कोई नाइंथ फेल था, कोई रैपिडो चलाता था तो कोई टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था। मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले तीनों शूटर्स के बारे में अब और जानकारी सामने आ गई है। 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जूहू इलाके में एक फुटबॉल क्लब से निकलते समय टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई गई थी। टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी लेकिन उनके ड्राइवर और एक ऑटो ड्राइवर के घायल होने की खबर सामने आई।
अगले दिन यानी 19 अक्टूबर कोतीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया गया। पुलिस ने इस मामले में तीनों को [संगीत] गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। जबकि तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला है। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक जो जानकारियां इन तीनों के बारे में सामने आई है, उससे पता चलता है कि तीनों का बैकग्राउंड एक दूसरेसे बहुत अलग था।
सोनीपत के रहने वाले एक आरोपी रिहान ने नाइंथ क्लास में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। रिहान हरियाणा के सोनीपत जिले के देवरू गांव का रहने वाला है। उसके परिवार के मुताबिकवो नाइंथ में फेल हुआ। उसके बाद उसने पढ़ाई छोड़कर काम की तलाश करना शुरू कर दिया।रिहान का परिवार बताता है कि वह पहले भी अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने वेल्डिंग का काम शुरू कर दिया था। परिवार को लगा था कि वह मेहनत मजदूरी करके अपनी जिंदगी ठीक करने की कोशिश कर रहा है। रिहान अपनी मां शमशीदा और छोटे भाई के साथ अपने मामा के घर रहता था। उसकी मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं। परिवार के मुताबिक रिहान करीब 12 साल पहले अपने पिता से अलग हो गया था।
रिहान की मौसी अफसाना ने बताया कि बकरी ईद पर वह घर आया था। त्यौहार मनाने के बाद उसने कहा कि वह काम पर जा रहा है और घर से निकल गया। परिवार को अंदाजा नहीं था कि उसका नाम टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में सामने आएगा। आज तक संवाददाता पवन राठी ने रिहान के पिता से बात की है। उन्होंने और क्या बताया सुनिए। भाई सुबह मीडिया वालों ने आकर मेरे को बताया। क्या बताया? आपका लड़का रिहान हां जी। मैंने बोला वो आपको पता है वो टाइगर पर गोली चला दी। जी मेरे को तो पता नहीं। मेरे को तो आप ही ने बताया जी। कितने दिन पहले गया था आपके पास से? चार पांच महीने पहले से लापता है।
क्या मेरे पास से तो तीन 10 12 साल से रहता है जी मेरे पास अपनी मम्मी के पास से चार पांच महीने पहले से गया था। उससे पहले भी मतलब के पास एक दो दिन के नाम का आया था। एक दो दिन के बाद फिर चला गया था। जी उससे भी ना मिला। क्या कह के गया था? ये कह गया था गुड़गांव में काम करूं।
क्या काम करते हो? क्या बताया? ये वेल्डिंग का काम बताया था जी। मेरे को कभी आपसे बातचीत हुई हो? मेरे से कोई बातचीत नहीं हुई। कभी 12 साल में कोई बात नहीं। क्या काम करता था? वो बेल्ट यहां काम करता था। कहां तक पढ़ा है? नौवीं तक पड़ा है। जी। आगे क्यों नहीं पड़ा? पता नहीं। जी। मां के पास मां के पास ही रहता है। जी वो वैसे पैदा हुआ रहता है। आपके कारण आपके पास क्यों नहीं पी? क्यों? नशा पता करता हूं। जी मैं इस मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी नाबालिक है। वो सोनीपत का ही रहने वाला है। उसके पिता के मुताबिक उनका बेटा गुहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था। पिता ने बताया कि उनका बेटा 13 तारीख को घर आया था। इसके बाद वह कहां गया इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। बेटे का नाम फायरिंग जैसे गंभीर मामले में सामने आने से परिवार सदमे में है।
नाबालिक के पिता खुद दिव्यांग हैं और ईंट तोड़कर मजदूरी करते हैं। इसी कमाई से उनके परिवार का खर्च चलता है। पिता ने आशंका जताई कि कहीं कोई उनके बेटे को बहला फुसलाकर अपने साथ तो नहीं ले गया। उन्होंने फायरिंग की घटना को भी गलत बताया है। वहीं इस मामले में गिरफ्तार तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला है। उसका नाम रितिक कुमार उर्फ़ रोशन बताया गया है। वो मुंबई में रैपिडो चलाता था। यानी बाइक से लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करता था। हालांकि उसके बारे में अभी अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जैसे ही जानकारी सामने आएगी वो भी आप तक पहुंचाएंगे। पुलिस के मुताबिक फायरिंग के बादस तीनों आरोपी मुंबई से ट्रेन में बैठकर दिल्ली की तरफ जा रहे थे। मुंबई पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने कोटा रेलवे स्टेशन पर कारवाई की। तीनों को ट्रेन से पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक वे नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।
हालांकि इस योजना के बारे में भी अभी पूरी जानकारी साफ नहीं है। फिलहाल पुलिस यह पता करने की कोशिश कर रही है कि तीनों आरोपी एक दूसरे को कैसे जानते थे और फायरिंग की घटना में उनकी भूमिका क्या थी। इस मामले में कोटा पुलिस ने बताया है कि आरोपियों को हमले के लिए तैयार किया गया था। पुलिस के मुताबिक उन्हें ₹00 एडवांस दिए गए थे। अब जांच में यह पता लगाने की भी कोशिश हो रही है कि पैसे किसने दिए, हमले की योजना किसने बनाई और आरोपियों कोकिसके निर्देश मिले थे। इस मामले में अनिल पंडित नाम के एक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक उसका संबंध लॉरेंस बिश्नोई