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उछल-उछल कर भारत को फंसा रही थी महिला, लगा तगड़ा करंट !

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यू यू यू यू यू दैट आपने कई बार देखा होगा कि कैसे पाखंडी विदेशी मीडिया और अहंकारी विदेशी एक्सपर्ट्स खुद रूस से गैस खरीदने के बावजूद रूसी तेल का नाम लेकर हमेशा भारतीय विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर को फंसाने की कोशिश करते रहे हैं। लेकिन हर बार विदेश मंत्री एस जयशंकर इनकी सरेआम धुलाई कर देते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ लेकिन किरदार थोड़े बदल गए। इस बार भी अहंकारी और पाखंडी विदेशियों को 440 वोल्ट का झटका दिया गया है। मोर्चा संभाला वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने। पीयूष गोयल ने जिस तरह से यूरोप के धागे खोले हैं, वह ऐतिहासिक है। आप इसे प्योर सिनेमा बोल सकते हैं। पीयूष गोयल का यह पूरा धमाकेदार बयान हम आपको आगे सुनवाएंगे, लेकिन इस बयान का असली मजा तभी आएगा जब आप थोड़ी सी कहानी समझ लेंगे। दरअसल, जर्मनी के शहर बर्लिन में क्लाइमेट चेंज को लेकर एक चर्चा चल रही थी।

तीन यूरोपीय बैठे थे और पीयूष गोयल अकेले ही काफी थे। पीयूष गोयल के सामने बैठी यह विदेशी महिला अचानक अजीब-अजीब हरकतें करने लगी। ड्रामा करते हुए हाथ उठाकर बोली कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर मामला है। यह कोई मामूली बात नहीं है। आप इन यूरोपीय लोगों का पाखंड देखिए। पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं लोगों ने पहुंचाया है और अब यहां पर बैठकर भारत को नसीहत देने लगे। दरअसल यह विदेशी महिला पीयूष गोयल के जरिए भारत पर निशाना साध रही है। लेकिन पीयूष गोयल ने मुस्कुराते हुए तथ्यों को सीधे इनके मुंह पर दे मारा। सच्चाई सुनकर इन सभी को ऐसा करंट लगा कि यह हिल तक नहीं पाए। उछलउछल कर पर्यावरण की बातें कर रही इस महिला से पीयूष गोयल ने पूछा कि आखिर इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है? ओजोन परत को नुकसान किसने पहुंचाया है? पर्यावरण में सबसे ज्यादा कार्बन किसने भेजी है? इस महिला ने चालाकी दिखाते हुए कहा कि हम सब ने यानी गलती खुद करो और दोष सब पर लगा दो।

लेकिन पीयूष गोयल ने तुरंत इस महिला को टोकते हुए कहा कि आप गलत हैं। मैं दुनिया की 17% आबादी का प्रतिनिधित्व करता हूं और मेरे देश का कार्बन उत्सर्जन 3% से भी कम है। लेकिन आप शायद दुनिया की 3 से 4% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। मगर पर्यावरण में कार्बन छोड़ने में आपका योगदान करीब 20% है। तो यह समस्या आपने पैदा की है। आप सभी अपनी अर्थव्यवस्थाओं का विकास कर रहे थे। आपने दिन रात कोयला जलाया। पीयूष गोयल के तथ्यों को सुनकर पीली पड़ चुकी इस महिला को बचाने के लिए एक दूसरा विदेशी एक्सपर्ट कूद पड़ा। इसने पीयूष गोयल से कहा कि सिर्फ यूरोप ही जिम्मेदार थोड़ी है। अमेरिका ने भी तो यही किया है। लेकिन यह सुनने के बाद भी पीयूष गोयल अपने जवाब से भटके नहीं। उन्होंने कहा कि आज मैं यहां पर सिर्फ यूरोप की बात कर रहा हूं। पर्यावरण को जो नुकसान आपने पहुंचाया है उसकी बात कर रहा हूं। पीयूष गोयल ने कहा कि मुझे 1.4 अरब लोगों की जरूरतें पूरी करनी है।

उनकी ऊर्जा जरूरतें, उनके भोजन की जरूरतें और एक राष्ट्र के रूप में अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी है। लेकिन इसके बावजूद भारत दुनिया का सबसे स्वच्छ ऊर्जा यानी क्लीन एनर्जी प्रोग्राम चला रहा है। आइए अब आपको पीयूष गोयल का यह धमाकेदार बयान सुनवाते हैं। द क्लाइमेट चेंज इज अ सीरियस थिंग इज नॉट समथिंग। हां? सो, हु इज रेस्पोंसिबल फॉर दिस मेस इन द फर्स्ट प्लेस? इन द? व्हेयर डीड दिस ओज़ोन लेयर गेट डैमेज्ड? हु सेंट ऑल दैट कार्बन अप देयर? ऑल ऑफ़ अस। नो, आई एम सॉरी। आई सपोर्ट 17% ऑफ़ द वर्ल्ड्स पापुलेशन। माय कॉनंट्रीब्यूशन टू दैट कार्बन अप देयर इज़ लेस देन 3%। यू सपोर्ट प्रॉबब्ली थ्री और 4% ऑफ़ द वर्ल्ड्स पपुलेशन। एंड योर कंट्रीब्यूशन टू दैट कार्बन और द मेस इज 6% इज 6% आई एम सॉरी मैडम नो नो मेथडस प्रॉबब्ली 20% सो द प्रॉब्लम वास् कॉज्ड बाय यू फॉर गुड रीज़न्स यू वर ग्रोइंग योर इकॉनमीज़ यू वांटेड लो कॉस्ट कार्बन बेस्ड एनर्जी यू ब्लू कोल्ड डे इन एंड डे आउट सो दैट योर एनर्जी कॉस्ट रिमें लो बट यू नॉट ओनली यूएस यूनाइटेड स्टेट्स वी आर टॉकिंग यू यू यू यू यू यू दैट वे राइट आई हैव टू आल्सो मीट द नीड्स ऑफ़ 1.4 बिलियन पीपल। आई हैव टू मीट देयर एनर्जी नीड्स। आई हैव टू मीट देयर फ़ूड नीड्स। आई हैव टू बी सिक्योर एज़ अ नेशन। डिस्पाइट ऑल ऑफ़ देट। वी हैव वन ऑफ द फास्टेस्ट ग्रोइंग क्लीन एनर्जी प्रोग्राम।

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