हिंदुस्तान में जबजब ठरकी इंसानों की बात की जाएगी तो उसमें महेश भट्ट का नाम सबसे पहले लिया जाएगा। महेश भट्ट ने ठरकी होने के वो सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले जिन्हें तोड़ना अब किसी और के बस की बात नहीं। महेश भट्ट ने कदम कदम पर यह साबित किया है कि उनके जैसा ठरकी इंसान ना तो इससे पहले कभी पैदा हुआ और ना ही कभी पैदा होगा। इस वीडियो को आखिर तक जरूर देखना। आज आप महेश भट्ट की ऐसीऐसी काली करतूतों के बारे में जानोगे जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। आज आप यह भी जानेंगे कि क्यों महेश भट्ट को फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा ठरकी और नेपोटिज्म का बाप कहा जाता है। आज हम महेश भट्ट की वो सभी करतूतें आपके सामने रखेंगे जिनसे आप सभी अब तक अनजान थे और इस वीडियो के लास्ट में मैं आपसे एक सवाल पूछूंगा [संगीत] जिसका जवाब आपको कमेंट करके बताना है। इस कहानी की शुरुआत होती है 20 सितंबर 1948 से जब मुंबई के एक ब्राह्मण परिवार में महेश भट्ट का जन्म हुआ था। महेश भट्ट के पिता का नाम नाना भाई भट्ट था जो कि एक गुजराती ब्राह्मण थे और महेश भट्ट की मां का नाम श्री मोहम्मद अली था जो कि एक मुस्लिम औरत थी। महेश भट्ट का एक भाई भी है जिसका नाम मुकेश भट्ट है। महेश भट्ट ने अपने स्कूल की पढ़ाई माटुंगा में डॉन बॉस्को हाई स्कूल से पूरी की। मगर महेश भट्ट को बचपन से ही पढ़ाई से ज्यादा पैसा कमाने का चसका था। इसीलिए महेश भट्ट ने कम उम्र में ही कुछ ना कुछ काम करके पैसा कमाना शुरू कर दिया। महेश भट्ट को फिल्में देखने का बड़ा शौक था। इसीलिए महेश भट्ट ने फिल्मों में ही करियर बनाने का फैसला किया। [संगीत] स्कूल की पढ़ाई खत्म होते ही महेश भट्ट ने बॉलीवुड में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में करियर की शुरुआत की। महेश भट्ट को यह सीखना था कि फिल्में कैसे बनाई जाती हैं क्योंकि महेश भट्ट को भी एक बड़ा डायरेक्टर बनना था। डायरेक्शन लगभग सीख जाने के बाद महेश भट्ट ने 26 साल की उम्र में अपने करियर की पहली फिल्म बनाई जिसका नाम था
मंजिलें और भी हैं। यह फिल्म 1974 में रिलीज हुई थी। मगर यह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई। फिल्म तो फ्लॉप रही लेकिन महेश भट्ट ने इस फिल्म से बहुत कुछ सीखा। इसके बाद महेश भट्ट ने अगली फिल्म लहू के दो रंग बनाई। यह महेश भट्ट की पहली हिट फिल्म थी। इसके बाद महेश भट्ट ने अर्थ मूवी बनाई जो कि साल 1982 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और इस फिल्म के बाद से महेश भट्ट की गिनती नामीगिरामी डायरेक्टरों में होने लगी। इसके बाद साल 1984 में महेश भट्ट ने सारांश मूवी बनाई जो कि बहुत बड़ी हिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म से अनुपम खेर की किस्मत खुल गई क्योंकि यह अनुपम खेर की पहली [संगीत] मूवी थी। इस फिल्म में अनुपम खेर ने एक बूढ़े आदमी का किरदार निभाया था। जबकि उस वक्त अनुपम खेर की असली उम्र सिर्फ 29 साल थी। मगर इस फिल्म में अनुपम खैर ने जबरदस्त एक्टिंग की और इस फिल्म को कई अवार्ड्स भी मिले। इसके बाद महेश भट्ट ने संजय दत्त को लेकर नाम मूवी बनाई जो कि साल 1986 में रिलीज हुई। यह फिल्म भी हिट साबित हुई। इसके बाद भी महेश भट्ट ने कई सारी फिल्में बनाई जैसे कब्जा, टैडी, आवारगी और जुर्म। इनमें से कुछ फिल्में हिट रही तो कुछ फ्लॉप रही। मगर साल 1990 में आई फिल्म आशिकी ने एक ऐसा रिकॉर्ड कायम कर दिया कि उसे तोड़ [संगीत] पाना बड़ा मुश्किल हो गया। यह एक लव स्टोरी थी और महेश भट्ट ने इस फिल्म के गानों पर बहुत ज्यादा ही जोर दिया था। हालांकि इस फिल्म की ना तो कहानी बहुत ज्यादा दमदार थी और ना हीरो हीरोइन। उसके बावजूद यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई जिसकी वजह से सिर्फ और सिर्फ इसी फिल्म के गाने सुपरहिट साबित हो गए। किसी ने यह फिल्म देखी हो या ना देखी हो मगर इसके गाने तो लोग आज भी सुनते हैं और गुनगुनाते रहते हैं। इसके बाद महेश भट्ट ने दिल है कि मानता नहीं और हम है राही प्यार की फिल्म बनाई। इन दोनों ही फिल्मों में आमिर खान थे और यह दोनों ही फिल्में कामयाब रही। [संगीत] इसके अलावा भी महेश भट्ट ने कई शानदार फिल्में दी जैसे गैंगस्टर, जिस्म 2 और मर्डर 3 जैसी फिल्में। इस बात में कोई शक नहीं है
कि महेश भट्ट ने अपने करियर में बहुत ही शानदार और जबरदस्त फिल्म बनाई है। जितनी शानदार फिल्में होती हैं, उससे भी कई गुना ज्यादा शानदार। लेकिन जो बात हम आपसे आज बताने वाले हैं, वो शायद आपको चौंका कर रख देगी। यह तो बात रही महेश भट्ट की अचीवमेंट्स की। महेश भट्ट ने बॉलीवुड को कई शानदार और सुपरहिट फिल्में दी। इस बात में कोई शक नहीं। यह बात भी सही है कि महेश भट्ट की गिनती फिल्मी दुनिया के जानेमाने कामयाब लोगों में होती [संगीत] है। मगर एक कामयाब आदमी एक अच्छा इंसान भी हो यह कोई जरूरी नहीं। क्योंकि एक कामयाब इंसान में और एक अच्छे इंसान में जमीन आसमान का फर्क होता है। महेश भट्ट ने जो फिल्में बनाई वह महेश भट्ट का प्रोफेशन था। मगर इसी बॉलीवुड में महेश भट्ट को एक घटिया और ठरकी इंसान की नजर से भी देखा जाता है। लेकिन क्या वजह है कि हिंदुस्तान की जनता महेश भट्ट द्वारा बनाई फिल्मों को तो [संगीत] बहुत पसंद करती है और फिल्म देखने सिनेमा हॉल तक भी जाती है। मगर वही जनता महेश भट्ट से बेहद नफरत भी करती है। दरअसल इसकी एक नहीं बल्कि अनेक वजह हैं। आज मैं महेश भट्ट की ऐसी-ऐसी करतूतों [संगीत] का जिक्र आपके सामने करूंगा जिसे सुनने के बाद आपका दिमाग चकरा जाएगा और आप कहेंगे कि वाकई में सबसे बड़ा ठरकी होने का अवार्ड महेश भट्ट को ही दिया जाना चाहिए। दरअसल महेश भट्ट ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी का नाम किरण था जो कि महेश भट्ट की कॉलेज की गर्लफ्रेंड थी। महेश और किरण से दो बच्चे हुए जिनका नाम पूजा भट्ट और राहुल भट्ट रखा गया। शादी के कुछ सालों बाद महेश भट्ट ने किरण को छोड़ दिया क्योंकि महेश भट्ट का दिल प्रवीण बॉबी पर आ गया था। महेश और प्रवीण बॉबी कई सालों तक रिलेशनशिप में रहे। मगर कुछ ही वक्त बाद महेश भट्ट का दिल अब प्रवीण बॉबी से भी भर गया और महेश भट्ट ने प्रवीण बॉबी को छोड़ दिया। पूजा भट्ट उस समय बेहद छोटी थी। मगर पूजा भट्ट अपने पिता की सभी हरकतों से वाकिफ थी। ऑडिशन लेने के बहाने वे महेश भट्ट अपने घर और ऑफिस में कई लड़कियों को बुलाया करता था और फिल्म में हीरोइन बनाने का झांसा देकर उनका फायदा उठाता था। पूजा भट्ट अपने पिता से बेहद नफरत करती थी और पूजा ने बेहद कम उम्र में ही शराब पीना भी शुरू कर दिया था। पूजा भट्ट को भी फिल्मी दुनिया बहुत पसंद थी। घर में अक्सर पार्टी हुआ करती थी। इसीलिए सेलिब्रिटीज का आना-जाना भी लगा रहता [संगीत] था और पूजा भट्ट सेलिब्रिटी लाइफ से बहुत ज्यादा इंप्रेस भी थी। वह भी फिल्मों में एक बड़ी हीरोइन बनने का ख्वाब देख रही थी। अब तक पूजा की उम्र 16 साल हो चुकी थी और पूजा देखने में बहुत ही सुंदर और अट्रैक्टिव दिखा करती थी। पूजा भट्ट फिल्मों में हीरोइन तो बनना चाहती थी मगर उसे ना तो एक्टिंग आती थी और ना ही किसी फिल्म लाइन का कोई एक्सपीरियंस [संगीत] था। यानी पूजा भट्ट के पास फिल्मों में हीरोइन बनने के लिए अपने पिता महेश भट्ट के सिवा कोई और ऑप्शन नहीं था। पूजा वैसे तो अपने पिता महेश भट्ट से नफरत करती थी। मगर वह यह भी जानती थी कि महेश भट्ट की मदद से ही वह फिल्मों में बड़ी हीरोइन बन सकती हैं। पूजा भट्ट अपने बाप की सभी घटिया हरकतों से वाकिफ थी। ऐसा बताया जाता है कि महेश भट्ट की अपनी ही
बेटी पूजा भट्ट पर गलत नजर थी। यह बात पूजा भट्ट अच्छे से जानती थी। पूजा भट्ट ने जब अपने पिता महेश भट्ट से फिल्मों में हीरोइन बनने की ख्वाहिश जाहिर की तो महेश भट्ट पूजा भट्ट को फिल्मों में हीरोइन बनाने के लिए फौरन तैयार हो गए और उन्होंने पूजा से वादा किया कि वे पूजा को फिल्मों की बड़ी हीरोइन बनाकर ही दम लेंगे। महेश भट्ट यह सब इसलिए नहीं करना चाहते थे कि पूजा उनकी लाडली बेटी है। बल्कि वह यह सब इसलिए करना चाहते थे ताकि वह पूजा भट्ट के साथ ज्यादा से ज्यादा करीब आ सके। उस पर नजर रखें ताकि पूजा किसी और के प्यार में ना पड़ जाए। महेश भट्ट पूजा को लेकर बेहद इनसिक्योर रहता था और पूजा की जिंदगी में कोई भी लड़का आए यह उसे कतई मंजूर नहीं था। मगर [संगीत] महेश भट्ट को अपना वादा भी निभाना था कि वह पूजा को एक बड़ी हीरोइन बनाएगा। इसीलिए महेश ने पूजा की अपनी फिल्म डैडी से फिल्मों में एंट्री करवा दी। हैरानी की बात तो यह थी कि महेश भट्ट ने अपनी ही बेटी पूजा से इस फिल्म में बहुत सारे बोल्ड सींस करवाए। पूजा भट्ट भी फिल्मों में हीरोइन बनने के लिए बहुत उतावली थी और कुछ भी कर गुजरने को तैयार थी। डैडी फिल्म साल 1989 में रिलीज [संगीत] हुई। इस फिल्म से पूजा भट्ट की फिल्मों में एंट्री तो जबरदस्त थी मगर यह फिल्म पूजा भट्ट को बड़ी हीरोइन बनाने के लिए काफी नहीं थी। इसके बाद महेश भट्ट ने पूजा भट्ट को लेकर अगली फिल्म बनाई जिसका नाम था दिल है कि मानता नहीं। इस फिल्म के हीरो आमिर खान थे और यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म के लिए पूजा भट्ट को बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिल गया था। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान पूजा आमिर खान के प्यार में पड़ गई थी। मगर आमिर खान पहले से शादीशुदा थे और काम के प्रति बेहद डिसिप्लिन थे। आमिर खान ने पूजा भट्ट को कोई रिस्पांस ही नहीं दिया। पूजा भट्ट बचपन में अपने पिता महेश भट्ट को बिल्कुल पसंद नहीं करती थी। मगर दिल है कि मानता नहीं फिल्म की कामयाबी के बाद पूजा भट्ट की नाराजगी अपने पिता से पूरी तरह खत्म हो गई। बताया जाता है कि पूजा भट्ट बचपन से ही बहुत जिद्दी और बिगड़ैल [संगीत] स्वभाव की थी। पूजा 16 साल की उम्र से ही शराब पीने की लती हो चुकी थी और ऐसी कोई रात नहीं जाती थी
जब पूजा भट्ट शराब नहीं पीती थी। पूजा अपने करियर को लेकर बिल्कुल बेफिक्र थी क्योंकि वह जानती थी कि उनका बाप महेश भट्ट एक बहुत बड़ा डायरेक्टर है। जिस वजह से पूजा को फिल्मों की कोई कमी [संगीत] नहीं रहेगी। पूजा फिल्म की शूटिंग के दौरान हमेशा अपनी मनमानी चलाती थी। जब मर्जी शूटिंग पर आना, जब मर्जी चले जाना, बेहद इनडिसिप्लिंड तरीके से जीना यह सब पूजा की आदतें थी। वो जब मर्जी किसी भी एक्टर को अपने [संगीत] पिता की फिल्म से बाहर निकलवा सकती थी। पूजा की बदतमीजी को बर्दाश्त करना दूसरे डायरेक्टरों के लिए या एक्टरों के लिए मजबूरी बन गई थी। साल 1991 में पूजा भट्ट की एक और फिल्म आई जो थी सड़क। इसका डायरेक्शन भी महेश भट्ट ने ही किया था। यह फिल्म भी सुपरहिट साबित हुई क्योंकि इस फिल्म के गाने भी सुपरहिट थे और इस फिल्म की कहानी भी लाजवाब थी। संजय दत्त इसमें मेन हीरो थे। इस फिल्म के शूटिंग के दौरान पूजा भट्ट सच में ही संजय दत्त के प्यार में पड़ गई और उनका अफेयर शुरू हो गया। महीनों तक संजय और [संगीत] पूजा एक दूसरे को डेट करते रहे। मगर जब महेश भट्ट को इस अफेयर के बारे में पता चला तो महेश भट्ट ने किसी तरह इनका अफेयर खत्म करवा दिया। इसके बाद महेश भट्ट ने अपनी ही बेटी पूजा भट्ट को लिप लॉक किस करते हुए एक फोटोशूट करवाया था। यह फोटोशूट एक मैगजीन के लिए किया गया था। यह मैगजीन छपकर पब्लिक में आई तो हड़कंप मच गया। तब पब्लिक ने इसकी इस हरकत को बहुत ही ज्यादा घिनौना और शर्मनाक बताया। इसके अलावा इन बाप बेटी के और भी कई सारे फोटो थे जो पब्लिक में वायरल हो गए। महेश [संगीत] भट्ट तो पहले से ही अपनी हरकतों के लिए बदनाम था। मगर इस बार महेश भट्ट ने ऐसी हरकत कर डाली जिसे [संगीत] लोग बर्दाश्त नहीं कर पाए। हर अखबार और न्यूज़ में इन बाप बेटी को समाज से बाहर निकालने की बातें होने लगी। ज्यादा बवाल तो तब खड़ा हुआ जब महेश भट्ट से एक रिपोर्टर ने इस किसिंग शूट के बारे में पूछा। तब महेश भट्ट ने बड़ी बेशर्मी से जवाब देते हुए कहा कि मैंने अपनी बेटी को किस किया तो इसमें क्या बुराई [संगीत] है? यह बेहद खूबसूरत है। अगर यह बेटी ना होती तो मैं इससे शादी कर लेता। महेश भट्ट के इस जवाब पर पब्लिक [संगीत] और भड़क गई और महेश भट्ट पर एक घटिया इंसान और घटिया बाप होने का ठप्पा लगा दिया। पब्लिक का कहना था कि जो बाप अपनी बेटी के लिए इस तरह के ख्याल रखता है उसे समाज से बाहर कर देना चाहिए। ऐसे लोगों को समाज में रहने का कोई हक नहीं होना चाहिए। अपनी ही बेटी को गंदी नजर से देखते हो। हैरानी की बात तो यह है कि पब्लिक से इतनी गालियां और जलालत खाने के बाद भी इन बाप [संगीत] बेटी को रत्ती भर भी कोई फर्क नहीं पड़ा। पूजा भट्ट से भी जब अपने पिता की इस हरकत के बारे में पूछा गया तब पूजा भट्ट ने बड़ी ही बेशर्मी से जवाब देते हुए कहा था कि मेरे पिता ने मुझे किस किया है। इसमें दूसरे लोगों को क्यों परेशानी हो रही है? हम जो चाहे करें। यह हमारा पर्सनल मैटर है। इसमें [संगीत] किसी को कुछ कहने का कोई हक नहीं। पूजा के इस बयान के बाद पब्लिक को यह तो समझ आ गया था कि पूजा भट्ट में भी पूरी तरह से महेश भट्ट को लेकर कोई ना कोई खिचड़ी तो जरूर पक रही है। पूजा ने भी उसी बेशर्मी से जवाब दिया जिस तरह से महेश भट्ट का जवाब था। यानी समाज में बेशक थूथू हो रही हो मगर इस बाप बेटी को घंटा कोई फर्क नहीं पड़ा। उसके बाद भी महेश भट्ट ने पूजा को लेकर कई फिल्में बनाई जैसे फिर तेरी कहानी याद आई। जानम और जुनून। इन तीनों ही फिल्मों में पूजा भट्ट [संगीत] के हीरो राहुल राय थे। पूजा भट्ट की आदत थी कि वह जिस भी हीरो के साथ फिल्म में काम करती थी, रियल में उसी के प्यार में पड़ जाती थी। इस बार वो राहुल रॉय के प्यार में पड़ गई और राहुल राय को डेट करने लगी। वैसे तो राहुल राय को महेश भट्ट काफी पसंद किया करते थे। मगर राहुल राय को एक बड़ा हीरो महेश भट्ट ने ही बनाया था। राहुल राय की पहली मूवी आशिकी थी जो कि ब्लॉकबस्टर साबित हुई और राहुल राय रातोंरात सुपरस्टार बन [संगीत] गए थे। आशिकी की इस फिल्म की कामयाबी के बाद ही महेश भट्ट ने राहुल राय और पूजा भट्ट को लेकर कई और फिल्में बनाई। मगर जब महेश भट्ट को यह पता चला कि पूजा और राहुल एक दूसरे के प्यार में पड़ गए हैं तो महेश [संगीत] भट्ट इस बात को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर पाए। राहुल और पूजा एक दूसरे [संगीत] को लेकर काफी सीरियस थे और शादी भी करना चाहते थे। मगर महेश भट्ट को यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं था कि पूजा किसी के प्यार में पड़ जाए। महेश भट्ट ने पूजा भट्ट पर कुछ दिनों के लिए कई सारी पाबंदियां लगा दी। इसका नतीजा यह हुआ कि पूजा डिप्रेशन में चली गई और बहुत ही ज्यादा शराब पीने लगी। दूसरी तरफ महेश भट्ट राहुल रॉय के बुरी तरह पीछे पड़ गए। महेश भट्ट ने राहुल राय को पूरी तरह बर्बाद करने की कसम खा ली। महेश भट्ट की फिल्मी दुनिया में अच्छी खासी जान पहचान थी। महेश भट्ट ने राहुल राय को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। यानी जिस राहुल राय को महेश भट्ट ने ही स्टार बनाया था, उसी राहुल राय को महेश भट्ट ने वापस कंगाल भी बना दिया।
महेश भट्ट ने अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए राहुल राय को फिल्म इंडस्ट्री से पूरी तरह बाहर करवा दिया। राहुल राय की पूरी तरह बर्बादी के बाद और फ्लॉप हो जाने के बाद पूजा भट्ट और राहुल राय का ब्रेकअप हो गया क्योंकि पूजा भट्ट भी इतनी सीधी और लॉयल नहीं थी कि राहुल राय के बर्बाद हो जाने के बाद भी उसे चाहती रहती। खैर पूजा भट्ट ने भी राहुल राय को छोड़ा और आगे बढ़ गई। इसके बाद पूजा भट्ट की अगली कुछ फिल्में मिथुन चक्रवर्ती के साथ आई जिसमें तड़ीपार, नाराज और गुनहगार थी। इस बार भी वही हुआ जो हर बार होता आया था। पूजा भट्ट [संगीत] मिथुन के प्यार में पड़ गई। मिथुन भी पूजा की खूबसूरती पर फिदा हो गए। जब महेश भट्ट को पूजा और मिथुन के अफेयर के बारे में पता चला तब महेश भट्ट को यह भी बर्दाश्त नहीं हुआ। इस बार भी महेश भट्ट कोई तड़म लगाकर इनका अफेयर खत्म करवाने की कोशिश करने लगा। महेश भट्ट मिथुन चक्रवर्ती का वैसे तो कुछ नहीं बिगाड़ सकता था क्योंकि मिथुन चक्रवर्ती का करियर पहले से ही बनाया बनाया था। मिथुन की फिल्मी दुनिया में बड़े-बड़े लोगों से अच्छी बातचीत थी। इसीलिए महेश भट्ट ने पूजा और मिथुन को अलग करने की अलग ही चाल खेली। महेश भट्ट ने मिथुन चक्रवर्ती की पत्नी को मिथुन और पूजा के अफेयर के बारे में सब कुछ बता दिया। इससे हुआ यह कि मिथुन की शादीशुदा जिंदगी में भूचाल आ गया और मिथुन की पत्नी ने इन दोनों का अफेयर पूरी तरह खत्म करवा दिया। इस बार भी महेश भट्ट को एक बड़ी कामयाबी मिली। जबजब पूजा भट्ट की जिंदगी में किसी मर्द ने दस्तक दी तब-तब महेश भट्ट ने पूजा की जिंदगी में एक विलेन का किरदार निभाया। दरअसल [संगीत] महेश भट्ट यह चाहता ही नहीं था कि पूजा की जिंदगी में कोई मर्द आए। फिर पूजा का घर बस जाए। पूजा इस बात से बहुत डिस्टर्ब रहती। पूजा की शराब पीने की आदत दिन प्रतिदिन बढ़ती ही चली गई। वो इतनी शराब पीना शुरू कर चुकी थी कि अक्सर पूजा के दोस्त नशे में धुत पूजा को घर छोड़ने आते थे। पूजा भट्ट बेशक शराब की आदि थी। मगर पूजा भट्ट को फिल्मों की कोई कमी नहीं थी क्योंकि वह महेश भट्ट की लाडली यानी अपने पापा की परी थी। महेश भट्ट ने खुद तो दो शादियां की थी। मगर वह पूजा की एक भी शादी नहीं होने देना चाहता था। पूजा भट्ट आज तक सिंगल हैं। जिसका कारण महेश भट्ट हैं। इसके अलावा महेश भट्ट का नाम कई [संगीत] सारी नई एक्ट्रेसेस के साथ जुड़ता रहा जिसमें जिया खान, रिया चक्रवर्ती और भी कई सारे नाम शामिल हैं। बेशक महेश भट्ट ने बॉलीवुड को कई शानदार फिल्में दी। मगर यह बात भी सच है कि बॉलीवुड में सबसे ज्यादा गंद भी महेश भट्ट ने ही मचाया था। महेश भट्ट हर उस एक्ट्रेस का गलत फायदा उठाया करता था जो फिल्मों [संगीत] में काम करने की ख्वाहिश लेकर मुंबई आया करती थी। महेश भट्ट हर उस बंदे को बर्बाद कर देता था जो उसके रिलेशन के बीच में आता था। सुशांत सिंह राजपूत को बर्बाद करने में भी महेश भट्ट का एक बहुत बड़ा [संगीत] हाथ था जिसका कारण रिया चक्रवर्ती थी। दरअसल रिया चक्रवर्ती डबल गेम खेल रही थी। वो एक तरफ सुशांत के साथ कई सालों से रिलेशनशिप में थी तो दूसरी तरफ वो महेश भट्ट के साथ भी रिलेशन में थी और यही बात महेश भट्ट को [संगीत] नागवारा थी। महेश भट्ट को लगने लगा था कि सुशांत रिया को महेश भट्ट से हमेशा के लिए दूर कर देगा। जबकि उसमें सुशांत की दूर-दूर तक कोई गलती नहीं थी। सुशांत रिया के साथ काफी [संगीत]
अच्छी खासी सीरियस रिलेशनशिप में था और शादी भी करना चाहता था। मगर असल में रिया ही दोनों तरफ का खेल खेल रही थी। रिया की गलती की सजा बेचारे सुशांत को भुगतनी पड़ी। महेश भट्ट सुशांत के पीछे बुरी तरह से पड़ चुका था और उसे किसी भी हालत में [संगीत] बर्बाद कर देना चाहता था। महेश भट्ट की फिल्मी दुनिया में अच्छी खासी पहचान थी। उसने सुशांत को बहुत सारे प्रोडक्शन कंपनियों से बैन करवा दिया। जिसका नतीजा यह हुआ कि सुशांत के पास बॉलीवुड में कोई काम ही नहीं बचा और वो डिप्रेशन में चला गया और इसके बाद उसके साथ जो हुआ वो आप सब जानते हैं। मैंने मेरी पिछली वीडियो में सुशांत की लाइफ के बारे में डिटेल से बात की है। आप चाहे तो उस वीडियो को पूरा देख सकते हैं और असली सच्चाई जान सकते हैं। उसकी बर्बादी में किन-किन लोगों का हाथ था। सब कुछ मैंने डिटेल में समझाया है। उस वीडियो का लिंक मैंने डिस्क्रिप्शन में भी दे दिया है। आप उसे भी देख सकते हैं और ऊपर आई बटन पर भी आपको वो वीडियो दिख जाएगी। दोस्तों, यह बात सही है कि महेश भट्ट ने कई सारे नए एक्टर्स को फिल्मों में लॉन्च दिया। मगर यह बात भी सही है कि उसी महेश भट्ट ने कई सारे एक्टर्स का करियर बेवजह उड़ा भी दिया। महेश भट्ट हर उस एक्ट्रेस का फायदा उठाया करता था जो फिल्मों में हीरोइन बनना चाहती थी। उसकी ठरकपने की आदत से उसकी खुद की बेटी पूजा भट्ट भी नहीं बच सकी। दोस्तों, ऐसे ठरकी इंसान के बारे में आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइएगा।