टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद एक बार फिर जिगाना पिस्टल की चर्चा हो रही है। वही जिगाना पिस्टल जिसका नाम सिद्धू मूसेवाला की हत्या से लेकर माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या जैसे कई चर्चित मामलों में सामने आया। पर यह पिस्तल भारत में बैन है। इसके बावजूद पुलिस ऐसा दावा करती आई है कि चर्चित व्यक्तियों की हत्या के लिए इसका इस्तेमाल हुआ है। इसके मौजूदा इस्तेमाल के साथ कई सवाल मन में आते हैं कि आखिर जिगाना पिस्टल है क्या? यह भारत में कैसे पहुंचती है? भारत में बैन कब और क्यों हुई? और सबसे अहम सवाल क्या टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में इसी पिस्तल का इस्तेमाल हुआ है?
इन सवालों के जवाब जानने के लिए पहले टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को समझते हैं। उसके साथ इस पिस्तल की कहानी भी। 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जूहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी के पास फायरिंग की घटना सामने आई।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक अटैकर्स ने सात राउंड फायरिंग किए। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए लेकिन उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक व्यक्ति को गोली लगने की खबर आई। हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य ने ली। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मौके पर मिली हुई गोलियां 7.62 एमएम की है और पांच खाली खोखे भी मिले हैं।
पुलिस को शक है कि हमलावरों की बंदूक में कोई खराबी हुई होगी। जिसकी वजह से एक पूरी गोली बंदूक से बाहर निकल गई। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि अटैकर्स में से किसी ने तुर्किए में बनी जिगाना पिस्तल तो इस्तेमाल नहीं की थी। जिगाना पिस्तल पर शक इसलिए भी किया जा रहा है क्योंकि इसके पहले भी कई हमलों में इसका इस्तेमाल किया जा चुका है। अब जानते हैं जिगाना पिस्टल क्या है?
जिगाना तुर्किए में बनने वाली पिस्तलों की एक सीरीज है। इसे टिसास यानी कि टीआईएसएस नाम की कंपनी बनाती है। कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक जिगाना सीरीज के शुरुआती मॉडल का प्रोडक्शन 2001 में दर्ज है। इस सीरीज में 17 मॉडल आते हैं। इनमें से कई सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल हैं। जिगाना टी ब्लैक्स जैसे कुछ मॉडलों में 9 * 19 एमm यानी 9 एमm पैरेबलम कारतूस इस्तेमाल होता है। अलग-अलग मॉडलों की तकनीकी विशेषताएं अलग हैं। इसकी खासियत की बात करें तो टर्किश डिफेंस इंडस्ट्री के मुताबिक जिगाना पिस्टल से एक गोली चलाने पर एक राउंड फायर होता है। इसके बाद इसका सेमी ऑटोमेटिक मैकेनिज्म अगली गोली को अपने आप फायर करने के लिए तैयार करता है। इसके कई वेरिएंट में ज्यादा क्षमता वाली मैगजीन होती है। वहीं इसके कुछ मॉडल में पॉलीमर से बना फ्रेम इस्तेमाल किया जाता है। जिगाना को आमतौर पर अच्छी सटीकता के लिए जाना जाता है। इसकी कीमत 6 से 7 लाख तक हो सकती है।
यह कुछ जानकारी रही पिस्टल के बारे में। अब उस सवाल पर कि किन-किन हाई प्रोफाइल किलिंग्स में जिगाना का इस्तेमाल हुआ। इसमें सबसे बड़ा नाम है सिद्धू मूसेवाला की हत्या। 29 मई 2022 को पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस जांच में इस हत्या में तुर्किए में बनी जिगाना पिस्तल का कनेक्शन सामने आया। साल 2022 में पाकिस्तान में ऐसी पिस्तलों की स्मगलिंग की गई थी और उन्हें लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े शूटर्स तक पहुंचाया गया था। साल 2025 में दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान भी इसी आम सिंडिकेट का कनेक्शन सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जोड़ा गया। उसके बाद 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हत्या कर दी गई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस हत्या में भी जिगाना पिस्तल का इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत के अवैध हथियार बाजार में इन पिस्तलों की कीमत करीब ₹ लाख तक हो सकती है और यह इंडिया में बैन है। उसी तरह बाबा सिद्दीकी की हत्या में जिगाना पिस्तल के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिश्नोई गैंग जिगाना पिस्तल का इस्तेमाल कर सलमान खान की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे। अब जिगाना पिस्तल भारत में बैन क्यों है?
उसको जान लेते हैं। जिगाना पर भारत में अलग से कोई जिगाना बैन कानून नहीं है। जिगाना के कई मॉडल और कैलिबर हैं। भारत में किसी विदेशी पिस्टल की कानूनी स्थिति उसके मॉडर्न कैलिबर फायरिंग मैकेनिज्म और लागू आर्म्स कानून के तहत तय होती है। अपराध में कई बड़े मामलों में इस्तेमाल हुई 9 एमएम जिगाना पिस्तलों को पुलिस रिकॉर्ड्स में अवैध हथियारों के तौर पर बताया गया है। अब जिगाना और उसके जैसे हथियार भारत में आते कैसे हैं? उसको जान लेते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जिगाना अवैध तस्करी मतलब इललीगल स्मगलिंग के जरिए पहुंचने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। जांच के मुताबिक पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर हथियार गिराए जाते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान से हथियार पहले नेपाल भेजकर वहां से एयर कारगो या दूसरे रास्तों से भारत लाने का नेटवर्क भी सामने आया है। इसमें एक और ध्यान देने वाली बात ये है कि ये जरूरी नहीं है कि भारत में जो बरामद जिगाना हथियार है वो तुर्कियों में ही बनी हुई हो। पाकिस्तान में जिगाना की कॉपियां बनाने जाने की बात सामने आई है और उन्हें भारत में भेजे जाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस जांच में जिगाना जैसे कई ऐसे हथियार बरामद किए गए थे।
कई केसेस में पुलिस को डाउट था। पर इस बात की कंफर्मेशन नहीं है कि एग्जैक्ट जिगाना पिस्तल का ही इस्तेमाल हुआ था। और यही बातें टाइगर श्रॉफ वाले केस में भी अप्लाई होती है। पुलिस की फॉरेंसिक जांच और बैलेस्टिक रिपोर्ट के बाद ही क्लेरिटी मिल पाएगी।