टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में इस वक्त का एक बड़ा अपडेट है। आपको बता दें दिल्ली में तीन महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। महिलाओं पर शूटर्स को हथियार मुहैया कराने का आरोप लगा है। मुंबई पुलिस को तीनों महिलाओं की कस्टडी सौंप दी गई है। तो हैरान कर देने वाला यह मामला सामने आया कि तीन शूटर्स नहीं दिल्ली से तीन महिलाओं को भी कस्टडी में लिया गया है और इन महिलाओं पर आरोप है कि शूटर्स को हथियार मुहैया कराने में इन महिलाओं का हाथ था। फिलहाल इन तीनों महिलाओं को मुंबई पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया गया है। तो बड़ी खबर आपको बता दें टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग मामलेसे जुड़ा हुआ टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग से जुड़े तीनों आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें मुंबई ले जाया गया लेकिन दिल्ली से भी इस मामले में बड़ी कारवाई हुई है।
संवाददाता राकेश फोन लाइन पर जुड़ चुके हैं। राकेश इन तीन महिलाओं के बारे में क्या जानकारी मिल पाई है जो दिल्ली की रहने वाली हैं? देखिए मुंबई पुलिस लगातार उन किरदारों की को तलाश की थी जिन्होंने इसको बाइक सप्लाई की, घर सप्लाई किया और वेपन सप्लाई किया। हालांकि जो वेपन है वो अब तक बरामद नहीं हो पाया लेकिन पुलिस को अपने की जांच में जो है यह जरूर पता चला कि ये जो वेपन सप्लाई किया गया वो दिल्ली में कुछ महिलाएं हैं उन्होंने सप्लाई की। बीती रात जब कोटा में इनसे लगातार पूछताछ की गई है। उस पूछताछ के दौरान उन्होंने ये खुलासा किया जिसके बाद ये जानकारी मिली और पुलिस ने मुंबई पुलिस ने दिल्ली के साथ में मिलके एक जॉइंट ऑपरेशन किया है और इन तीन महिलाओं को जो है हिरासत में पहले लिया गया।
इसके बाद इन्हें अब जो बताया जा रहा है कि मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है। खासतौर से दो जो पिस्टल है वो इन्हें सप्लाई की गई थी। हालांकि अब तक पुलिस ने यह साफ नहीं किया कि ये पिस्तल जो है वो कंट्री मेड पिस्तल थी या फिर यह टर्की की बनी हुई जिगना पिस्टल थी। हालांकि एक हमने सीसीटीवी में जो हमने वीडियो जो सामने आया उसमें देखा कि एक जो शूटर है वो लगातार फायर करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन कहीं ना कहीं उसमें एक वेपन माल फंक्शन हो गया था। जिसकी वजह से दो बार उसने कोशिश की लेकिन गोली नहीं चली। घटना स्थल की अगर मैं बात करूं तो वहां पर सात राउंड फायर हुए जिसमें से पांच के जो खाली कार्ट है वह मिले हैं। जबकि दो जिंदा गोलियां जो है वह पुलिस ने बरामद की हैं। यह बड़ी बात है कि वह दो जो दो जो जिंदा गोलियां बरामद हुई है वो उसी माल फंक्शन की हो सकती है जब वो गोली चलाने की कोशिश कर रहा था। गोली फायर नहीं हुई।
हो सकता है कि जो पूरी कार्टरीज की गोलियां थी वो बाहर निकल के गिर गई। तो ये जो दोनों हथियार हैं ये हथियार इन्हीं महिलाओं ने सप्लाई किए थे। पुलिस इनको अब गिरफ्तार करने के बाद मुंबई लेकर के आएगी और इस मामले की जांच को और आगे बढ़ाएगी तब पता चलेगा कि कौन से ग्वालु थे और उसके लिए कितनी रकम इनको चुकाई गई थी और कैसे बिश्नोई गैंग जो है उसमें ये एक अहम किरदार निभाते हैं। निश्चित तौर पर और इससे जुड़े तमाम किरदारों को एक-एक कर रेस किया जा रहा है। ट्रैक किया जा रहा है और उन्हें पकड़ा जा रहा है। बने रहिएगा राकेश फोन लाइन पर। एक और बड़ा खुलासा टाइगर स्ट्रॉफ फायरिंग केस से जुड़ी हुई जानकारी।
किसी और सेलिब्रिटी को मारने की प्लानिंग में थे ये तीनों शूटर्स। टाइगर इन आरोपियों के निशाने पर थे ही नहीं। आरोपियों से पूछताछ में ये बहुत ही बड़ा चौंका देने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल टाइगर जो है वो पुलिस सुरक्षा में नहीं रहते। उनके पास उस वक्त कोई गार्ड्स भी मौजूद नहीं थे। पुलिस सुरक्षा भी नहीं थी। आसान टारगेट थे। तो तरीके से खौफ के लिए खौफ पैदा करने के लिए इन लोगों ने टाइगर को अपना टारगेट बना लिया और दहशत के इरादे से साजिश रची। राकेश ये बहुत ही सनसनीखेज और बहुत बड़ा खुलासा है।
टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर सात राउंड फायरिंग आप बताते हैं हो रही है लेकिन टारगेट पर टाइगर थे ही नहीं। बिल्कुल देखिए ये जो दावा है ये इन शूटर्स ने किया हुआ है पूछताछ के दौरान। लेकिन जो मुंबई क्राइम ब्रांच के जो बड़े आला अधिकारी हैं वो इनके दावों को अभी बहुत ज्यादा गंभीरता से भी नहीं ले रहे। उनका ये कहना है कि ये वेल ट्रेंड क्रिमिनल्स हैं। इनको जो है जांच एजेंसी को कैसे भटकाना है इसकी एक अच्छी खासी ट्रेनिंग दी गई कहीं ना कहीं ये ऐसे दावा इसलिए भी कर रहे हैं ताकि जो जांच एजेंसी है उसका ध्यान भटकते वो दूसरे जो एक्टर्स हैं उसके तरफ भी चली जाए। हालांकि कौन से एक्टर को ये धमकाने के लिए आए थे या निशाना बनाने आए थे वो नाम भी इन्होंने अब तक नहीं बताया है। तो इसीलिए पुलिस जो है लगातार ये जो जो खुलासे कर रहे हैं सबको वो वेरीफाई कर गई है। लेकिन ये बात जरूर है कि बीती रात जब ये पूछताछ चल रही थी तब उन्होंने बताया कि हम जब वहां आए थे हमें कोई और निशाने पे था। लेकिन टाइगर श्रॉफ की जो सिक्योरिटी वहां पे कोई थी नहीं।
उनके पास कोई बुलेट प्रूफ कार नहीं थी। उनके पास जो एक्सेस था वो बड़ी आसानी से था। इसीलिए हमने जो उनको अपना निशाना बनाया। वरना जब हम पहले वहां पर आए थे तो हमारा टारगेट कोई और था। अब ऐसे में वो टारगेट कौन था यह वो अब तक खुलासा नहीं कर पाए। लेकिन इन इन तमाम खुलासों पर भी अभी काफी पेंच बने हुए हैं राकेश क्योंकि जो फायरिंग हुई उसके बाद जो गैंग का कबूलनामा आया उसमें तो साफ तौर पर उन्होंने कहा था कि टाइगर श्रॉफ पर जो फायरिंग हो रही है वो हम करवा रहे हैं इसलिए करवा रहे हैं क्योंकि सलमान से उनकी काफी करीबी है रिश्ते हैं और मना करने के बावजूद टाइगर मानते नहीं है और अब ये आरोपी कह रहे हैं जो शूटर्स थे वो कह रहे हैं कि हमारे टायर गेट पर टाइगर नहीं कोई और सेलिब्रिटी था। बहरहाल जांच का विषय है। तमाम तथ्य धीरे-धीरे सामने आएंगे। मुंबई पुलिस भी पूछताछ में लगी हुई है। राकेश शुक्रिया आपका पूरी जानकारी के लिए। इधर बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, शूटर्स के रचे इस शातिराना चक्रव्यूह की कुछ परतें भी खुलती जा रही हैं।
तीनों आरोपियों ने फायरिंग के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले से ही एक बहुत शातिर प्लान तैयार रखा था। आरोपी रितिक की साजिश थी कि करीब 2 महीने बाद उसने पहले 2 महीने तक उसने अपने बाल लंबे किए और फिर इस घटना को अंजाम देने के बाद अचानक सिर मुंडवा लिया। यह तस्वीरें जो आप स्क्रीन पर देख रहे हैं बिफोर एंड आफ्टर पुराना लुक था वो हल्के लंबे बालों वाला और दूसरा लुक है जिसमें उसने पूरा सर मुंडवा लिया है अपना हुलिया बदलने के इरादे से इलाके के लोग पहचान ना सके इसलिए यह लुक अपनाया अब आरोपी ऋतिक को बाइक बेचने वाले शख्स तक टाइम्स नाउन भारत पहुंची है जिसने हमले की साजिश 2 महीने पहले से शुरू कर दी थी। आरोपी रतिक ने पीले रंग की पल्सर तकरीबन 1ढ़ महीने पहले अंधेरी वेस्ट से खरीदी थी। आप बताइए ये आपके पास ये कौन सी बाइक थी आपने ये रितिक को कब दी थी? कितना टाइम हुआ? ये मेरा भतीजा था। भतीजे के साथ में बाइक खरीदा था उसने।
वो बाइक खरीदने के बाद ये अभी सौदा हुआ 1ढ़ महीना पहला वो बेचने के लिए निकाला था बाइक वो आयावाया थ्रू आ गया दोस्तों के थ्रू आके उसने खरीद के ले गया। तो आपने भी किसी और से ली थी बाइक? हां जी। तो आपने कितने समय पहले ली हो? हमको लेके 1ढ़ साल हुआ था। अच्छा। 1ढ़ साल तो हमारे पास थी गाड़ी। तो क्या गाड़ी जो है आपके नाम पे ट्रांसफर हो चुकी थी या फिर गीत के नाम पे ट्रांसफर ट्रांसफर इसलिए नहीं किया कि वो गाड़ी जो है ना वो उसका वैल्यू कम हो जाता है तो अगर बेचने के टाइम पे फिर उसका वो नहीं आता बोल के हम लोग ने नाम पे नहीं करे चला रहे थे अब वो पेट्रोल वगैरह का कुछ काम उसमें निकलने की वजह से उसको बेचना पड़ा हमको अच्छा हां तो फिर वो रितिक कैसे कांटेक्ट में आया कुछ चीज जान रितिक को हम लोग कोई जानता ही नहीं है ना इधर कोई जानता वो वायावाया आया था आके लेके गया उसको यह भी नहीं मालूम कि वो रितिक है ये है ये आने वाला कुछ कितने में बेची होगी।
यह मेरे हिसाब 25 से 30 के लगभग अंदर ही उसका है और फिर आप लोगों ने उसीलिए भी वापस ट्रांसफर नहीं करवाया क्योंकि उसकी भी कीमत कम होगी उस रितिक के नाम हां हम लोग उसको वो कराए नहीं करा वो नहीं मालूम लेकिन हम लोग ने जो करे ना कि इसलिए नहीं करे कि उसका वैल्यू कम होगा वापस से अपने को नहीं पीले रंग की पल्सर की बात हां पीले रंग की पल्स