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टाइगर श्रॉफ पर हुए ह;म!ले को लेकर चश्मदीद ने बताया आंखों देखा सच,मचा चकचार!

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यह कल शाम 7:00 बजे के 7:00 बजे घटना घटी। अह टाइगर साहब जब अंदर से फुटबॉल खेल के आ रहे थे तब की घटना है। जैसे बाहर आए वहां पे कम से कम 50-60 लोग थे ब्लॉगर थे जो उनको कवर कर रहे थे। तो जैसे ही गाड़ी गेट के बाहर आई तो वहां से अचानक से आवाज आने लगी। हम लोग को लगा कि क्या मतलब पटाखे आखिर क्यों फूट रहे हैं? हमको ऐसा लगा कि पटाखे फूट रहे हैं। कुछ देर के बाद पता चला कि यहां गोली हो फायरिंग हो गई टाइगर शॉप के ऊपर। फिर एक ब्लॉगर थे मुख्य उमेश चौहान तो उनको भी लग गई।

तो वहां हम लोग उनको लेके कूपर हॉस्पिटल गए क्योंकि वो चिल्ला रहे थे कि मेरी वाइफ प्रेग्नेंट है। आठ से आठ महीने की प्रेग्नेंट है। मेरा उन लोग का क्या होगा? तो कहीं ना कहीं मैं और किशन राजभर करके है। उन लोग ने हमसे देखा नहीं गया। उनके साथी जो थे वो छोड़ के चले गए। हम लोग फिर उनको लेके गए। पहले बताया जा रहा था कि वो रिक्शा चालक है। नहीं नहीं वो रिक्शा चालक नहीं है। एक एक टाइगर शॉप का जो ड्राइवर है उनको लगा है और एक ये है। वो रिक्शे से हम लोग लेके गए थे। वो सबको लगा रह गया कि रिक्शे से गए हैं। उनको कौन से हॉस्पिटल में एडमिट किया हुआ? ऊपर हॉस्पिटल में से अभी शायद के में हॉस्पिटल में एडमिट किए। रात में के में ट्रांसफर किया। हां। जिस समय यह घटना हुई उस समय मैं वहीं पर मौजूद था पुष्पा पार्क में ही और हम जो है ब्लॉगिंग करते हैं छोटी-छोटी क्लिप बनाते हैं सोशल मीडिया पे डालते हैं और ये हमारा पार्ट टाइम काम है। वैसे तो हम मजदूरी दिहाड़ी करते हैं। बाकी संडे हर संडे जो है चले आते हैं अमिताभ बच्चन जी के बंगलो जलसों पे वीडियो शूट करते हैं और छोटी-छोटी वीडियो जो है हम शूट करते रहते हैं। तो उसके बाद जब हम संडे के दिन अमिताभ बच्चन जी की वीडियो शूट करके निकले उसके बाद हमने सोचा चलिए देखते हैं टाइगर सर आए हैं कि नहीं। तो हमें पता है कि टाइगर सर हर संडे आते हैं फुटबॉल खेलने जो कि पुष्पा पार्क में तो इसलिए हम सीधा वहीं पर पहुंच गए और पहुंच गए तो काफी टाइम वहां पे थे हम जब टाइगर सर फुटबॉल खेल रहे थे तो उस टाइम मैंने काफी वीडियो उनका शूट किया था और हम इंतजार करने लगे कि टाइगर सर जब बाहर निकलेंगे तो मिलेंगे क्योंकि टाइगर सर जब फुटबॉल खेल लेते हैं तो अपने फैन से एक बार जरूर मिलते हैं और हालचाल पूछते हैं हाथ भी मिलाते हैं बहुत अच्छे सेल्फी लेना है सेल्फी लो वीडियो शूट करना है वीडियो शूट करो तो वो सब मुलाकात हो गई फिर टाइगर सर जब निकलने वाले थे तो हमने सोचा चलो एक बार गाड़ी से निकलने एक छोटी सी क्लिप ले लेते हैं सोशल मीडिया पे डालने के लिए अपने पेज पे डालने के लिए अपने चैनल पे डालने के लिए तो हम चले गए गेट की तरफ गेट की तरफ हम चले गए और जिस साइड से निकल रहे थे जिस साइड टाइगर सराफ सर बैठे थे हम उसी टाइप जाके खड़े हो गए खड़े हो गए उसके बाद टाइगर सर की गाड़ी जो है गेट से थोड़ा सा बाहर निकली तब तक सामने से जो है फायर हुआ फायर हुआ तो उस समय ऐसा लगा कि जैसे मतलब कहीं पे पटाखे कोई फोड़ रहा है तो उस समय नहीं समझ में आया लेकिन एक बगल से लड़का था वो बगल से निकला और वह विंडो पे फायर करने की कोशिश कर रहा था। शायद उसने फायर भी किया था। तो उस टाइम जो है उस विंडो से जो है कांच टूटा तो कांच मेरे सर पे लगा। तो मैंने उसको जब ऐसे करके देखा और शीशे पे ध्यान से देखा तो वहां पे जो है गोलियों के निशान से तब जाके मुझे समझ में आया कि यहां पे क्या मैटर है। यहां पे तो गोलियां चल रही है। फिर मैं जोर से चिल्लाया कि भाई यहां पे गोलियां चल रही है। टाइगर सर को गोली लग गई है। उसके बाद वो सब हमलावर जो थे एक बाइक लेके पहले से खड़ा था। उसके बाद दो जो थे हमलावर जो गोली चला रहे थे। वो दोनों भी पीछे से भागे। बाइक पे बैठे और निकल लिए। और उसमें क्या है कि टाइगर सर का जो ड्राइवर था ड्राइवर जो जख्मी हुआ था तो टाइगर सर ने अंदर ही अंदर सीट बदली और उस ड्राइवर को लेके नानावाटी हॉस्पिटल चले गए और जस्ट रोड पार करके जैसे हम यहां पे आए तो देखे हमारा जो दोस्त था उमेश चौहान वो भी मतलब ऐसे पेट पकड़ के लटका हुआ था और बोल रहा था भाई मेरी सांसे नहीं चल रही है मुझे सांस लेने में बहुत तकलीफ हो रही है तो उस टाइम उसके शरीर से यहां से जो है ब्लड निकल रहा था तो मुझे लगा कि हो सकता है कि ऐसा मामला ला हुआ है। उसकी वजह से इसको घबराहट या बेचैनी हो गई होगी। फिर भी हम ऑटो रोक के उसको बिठा लिया। ऑटो में हॉस्पिटल की तरफ चल पड़े और रास्ते भर उसको दिलासा देते रहे। भाई तुझे कुछ हुआ नहीं है। क्योंकि वो बार-बार एक ही शब्द बोल रहा था कि मेरी वाइफ प्रेग्नेंट है 8 महीने की। मेरे बच्चों का क्या होगा अगर मुझे कुछ हो गया तो। उसके बाद उसको लेके गए वहां पे। उसके बाद तुरंत जाने के बाद वहां पे उसका ट्रीटमेंट जो है चालू हो गया। डॉक्टर ने तुरंत उसको जो जो ट्रीटमेंट किया उसको राहत हो गई। मैंने उससे बात किया उस टाइम वो बोला कि भाई अभी मैं ठीक हूं लेकिन बाद में जब और भी मतलब उसके चेकअप हुए तो उसके बाद पता चला कि इसके जो है गोली जो लगी है इसके लीवर को आरपार कर गई है। तो डॉक्टर ने बाद में मुझे बुलाया कि पूछ रहे थे कि अभी इनका ऑपरेशन करके एक पाइप डालना पड़ेगा जिससे इन्हें सांस लेने में तकलीफ ना हो। तो उसके बाद थोड़ा साइन वाइन चाहिए था तो उस समय मैंने किया क्योंकि उस समय कोई गार्डियन नहीं था और मैंने बोला चलो ठीक है कर देते हैं कि जिंदगी है उसकी उससे बढ़के कुछ नहीं है हमारे लिए तो हमने अपनी तरफ से कोशिश की उसके बाद जो है उसका ट्रीटमेंट चालू हुआ उसके बाद रात को हमें यहां पे जहू पुलिस चौकी पे लाया गया रात पूरी रात हम यहीं पे बैठे थे अभी 1:00 बजे तक यहीं पे बैठे थे तो यहां पे जो भी स्टेटमेंट लेना था सबको हमने दिया पूरी जानकारी देने के बाद अभी 1:00 बजे हमें यहां से छुट्टी मिली है। रात को 30 को कितने बजे पुलिस वाले को बुलाया? नहीं हॉस्पिटल में तो पुलिस वाले साथ में थे। सब मिलके साथ में काम करवा रहे थे क्योंकि मैं भी कोई इतना मतलब मुंबई में बहुत पुराना नहीं दो मंथ पहले आया हूं। तो इतनी नॉलेज नहीं थी। इस वजह से जो है पुलिस काफी सहयोग कर रही थी। जो भी करवाना है उसके साथ पेपर कितने घंटे आपको बिठाया था? मैं तो सर यहां रात से बैठा हूं। अब 11:00 बजे नॉर्मली पकड़ ली।

11:00 बजे से सुबह 1:00 बजे तक मैं अभी तक यहां थाने में ही बैठा था। अभी निकल रहा हूं। हां अभी निकल रहे हैं और साथ में एक मेरे साथ और मेरे दोस्त थे मेरे कहने पे आए थे अखिलेश राजभर नाम है उनका वो भी मेरे कहने पे यहां चले आए थे वो भी साथ में ही थे वो भी यहां साथ में ही मेरे थे अभी तक थे और यहीं कहीं होंगे तो आपके दोस्त को कौन से हॉस्पिटल में शिफ्ट किया अभी सर हॉस्पिटल का मुझे पता नहीं उसे कौन से हॉस्पिटल में ले गए क्योंकि मैं रात से जब वहां से उसको शिफ्ट किया

हॉस्पिटल में उसके बाद मैं यहां पे चला आया डॉक्टर पुलिस वालों ने बताया उनको शिफ्ट किया बताया था सर नाम मुझे याद नहीं आ रहा है। लेकिन उस टाइम मैं यहां पे चला आया। तब से हमारा किसी से कोई कांटेक्ट नहीं हुआ और किसी से कोई बातचीत नहीं हुई। यहीं पे जो हमसे पूछ रहे हैं हम उसका जवाब दे रहे हैं।

जैसे पूछा गया क्यों आए? कब आए? हमने सब कुछ बताया कि हम छोटा-मोटा ब्लॉगर हैं। भाई छोटे-मोटे ब्लॉगर हैं। छोटी-मोटी वीडियो शूट करते हैं और संडे-संडे आते रहते हैं। तो सारी जानकारी हमने जो है पुलिस को बता दी है। उसके बाद अभी हमें 1:00 बजे यहां से छुट्टी मिली है। तो अब हम घर जाएंगे।

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