनी बहुत पतली हैं और उनमें स्टार जैसी कोई बात नहीं। खैर वक्त [संगीत] के साथ हेमा मालिनी एक बेहतरीन डांसर बनी और डांस की वजह से उन्हें [संगीत] साल 1963 की तमिल फिल्म इतु साथियम और साल 1965 की तेलुगु फिल्म [संगीत] पांडव वनवासम में डांसर के रोल मिले। आकर्षक नैन नक्स और उनका भारत नाट्यम डांस हर [संगीत] किसी को मंत्रमुग्ध कर देता। 60 के दशक में उनकी सुंदरता को एक मानक के तौर पर देखा [संगीत] जाता था और इस सुंदरता पर नजर गई शोमैन राज कपूर की।
साल [संगीत] था 1968 और फिल्म का नाम था सपनों के सौदागर। 20 साल की हेमा मालिनी के हीरो बने [संगीत] 44 साल के राज कपूर। हेमा मालिनी और राज कपूर की उम्र में 24 साल का [संगीत] फासला था। इस वजह से दर्शकों ने पर्दे पर इस जोड़ी को नकार दिया। लेकिन इस फिल्म के बाद हेमा [संगीत] मालिनी का बॉलीवुड में सफर चल पड़ा। राज कपूर ने सपनों के सौदागर फिल्म के प्रमोशन के लिए हेमा मालिनी को [संगीत] ड्रीम गर्ल के नाम से बॉलीवुड में इंट्रोड्यूस किया था। और सहयोग यह है कि 9 [संगीत] साल बाद साल 1977 में हेमा मालिनी की फिल्म आई जिसका नाम था ड्रीम गर्ल। इस फिल्म में [संगीत] वह इतनी खूबसूरत लगी कि ड्रीम गर्ल उनके नाम हेमा मालिनी के नाम का पर्याय बन गया और कहते [संगीत] हैं जिंदगी आपको फिर उसी मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है। हेमा मालिनी जब फिल्मों [संगीत] में एक बड़ा नाम बन गई तो उन्हें रिजेक्ट करने वाले डायरेक्टर सीवी श्रीधर ने हेमा [संगीत] मालिनी को बतौर हीरोइन लेकर साल 1973 में एक फिल्म बनाई जिसका नाम था गहरी चाल। 70 के दशक के शुरुआत में फिल्म में एक्ट्रेस के लिए बहुत ही सीमित रोल लिखे जाते [संगीत] थे। लेकिन 1972 की फिल्म सीता और गीता में हेमा मालिनी डबल रोल कर ना [संगीत] सिर्फ अपनी एक्टिंग को साबित किया बल्कि समाज में महिला की कमजोर और अबला [संगीत] नारी के रूप में छवि को भी तोड़ा। 1975 की फिल्म शोले से हेमा मालिनी ने [संगीत] एक्टिंग से बसंती के रोल को जीवंत बना दिया। बसंती के हावभाव और डायलॉग आज भी लोगों को बहुत पसंद आते हैं। अपने करियर [संगीत] में 150 से ज्यादा फिल्में करने वाली हेमा मालिनी एक वक्त सबसे ज्यादा फीस लेती थी। हर बड़ा हीरो उन्हें अपनी [संगीत] फिल्म में हीरोइन बनाना चाहता था। [संगीत] साल 1969 की फिल्म जहां प्यार मिले में शशि कपूर साल 1971 की फिल्म लाल पत्थर में राजकुमार के साथ [संगीत] नजर आई। 1972 की फिल्म गोरा और काला में राजेंद्र कुमार और [संगीत] फिल्म बाबुल की गलियां में संजय खान की हीरोइन बनी। साल [संगीत] 1970 की फिल्म जॉनी मेरा नाम से देवानंद के साथ पहली बार काम किया और इसके बाद [संगीत] यह दोनों करीब सात फिल्मों में एक साथ नजर आए जिसमें से चार फिल्में सुपरहिट रही। [संगीत] साल 1971 की फिल्म अंदाज में राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की जोड़ी [संगीत] को खूब पसंद किया गया। दोनों ने करीब 13 फिल्में की जिसमें 10 ब्लॉकबस्टर रही। लेकिन दिक्कत यह थी कि राजेश [संगीत] खन्ना हेमा मालिनी को घमंडी समझते थे और हेमा मालिनी राजेश खन्ना को भाव नहीं देती थी। एक इंटरव्यू में इसकी [संगीत] वजह बताते हुए हेमा मालिनी कहती है कि मुझे नहीं पता था कि मामला क्या था। लेकिन [संगीत] राजेश खन्ना के साथ कुछ तो गड़बड़ थी। शुरुआती दिनों में वो मेरे साथ काफी [संगीत] अजीब बिहेव करते थे। इसमें कोई शक नहीं है कि राजेश खन्ना उस वक्त के सुपरस्टार थे। उनके [संगीत] चार को लड़कियां काफी पसंद करती थी। लेकिन मैंने ऐसा कभी नहीं किया। [संगीत] मैंने उन्हें ज्यादा भाव नहीं दिया। वो मुझे घमंडी समझते थे। जबकि मुझे लगता था कि राजेश खन्ना खुद को कुछ ज्यादा [संगीत] ही भाव देते हैं।
जिससे वह बाहर नहीं आ पा रहे हैं। पर मुझे खुशी है कि मैं उनके साथ काम कर सकी। [संगीत] हेमा मालिनी ने रियल लाइफ से निकलकर रियल लाइफ में अपना साथी चुना बॉलीवुड के ही मैन धर्मेंद्र को। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी साल [संगीत] 1980 में शादी करते लेकिन उससे पहले कई सारे पड़ाव आने बाकी थे। बात उस वक्त की है जब साल 1977 की फिल्म धूप छांव की शूटिंग हो रही थी। हेमा मालिनी फिल्म की हीरोइन थी और उनके [संगीत] हीरो बने थे संजीव कुमार। फिल्म में रोमांस करते-करते संजीव कुमार हेमा मालिनी [संगीत] को सच में चाहने लगे। पर यह रिश्ता मुकम्मल ना हो सका। हेमा मालिनी की तरफ से ना मिली तो संजीव कुमार का दिल टूट गया। इस वजह [संगीत] से संजीव कुमार ने ता उम्र शादी नहीं की। इधर साल 1969 की फिल्म वारिस में पहली बार साथ काम करने वाले एक्टर जितेंद्र का भी हेमा मालिनी की तरफ आकर्षण हुआ। दोनों ने करीब 12 फिल्में एक साथ की। इस दौरान वो एक दूसरे के अच्छे दोस्त भी बने। दोनों के घरवाले भी चाहते थे कि इन दोनों की शादी हो जाए। फिल्मी किस्सों की मानें तो तैयारियां भी शुरू हो गई थी। पर यह मुमकिन ना हो पाया क्योंकि धर्मेंद्र ने फिल्मी अंदाज में सबके सामने [संगीत] हेमा मालिनी को प्रपोज कर दिया। हेमा मालिनी को भी लगा कि धर्मेंद्र ही हैं जिनसे वह [संगीत] प्यार करती हैं। उधर जितेंद्र ने अपनी बचपन की दोस्त शोभा कपूर से शादी कर ली। साल 1970 की फिल्म शराफत में धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने पहली बार एक साथ काम किया था। इसके बाद दोनों ने करीब 35 फिल्में की और इसी दौरान एक दूसरे के वह करीब आए। हेमा माली के पिता धर्मेंद्र को पसंद नहीं करते थे। दिक्कत थी कि धर्मेंद्र [संगीत] पहले से शादीशुदा थे। धर्मेंद्र की पहली शादी 20 साल की उम्र में प्रकाश कौर से हो गई थी। उनके चार बच्चे भी थे। सनी देओल, बॉबी देओल, विजेता देओल और अजीता देओल। हेमा मालिनी पिता की मर्जी के खिलाफ [संगीत] नहीं जा सकती थी। पिताजी जब तक जिए तब तक उन्होंने शादी नहीं की। उधर धर्मेंद्र की पहली पत्नी ने उन्हें तलाक देने से मना कर दिया और हिंदू विवाह अधिनियम के तहत वह पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी नहीं कर सकते थे। साल 1979 में हेमा मालिनी और धर्मेंद्र दोनों ने इस्लाम धर्म अपनाया। अपना नाम बदला और इस्लामी रीति रिवाज से शादी की। बाद में दोनों ने हिंदू धर्म [संगीत] से भी शादी की। दोनों ने ही हिंदू धर्म का पालन भी किया। इनकी दो बेटियां हुई। एक ईशा देल और दूसरी अहाना देवेल।
हेमा मालिनी ने ही अपनी दोनों बेटियों के करियर [संगीत] को संभाला। शायद यह शक्ति उन्हें अपनी मां से मिली थी। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के [संगीत] रिश्तों में तल्खी तो कभी नहीं आई। पर एक वक्त के बाद वह दोनों अलग-अलग [संगीत] रहने लगे। हेमा मालिनी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मैं कभी भी अपने पति धर्मेंद्र [संगीत] और उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर के बीच नहीं आई। मैंने उनके पूरे परिवार को अपने ही परिवार का [संगीत] हिस्सा माना। भले ही वे व्याहारिक और पारिवारिक वजहों से अलग-अलग [संगीत] घरों में रहते थे, लेकिन धर्मेंद्र हमेशा हेमा मालिनी और अपनी दोनों बेटियों के लिए खड़े रहे। हेमा मालिनी ने हमेशा धर्मेंद्र को अपना सोलमेट [संगीत] माना और धर्मेंद्र ने भी उनका पूरा समर्थन किया। दोनों का साथ लगभग 45 सालों का रहा। 24 नवंबर [संगीत] 2025 को 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र का [संगीत] निधन हो गया। हेमा मालिनी ने अपने करियर [संगीत] की दूसरी पारी शुरू की जब वो साल 2003 में बागवान और 2006 [संगीत] की फिल्म बाबुल में अमिताभ बच्चन के साथ नजर आई। अगर भारतीय सिनेमा में बेहद लोकप्रिय और प्रतिष्ठित जोड़ी की बात करें तो हेमा मालिनी और अमिताभ बच्चन इस लिस्ट में शामिल होते हैं। दोनों ने लगभग 16-17 फिल्मों में एक [संगीत] साथ काम किया है। 1981 की नसीब, 1982 की सत्ते पे सत्ता, 2003 की बागवान, [संगीत] 2004 की वीरजारा, 2006 की बाबुल यह फिल्में हैं जिनमें उनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब [संगीत] सराहा। हेमा मालिनी ने दो फिल्म और पांच टीवी सीरियल्स को प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया है। साल [संगीत] 1992 की फिल्म दिल आशना है। से किंग खान शाहरुख खान को फिल्मों में काम करने का मौका दिया है। हालांकि [संगीत] शाहरुख खान की पहली फिल्म दीवाना थी क्योंकि यह फिल्म दिल आशना [संगीत] से कुछ महीने पहले ही रिलीज हो चुकी थी। हेमा मालिनी एक्टिंग से [संगीत] ज्यादा डांस को एंजॉय करती हैं। वो आज भी भारत नाट्यम का स्टेज शो करती हैं। सामाजिक मुद्दों में बेबाक राय रखने वाली हेमा मालिनी ने राजनीति में [संगीत] भी एंट्री की है। फरवरी 2004 में आधिकारिक तौर [संगीत] पर बीजेपी में शामिल हुई। हेमा मालिनी भाजपा की वरिष्ठ राजनेता [संगीत] और मथुरा से 2014, 2019 और [संगीत] 2024 में लगातार तीसरी बार लोकसभा सांसद हैं।
उन्होंने 1999 में विनोद खन्ना के लिए चुनाव [संगीत] प्रचार भी किया था। वो 2003 से 2009 तक राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य [संगीत] रही हैं और 2011-12 में कर्नाटक से राज्यसभा [संगीत] सांसद भी रही हैं। वे भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। हेमा माली की उम्र अब 78 साल [संगीत] की हो चुकी है। एक सांसद के रूप में वे मथुरा के विकास, यमुना स्वच्छता और पशु अधिकारियों के लिए सक्रिय रहती हैं। [संगीत] हेमा मालिनी के करियर और उनके अनुभव को [संगीत] देखकर यह सोचना स्वाभाविक है कि उन्हें मिले अवार्ड्स की लिस्ट बहुत लंबी हो। लेकिन [संगीत] हकीकत यह नहीं है। सिर्फ एक बार ही उन्हें साल 1973 में फिल्म सीता और गीता के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का [संगीत] फिल्मफेयर का खिताब मिला था। साल 1999 में फिल्मफेयर ने उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट [संगीत] से नवाजा है। वहीं फिल्मफेयर ने उन्हें भारतीय सिनेमा [संगीत] में उनके 50 सालों के उत्कृष्ट योगदान के लिए साल [संगीत] 2019 में विशेष सम्मान दिया है। हेमा मालिनी को भारत सरकार ने साल 2000 में पद्मश्री [संगीत] से भी सम्मानित किया है। तो हेमा मालिनी की स्टोरी आपको [संगीत] कैसी लगी कमेंट्स करके जरूर बताइएगा। बाकी देश दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहिए दैनिक जागरण। देश और दुनिया की हर बड़ी खबर से अपडेट रहने के लिए आज ही डाउनलोड करें जागरण ऐप।