कुछ खबरें ऐसी होती हैं जिन्हें सुनते ही इंसान कुछ पल के लिए बिल्कुल खामोश हो जाता है। फोन की स्क्रीन पर एक खबर आती है और अचानक हजारों लाखों लोगों की आंखें नम हो जाती है। कोई यकीन ही नहीं कर पाता। कोई बार-बार वही खबर पढ़ता है और कोई बस यही सोचता रह जाता है कि ऐसा कैसे हो सकता है और ऐसा ही हुआ बॉलीवुड के एक मशहूर सिंगर की की खबर आने के बाद क्योंकि जिस शख्स की मौजूदगी से महफिलें सजती थी जिसकी एक झलक पाने के लिए लोग घंटों इंतजार करते थे .
आज वही शख्स सिर्फ तस्वीरों में नजर आ रहा है। आखिर क्यों एक हंसता मुस्कुराता चेहरा अचानक लाखों लोगों की आंखों में आंसू छोड़ गया। आज की यह कहानी है सिंगर जुबीन गर्ग की। एक ऐसे शख्स की जिसकी पहचान सिर्फ स्टेज और म्यूजिक तक सीमित नहीं थी। असम के लिए वो एक भावना थे, एक आवाज थे और लाखों लोगों की जिंदगी की अनगिनत यादों का हिस्सा थे। लेकिन 19 सितंबर को सिंगापुर से आई एक खबर ने इस पूरी कहानी को हमेशा के लिए बदल दिया था।
2025 में जुबिन गर्ग की सिंगापुर में एक यॉर्क ट्रिप के दौरान में अगले दिन उन्हें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्मेंस देना था। लेकिन वो मंच उनका इंतजार ही करता रह गया और जुबीन कभी वहां पहुंच ही नहीं सके। सिंगापुर पुलिस के मुताबिक 19 सितंबर को जुबेन एक और ट्रिप पर गए थे। लेज़रस आइलैंड के पास पहले थी। लेकिन बाद में उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वहआवाज हमेशा के लिए खामोश हो गए जिसे असम अपनी आवाज मानता था।
लेकिन असली कहानी इसके बाद शुरू हुई। जुबीन के निधन की खबर जैसे ही असम पहुंची तो लोग सड़कों पर निकल आए। उनके के लिए ऐसी भीड़ उमड़ी कि कई जगह रास्ते हो गए। जब उनके को गुवाहाटी लाया गया तो एयरपोर्ट से लेकर उनके घर तक लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।एक रिपोर्ट के मुताबिक आमतौर पर जिस रास्ते को तय करने में करीब 40 मिनट लगते हैं, वहां उनके को लेकर चल रही को भारी भीड़ की वजह से करीब 7 घंटे लगे। सोचिए एक कलाकार के लिए लोग घंटों सड़कों पर खड़े थे। कोई उन्हें आखिरी बार देखना चाहता था। कोई हाथ जोड़कर खड़ा था। कोई रो रहा था और कोई बस दूर खड़े होकर उस भीड़ का हिस्सा बना हुआ था।